देहरादून, 15 अक्टूबर 2026।
अंकिता भंडारी हत्याकांड की जांच और न्यायिक कार्रवाई को लेकर उत्तराखंड पुलिस ने अपना पक्ष विस्तार से रखा है। अपर पुलिस महानिदेशक (अपराध एवं कानून व्यवस्था) डॉ. वी. मुरुगेशन ने गुरुवार को पुलिस मुख्यालय, देहरादून में आयोजित प्रेस वार्ता में बताया कि मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीनों अभियुक्तों को गिरफ्तार किया और एसआईटी ने महज 88 दिनों में जांच पूरी कर आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया।
डॉ. मुरुगेशन के अनुसार, वर्ष 2022 में ऋषिकेश के निकट वनंतरा रिजॉर्ट में कार्यरत अंकिता भंडारी की हत्या के मामले में घटना सामने आने के 24 घंटे के भीतर तीनों अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया गया था। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित किया गया, जिसकी अध्यक्षता डीआईजी स्तर की महिला आईपीएस अधिकारी ने की।
उन्होंने बताया कि एसआईटी ने डिजिटल, तकनीकी, फॉरेंसिक और भौतिक साक्ष्यों के साथ गवाहों के बयान एवं अन्य महत्वपूर्ण तथ्यों का गहन विश्लेषण किया। जांच पूरी होने के बाद करीब 500 पृष्ठों का विस्तृत आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया गया।
30 मई 2025 को आया अहम फैसला
डॉ. मुरुगेशन ने बताया कि अभियोजन पक्ष की पैरवी और प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर 30 मई 2025 को कोटद्वार स्थित अपर जिला एवं सत्र न्यायालय ने पुलकित आर्य, सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता को दोषी करार देते हुए आजीवन कठोर कारावास की सजा सुनाई। पुलिस के अनुसार, तीनों दोषी वर्तमान में जेल में सजा काट रहे हैं।
प्रेस वार्ता में पुलिस ने मामले की जांच, साक्ष्य संकलन और न्यायालय में हुई कार्रवाई का विवरण साझा किया। अंकिता भंडारी हत्याकांड उत्तराखंड के सबसे संवेदनशील और चर्चित आपराधिक मामलों में शामिल रहा है।