शर्मसार खबर – मां की शिकायत पर पॉक्सो एक्ट और बीएनएस की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज, चंद घंटों में आरोपी को पुलिस ने लिया हिरासत में…
बहादराबाद, 1 नवंबर 2026।
हरिद्वार जिले के बहादराबाद कोतवाली क्षेत्र से एक बेहद गंभीर और संवेदनशील मामला सामने आया है। यहां एक महिला ने अपने ही पति पर 16 वर्षीय नाबालिग बेटी के साथ पिछले लगभग एक वर्ष से अश्लील एवं आपत्तिजनक हरकतें करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए बहादराबाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी पिता के खिलाफ पॉक्सो एक्ट और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसे चंद घंटों के भीतर हिरासत में ले लिया।
मां की शिकायत में सामने आए गंभीर आरोप
जानकारी के अनुसार, 31 अक्टूबर 2026 को एक महिला ने कोतवाली बहादराबाद पहुंचकर अपने पति के विरुद्ध शिकायत दर्ज कराई। महिला का आरोप है कि उसका पति पिछले करीब एक वर्ष से अपनी 16 वर्षीय नाबालिग पुत्री के साथ अश्लील एवं आपत्तिजनक हरकतें कर रहा था।
महिला ने यह भी आरोप लगाया कि उसका पति उसके और बच्चों के साथ आए दिन गाली-गलौज तथा मारपीट करता था। कई बार समझाने और विरोध करने के बावजूद आरोपी के व्यवहार में कोई सुधार नहीं हुआ। शिकायत के अनुसार, इन घटनाओं के कारण नाबालिग बालिका भय और मानसिक पीड़ा में रहने लगी थी।
एसएसपी के निर्देश पर पुलिस की त्वरित कार्रवाई
मामले की गंभीरता और नाबालिग बालिका की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार के निर्देश पर बहादराबाद पुलिस तत्काल सक्रिय हुई।
मुकदमा दर्ज होने के बाद विवेचक के नेतृत्व में पुलिस टीम ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए उसके किराये के मकान पर दबिश दी। पुलिस के अनुसार, आरोपी घर पर ही मौजूद मिला। उसे दर्ज मुकदमे की जानकारी देते हुए नियमानुसार हिरासत में ले लिया गया। पुलिस द्वारा मामले में आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस टीम
इस कार्रवाई में बहादराबाद पुलिस टीम में उपनिरीक्षक ज्योति नेगी, कांस्टेबल अरुण चमोली, कांस्टेबल बलवन्त सिंह शामिल रहे ।
नाबालिगों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल
यह मामला न केवल बाल सुरक्षा की दृष्टि से बेहद संवेदनशील है, बल्कि परिवार के भीतर बच्चों की सुरक्षा और उनके प्रति होने वाले कथित अपराधों को लेकर भी गंभीर चिंता पैदा करता है।
फिलहाल आरोपी के विरुद्ध लगाए गए आरोपों की जांच और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। आरोपों की सत्यता का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया के तहत होगा।