हरिद्वार, 27 जून।
भारतीय कला, संस्कृति एवं आध्यात्मिक परंपराओं को वैश्विक मंच प्रदान करने के उद्देश्य से “श्री शिव गंगा उत्सव–सीजन 2” अंतरराष्ट्रीय कला महोत्सव एवं प्रतियोगिता का आयोजन 27 एवं 28 जून 2026 को गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय ऑडिटोरियम, हरिद्वार में किया जाएगा।
यह दो दिवसीय भव्य सांस्कृतिक आयोजन श्रीनृत्यांजलि–ए सेंटर ऑफ ग्लोबल इंडियन आर्ट एंड कल्चर (नई दिल्ली) द्वारा गिविंग हैंड्स वेलफेयर फाउंडेशन, दिल्ली के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है।
महोत्सव में देश के विभिन्न राज्यों तथा विदेशों से आए कलाकार भारतीय शास्त्रीय नृत्य, लोकनृत्य, संगीत, चित्रकला एवं अन्य दृश्य कलाओं की आकर्षक प्रस्तुतियां देंगे। आयोजन का मुख्य उद्देश्य युवा प्रतिभाओं को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मंच उपलब्ध कराना तथा भारतीय सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाना है।
कार्यक्रम में क्षेत्र के अनेक गणमान्य अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति रहेगी। प्रमुख अतिथियों में विधायक आदेश चौहान, गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय की कुलसचिव डॉ. प्रतिमा मेहता लुथरा, प्रख्यात कथक नृत्यांगना एवं सांस्कृतिक दूत पूजा शर्मा रेखा, तथा भारतनाट्यम गुरु एवं सुनैना फाउंडेशन के संस्थापक डॉ कंका सुधाकर शामिल हैं। इनके अतिरिक्त कला, शिक्षा और संस्कृति जगत से जुड़े कई विशिष्ट व्यक्तित्व भी कार्यक्रम की शोभा बढ़ाएंगे।
महोत्सव में देश के विभिन्न राज्यों (जैसे नेपाल, बांग्लादेश आदि ) से आए कलाकार भारतीय शास्त्रीय नृत्य, लोकनृत्य, संगीत, चित्रकला एवं अन्य दृश्य कलाओं की आकर्षक प्रस्तुतियां देंगे। जिसमे बच्चो के साथ-साथ फीमेल मॉम्स तथा सीनियर सिटीजन (62 -65 उम्र ) तक के सभी कलाकार मौजूद रहेंगे।
आयोजन का मुख्य उद्देश्य बच्चो,युवा व बुजुर्गो की प्रतिभाओं को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मंच उपलब्ध कराना तथा भारतीय सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाना है।
फेस्टिवल डायरेक्टर डॉ. सुमिता दत्ता राय ने बताया कि “श्री शिव गंगा उत्सव केवल एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, कला और आध्यात्मिक चेतना का उत्सव है, जो कलाकारों को एक साझा मंच पर जोड़ने का कार्य करता है।” वहीं आयोजक संदीप राय ने कला प्रेमियों एवं नागरिकों से कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में सहभागिता कर कलाकारों का उत्साहवर्धन करने की अपील की।
आयोजकों के अनुसार, हरिद्वार की पावन भूमि पर आयोजित यह महोत्सव कला, संस्कृति और संस्कारों के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का एक महत्वपूर्ण प्रयास सिद्ध होगा। यह आयोजन भारतीय सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण और संवर्धन की दिशा में भी एक सार्थक पहल माना जा रहा है।
कार्यक्रम विवरण
तिथि: 27 एवं 28 जून 2026
समय: प्रातः 10:00 बजे से सांयकालीन तक
स्थान: गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय ऑडिटोरियम, हरिद्वार
“जहां कला है, वहीं संस्कृति है; और जहां संस्कृति है, वहीं राष्ट्र की आत्मा है।”