हरिद्वार/ऋषिकेश, 7 जुलाई।
उत्तराखंड राज्य आपदा प्रतिवादन बल (एसडीआरएफ) का गंगा नदी में लापता लोगों की तलाश के लिए सर्च अभियान लगातार जारी है। एक ओर एसडीआरएफ की टीमें कई दिनों से गंगा में लापता तीन युवकों की खोज में राफ्ट और आधुनिक रेस्क्यू उपकरणों के साथ दिन-रात अभियान चला रही हैं, वहीं दूसरी ओर ऋषिकेश के त्रिवेणी घाट पर तेज बहाव में बह रहे एक युवक को समय रहते सुरक्षित बाहर निकालकर उसकी जान बचा ली गई।
एसडीआरएफ के अनुसार, कुछ दिन पूर्व सिंगटाली पुल के पास गंगा नदी में डूबे दो युवकों तथा 05 जुलाई 2026 को सिरसू पुल के पास गंगा में लापता हुए मेरठ निवासी सार्थक की तलाश के लिए अभियान लगातार जारी है। एसडीआरएफ की टीमें घटना स्थल से लेकर डाउनस्ट्रीम के सभी संभावित स्थानों पर राफ्ट एवं आधुनिक खोज एवं बचाव उपकरणों की सहायता से व्यापक सर्च ऑपरेशन चला रही हैं। हालांकि गहन खोजबीन के बावजूद अभी तक लापता युवकों का कोई सुराग नहीं मिल पाया है। एसडीआरएफ ने बताया कि अभियान तब तक जारी रहेगा, जब तक लापता लोगों का पता नहीं चल जाता।
इसी बीच सोमवार को ऋषिकेश के त्रिवेणी घाट पर एक बड़ा हादसा टल गया। स्नान के दौरान 25 वर्षीय नमित कुमार अचानक संतुलन खो बैठा और गंगा के तेज बहाव में बहने लगा। घाट पर पहले से तैनात एसडीआरएफ, आपदा राहत दल एवं जल पुलिस के जवानों ने तत्काल सक्रियता दिखाते हुए रेस्क्यू अभियान चलाया और युवक को सकुशल बाहर निकाल लिया।
रेस्क्यू किए गए युवक की पहचान नमित कुमार (25 वर्ष) पुत्र सुरेश कुमार, निवासी ग्राम मलपुर नगर, थाना छजलैट, तहसील कांठ, जनपद मुरादाबाद (उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई है। समय पर किए गए रेस्क्यू के चलते उसकी जान बच गई।
एसडीआरएफ उत्तराखंड ने आमजन और श्रद्धालुओं से अपील की है कि गंगा नदी में स्नान करते समय पूरी सावधानी बरतें। तेज बहाव और गहरे पानी वाले क्षेत्रों में जाने से बचें तथा प्रशासन और पुलिस द्वारा जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करें, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचा जा सके।