हरिद्वार, 18 जुलाई 2026।
ज्वालापुर स्थित रामनगर कॉलोनी के श्री राधा रासिक बिहारी मंदिर में शुक्रवार को श्री अखंड परशुराम अखाड़े की ओर से एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में संत-महंत, धर्माचार्य, समाजसेवी और बड़ी संख्या में सनातन समाज के लोग शामिल हुए। बैठक में धार्मिक और सामाजिक विषयों पर चर्चा के साथ मथुरा स्थित श्रीकृष्ण जन्मभूमि को लेकर अहम निर्णय लिया गया।
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि सावन माह समाप्त होने के बाद अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद एवं मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्रपुरी महाराज के नेतृत्व में संतों और सनातन समाज का एक प्रतिनिधिमंडल मथुरा के लिए प्रस्थान करेगा। इस दौरान भगवान श्रीकृष्ण के भव्य और दिव्य मंदिर निर्माण के समर्थन में कार सेवा करने का संकल्प भी लिया जाएगा।
श्री अखंड परशुराम अखाड़े के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंडित अधीर कौशिक ने कहा कि जिस प्रकार अयोध्या में करोड़ों रामभक्तों और कार सेवकों के अथक प्रयासों से प्रभु श्रीराम का भव्य मंदिर बना, उसी तरह अब समय आ गया है कि सभी सनातनी एकजुट होकर भगवान श्रीकृष्ण की जन्मभूमि पर भव्य मंदिर निर्माण के लिए आगे आएं। उन्होंने कहा कि यह केवल एक धार्मिक अभियान नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति और आस्था के सम्मान का विषय है।
भागवताचार्य पंडित पवन कृष्ण शास्त्री ने कहा कि वर्तमान समय में मठ-मंदिरों और सनातन परंपराओं की रक्षा के लिए समाज को संगठित होना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जब तक सनातन समाज एकजुट होकर अपनी आस्था के मुद्दों पर खड़ा नहीं होगा, तब तक ऐसे धार्मिक उद्देश्यों को गति देना कठिन होगा।
स्वामी कार्तिक गिरी महाराज ने कहा कि प्रत्येक सनातनी को धर्म और संस्कृति की रक्षा के लिए सदैव तैयार रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि समय आने पर सभी श्रद्धालु मथुरा के लिए प्रस्थान करेंगे और श्रीकृष्ण जन्मभूमि के लिए चलाए जाने वाले अभियान में अपनी सहभागिता निभाएंगे।
बैठक में आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा पर भी चर्चा की गई तथा अधिक से अधिक लोगों को इस अभियान से जोड़ने का आह्वान किया गया। कार्यक्रम में आचार्य विष्णु प्रसाद शास्त्री, आचार्य संजय शास्त्री, कुलदीप शर्मा, विष्णु गोड, रोहित गिरी, ऋषि शर्मा, शीतल प्रसाद उपाध्याय, पंडित आदित्य जगूड़ी, अमित भारद्वाज, डॉ. प्रवीण चौबे, डॉ. दिनेश बाली सहित अनेक संत, धर्माचार्य एवं समाजसेवी उपस्थित रहे।