युवा पीढ़ी को जड़ों, संस्कृति और सनातन परंपराओं से जोड़ना समय की सबसे बड़ी जरूरत: श्रीमहंत रविंद्रपुरी…
कांवड़ सेवा शिविर में सनातन एकता, धर्म रक्षा और सामाजिक जागरण का लिया संकल्प…
हरिद्वार, 9 अगस्त।
अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद एवं मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष श्रीमहंत डा. रविंद्रपुरी महाराज के संयोजन में चरण पादुका मंदिर में आयोजित कांवड़ सेवा शिविर रविवार को सनातन एकता, धर्म रक्षा और सामाजिक जागरण के संकल्प का केंद्र बना। इस दौरान श्री अखंड परशुराम अखाड़े के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने सनातन समाज को एकजुट करने तथा सामाजिक कुरीतियों और बुराइयों के खिलाफ संघर्ष को और मजबूत करने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम के दौरान अखाड़ा परिषद अध्यक्ष श्रीमहंत डा. रविंद्रपुरी महाराज ने श्री अखंड परशुराम अखाड़े के सदस्यों को रुद्राक्ष की माला पहनाकर एवं ‘श्री स्कंद सुधा’ पुस्तक भेंट कर आशीर्वाद प्रदान किया। उन्होंने कहा कि आज के दौर में युवा पीढ़ी को अपनी जड़ों, संस्कृति और सनातन परंपराओं से जोड़ना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। आधुनिकता के साथ अपनी संस्कृति और संस्कारों को सुरक्षित रखना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।

श्रीमहंत रविंद्रपुरी महाराज ने कहा कि श्री अखंड परशुराम अखाड़े द्वारा बच्चों और युवाओं को निःशुल्क शस्त्र एवं शास्त्र शिक्षा प्रदान कर उन्हें संस्कार, अनुशासन, आत्मविश्वास और भारतीय संस्कृति से जोड़ने का सराहनीय कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शास्त्र मनुष्य को ज्ञान और विवेक प्रदान करता है, जबकि शस्त्र आत्मरक्षा तथा अन्याय के सामने मजबूती से खड़े होने का साहस देता है। दोनों का संतुलित ज्ञान युवाओं के व्यक्तित्व निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
अखाड़े के सचिव श्रीमहंत रामरतन गिरी ने भी श्री अखंड परशुराम अखाड़े के पदाधिकारियों एवं सदस्यों को आशीर्वाद प्रदान किया। उन्होंने भगवान परशुराम के नाम पर स्थापित अखाड़े द्वारा समाजहित में किए जा रहे कार्यों की सराहना की। बेटियों को शस्त्र एवं आत्मरक्षा का प्रशिक्षण दिए जाने के अभियान की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में बेटियों को शिक्षा के साथ आत्मरक्षा का ज्ञान भी दिया जाना जरूरी है। आत्मरक्षा और आत्मविश्वास का प्रशिक्षण विपरीत परिस्थितियों में उनके लिए सुरक्षा कवच का काम कर सकता है।
इस अवसर पर श्री अखंड परशुराम अखाड़े के अध्यक्ष पंडित अधीर कौशिक ने कहा कि अखाड़ा सामाजिक कुरीतियों और बुराइयों के खिलाफ लगातार आवाज उठाता रहेगा। उन्होंने घोषणा की कि जब भी परशुराम सेना की आवश्यकता होगी, अखाड़े का प्रत्येक कार्यकर्ता श्रीमहंत रविंद्रपुरी महाराज के निर्देशानुसार धर्म, समाज और राष्ट्रहित में अपनी भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि अखाड़ा प्रत्येक सनातनी के साथ खड़ा रहेगा और समाज में एकता, भाईचारे तथा सकारात्मक सोच को मजबूत करने के लिए निरंतर कार्य करता रहेगा।
कथा व्यास पंडित पवन कृष्ण शास्त्री ने कहा कि सनातन एकता के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि श्री अखंड परशुराम अखाड़ा सभी सनातनियों को एक सूत्र में जोड़ने और समाज में आपसी भाईचारा मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। युवाओं को संस्कार और संस्कृति से जोड़ने के ऐसे प्रयास आने वाली पीढ़ियों के लिए भी मार्गदर्शक साबित होंगे।
कांवड़ सेवा शिविर में धर्म, संस्कृति, युवा संस्कार, आत्मरक्षा और सामाजिक जागरण जैसे विषयों पर विशेष जोर दिया गया। कार्यक्रम में कुलदीप शर्मा, स्वामी कार्तिक महाराज, श्री रुद्रानंद महाराज, पंडित विष्णु प्रसाद शास्त्री, आचार्य शिव नारायण शर्मा, अमित भारद्वाज, विष्णु गौड़, बृजमोहन शर्मा, संजय शास्त्री, दिनेश बाली, पंडित आदित्य जगूड़ी, उदयमणि, दीपक ओझा, पंडित विश्वास, आचार्य चूड़ामणि, मनोज ठाकुर, ऋषि शर्मा सहित श्री अखंड परशुराम अखाड़े के अनेक पदाधिकारी एवं सदस्य मौजूद रहे।