देहरादून, 11 जुलाई।
उत्तराखंड में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो चुका है। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से प्रदेश के पर्वतीय और मैदानी दोनों क्षेत्रों में जनजीवन प्रभावित हो गया है। कई जिलों में नदियां उफान पर हैं, सड़कें बंद हैं और भूस्खलन की घटनाओं के चलते यातायात बाधित हो रहा है। मौसम विभाग ने शनिवार को भी प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी करते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।
इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार शनिवार को देहरादून, पौड़ी गढ़वाल, पिथौरागढ़, ऊधम सिंह नगर, चंपावत, नैनीताल और बागेश्वर जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश होने की संभावना है। पर्वतीय क्षेत्रों में तेज बारिश, आकाशीय बिजली और बारिश के तीव्र दौर की चेतावनी जारी की गई है।
कुमाऊं मंडल के अधिकांश जिलों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक की संभावना जताई गई है, जबकि गढ़वाल मंडल में भी रुक-रुक कर बारिश और तेज बौछारें पड़ने का अनुमान है। हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर में भी बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
प्रदेशभर में 173 सड़कें बंद
लगातार बारिश और भूस्खलन के कारण उत्तराखंड में कुल 173 सड़कें बंद हो गई हैं। लोक निर्माण विभाग (PWD) के अनुसार सबसे अधिक प्रभावित जिलों में पौड़ी गढ़वाल की 27 और देहरादून की 23 सड़कें शामिल हैं, जहां मलबा आने से यातायात पूरी तरह ठप हो गया है। विभाग की टीमें लगातार सड़कों से मलबा हटाकर यातायात बहाल करने में जुटी हुई हैं।
भागीरथी, अलकनंदा और मंदाकिनी का जलस्तर बढ़ा
उत्तरकाशी के हर्षिल क्षेत्र में लगातार बारिश के चलते भागीरथी (गंगा) नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। वहीं रुद्रप्रयाग में अलकनंदा और मंदाकिनी नदियां उफान पर बह रही हैं। नदी किनारे बसे गांवों और आबादी वाले क्षेत्रों में प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है और लोगों से नदी किनारे जाने से बचने की अपील की है।
यमुनोत्री हाईवे का हिस्सा बहा, 1000 यात्री सुरक्षित निकाले गए
उत्तरकाशी के स्यानाचट्टी में शुक्रवार को भारी बारिश के कारण यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग का लगभग 100 मीटर हिस्सा बह गया, जिससे करीब 1000 श्रद्धालु और यात्री लगभग 27 घंटे तक फंस गए।
प्रशासन, पुलिस, SDRF और अन्य बचाव एजेंसियों ने संयुक्त अभियान चलाकर सभी यात्रियों को पैदल मार्ग से सुरक्षित बाहर निकाल लिया। अधिकारियों के अनुसार हाईवे को दोबारा सुचारु करने में लगभग दो दिन का समय लग सकता है। इसके अलावा गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग भी कई स्थानों पर भूस्खलन से प्रभावित है।
कोसी नदी उफान पर, दुकानों में घुसा पानी
नैनीताल जिले के रामनगर में कोसी नदी का जलस्तर बढ़ने से गर्जिया देवी मंदिर के समीप स्थित प्रसाद की दुकानों में पानी भर गया। हालांकि दुकानदारों ने समय रहते अपना सामान सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया, जिससे बड़ा नुकसान टल गया।
बारिश के बीच कई रेस्क्यू ऑपरेशन
लगातार हो रही बारिश के बीच प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में कई रेस्क्यू अभियान भी चलाए गए।
- ऋषिकेश में बीन नदी के तेज बहाव में फंसे एक स्कूटी सवार को स्थानीय ग्रामीणों ने सुरक्षित बचा लिया।
- हरिद्वार के बैरागी कैंप क्षेत्र में गंगा किनारे स्टंट के दौरान एक थार वाहन नदी में जा गिरा। स्थानीय लोगों की मदद से दोनों सवारों को सुरक्षित * बाहर निकाल लिया गया। पुलिस ने वाहन को कब्जे में लेकर सीज कर दिया है।
- नैनीताल हाईकोर्ट के पास पेड़ गिरने से दो राहगीर घायल हो गए। SDRF, पुलिस और फायर सर्विस की टीम ने तत्काल रेस्क्यू कर दोनों घायलों को अस्पताल पहुंचाया।
IIT रुड़की परिसर में जलभराव, छात्रों ने चलाई नाव
लगातार बारिश के कारण IIT रुड़की परिसर में भी जलभराव की स्थिति बन गई। कैंपस की सड़कों पर इतना पानी भर गया कि छात्रों ने नाव चलाकर बोटिंग की। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोग इसे मानसून की गंभीर स्थिति का उदाहरण बता रहे हैं।
अगले तीन दिनों का मौसम पूर्वानुमान
12 जुलाई: प्रदेश के विभिन्न जिलों में हल्की से मध्यम बारिश, गरज-चमक और तेज बौछारों की संभावना।
13 जुलाई: अधिकांश जिलों में कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक का दौर जारी रह सकता है।
14 जुलाई: पूरे प्रदेश में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कई क्षेत्रों में तेज बारिश और बौछारें पड़ने की संभावना है।
प्रशासन की अपील
राज्य प्रशासन ने नागरिकों और यात्रियों से अपील की है कि अनावश्यक यात्रा से बचें, नदी-नालों और पहाड़ी ढलानों के आसपास न जाएं तथा मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी एडवाइजरी का पालन करें। विशेष रूप से पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन की आशंका को देखते हुए अत्यधिक सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। यात्रियों से चारधाम यात्रा पर निकलने से पहले मार्ग और मौसम की ताजा जानकारी अवश्य लेने को कहा गया है।