हरिद्वार,19 जुलाई।
हरिद्वार से मानवता को शर्मसार करने वाला मामला
उत्तराखंड के हरिद्वार जिले के कनखल थाना क्षेत्र से मानवता को झकझोर देने वाली एक बेहद शर्मनाक घटना सामने आई है। आरोप है कि हरियाणा से अपनी महिला मित्र से मिलने आए एक युवक को कुछ लोगों ने “लव जिहाद” का आरोप लगाते हुए बेरहमी से पीटा, उसके गले में कुत्ते का पट्टा डाल दिया और उसे सड़क किनारे एक खंभे से बांध दिया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पूरे मामले ने तूल पकड़ लिया है।
हरियाणा से दोस्त से मिलने आया था युवक
जानकारी के अनुसार, युवक की पहचान हरियाणा के करनाल निवासी शादाब के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि वह शनिवार को अपनी परिचित युवती से मिलने गणपति धाम क्षेत्र स्थित उसके घर पहुंचा था। दोनों अलग-अलग समुदाय से हैं और कई वर्षों से एक-दूसरे को जानते हैं।
इसी दौरान कुछ लोगों को युवक के वहां होने की जानकारी मिली। आरोप है कि मौके पर पहुंचे लोगों ने युवक पर लव-जिहाद का आरोप लगाया और बिना किसी कानूनी प्रक्रिया के उसके साथ मारपीट शुरू कर दी।
गले में डाला कुत्ते का पट्टा, खंभे से बांधा
प्रत्यक्षदर्शियों और सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के आधार पर आरोप है कि हमलावरों ने युवक को बेरहमी से पीटा। इसके बाद उसके गले में कुत्ते का पट्टा डालकर उसे सड़क किनारे एक खंभे से बांध दिया गया। मारपीट में युवक गंभीर रूप से घायल हो गया और उसके सिर पर गंभीर चोट आने की बात सामने आई है।
घटना के दौरान मौके पर बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए। वीडियो में युवक को मदद की गुहार लगाते हुए भी देखा और सुना जा सकता है, लेकिन भीड़ में मौजूद अधिकांश लोग तमाशबीन बने रहे।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर बचाया
घटना की सूचना मिलते ही कनखल थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घायल युवक को भीड़ से सुरक्षित बाहर निकाला। पुलिस उसे थाने लेकर गई, जहां उसका प्राथमिक उपचार कराया गया और मेडिकल परीक्षण भी कराया गया।
युवती की शिकायत पर मुकदमा दर्ज
पुलिस ने पीड़ित युवती की शिकायत के आधार पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस जांच में जुट गई है।
सीसीटीवी और वायरल वीडियो की जांच
कनखल थाने के एसएसआई अनुज सिंह ने बताया कि घटना के वायरल वीडियो और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। आरोपियों की पहचान की जा रही है और उनकी गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई जारी है। पुलिस का कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
कानून हाथ में लेने पर गंभीर सवाल
यह घटना एक बार फिर भीड़ द्वारा कानून हाथ में लेने की प्रवृत्ति पर गंभीर सवाल खड़े करती है। किसी भी व्यक्ति पर संदेह या आरोप लगने का अर्थ यह नहीं है कि भीड़ उसे स्वयं सजा देने लगे। किसी भी आरोप की जांच करना और दोष तय करना केवल पुलिस और न्यायपालिका का अधिकार है। कानून के शासन वाले लोकतंत्र में हिंसा और भीड़तंत्र की कोई जगह नहीं है।
फिलहाल पुलिस जांच जारी
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। वायरल वीडियो, सीसीटीवी फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।