सहदेवपुर व भारापुर भौंरी के किसानों में रोह नदी को लेकर विवाद

बहादराबाद।
पतंजलि योगपीठ फेस -1 से पूर्व दिशा की आेर सहदेवपुर मार्ग पर स्थित एक रोह नदी भी रास्ते के बीच में पड$ती है। कई वर्षों से यह नदी भारापुर भौरी के जंगलों की आेर जाती है। भारापुर भौरी के किसानों का यह आरोप है कि इस रोह नदी की वजह से हमारे खेतों की फसले बर्बाद हो जाती है। जिससे कि हम किसान लोग काफी परेशान हैं, इसलिए हमने इस रोह नदी की दिशा सहदेवपुर की आेर कर दी है।
वहीं दूसरी तरफ सहदेवपुर के किसानों ने इस रोह नदी के पानी को लेकर विरोध किया। उन्होंने कहा कि जब यह नदी भारापुर भौरी के जंगल की ओर कई वर्षों से चल रही है, लेकिन अब इस नदी को अचानक सहदेवपुर की ओर क्यों प्रवाह किया जा रहा है। इससे हमारे खेतों की भी तो फसल बर्बाद होगी। हम भी तो किसान लोग हैं आखिर किसकी मिली भगत से इस कार्य को किया जा रहा है। इस बात की सूचना मिलते ही रुड़की तहसीलदार दयाराम भी अपनी प्रशासनिक टीम के साथ मौके पर पहुंचे। जब पत्रकारों ने तहसीलदार से इस बारे में बात की और कहा कि इस कार्य की जानकारी लिखित रूप में प्रशासन के पास है क्या तहसीलदार ने साफ तौर पर मना कर दिया है कि इसकी जानकारी लिखित रूप में प्रशासन के पास नहीं है। मिली जानकारी के अनुसार इस कार्य में संरक्षण एक बड़े कालोनाइजर का है। जिसके इशारे पर यह सारा कार्य किया जा रहा है। इसी कालोनाइजर ने सैकड़ों बीघा से भी ज्यादा भूमि इसी रोह नदी से लगाती हुई खरीदी है। इसी कारण से इस रोह नदी का पानी सर दर्द बना हुआ है। इस कार्य में सिंचाई विभाग की भूमि को भी खुर्द किया गया है। जिसकी जानकारी सिंचाई विभाग के पास भी नहीं है ना कोई इस कार्य के लिए एनआेसी ली गई है। अब देखने वाली बात यह होगी कि प्रशासन इस पर कोई कार्यवाही कर पाता है या फिर किसी के दबाव के चलते मौन बना रहेगा।

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