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भीमताल विधानसभा के अंतर्गत किसानों को उनकी अपनी उत्पादन फल-फसल एवं साग-सब्जी का समुचित बाजार लाभ नहीं मिल पा रहा है, रामगढ, ओखलकाण्डा, धारी एवं भीमताल ब्लाक के किसानों को अपनी फल-फसल को बेचने दूर हल्द्वानी मंडी जाना पड़ता है जिस कारण किसानों को लागत का पूर्ण लाभ नहीं मिलता है,

पिछले दो दशक से भीमताल विधानसभा एवं उसके आस-पास के क्षेत्रों के किसानों की पीड़ा को देखते हुए बार-बार शासन-प्रशासन से जमीन चयन कर धारी एवं भीमताल में एक-एक उप मंडी खोलने माँग की जा रही है किन्तु किसानों की इस माँग की ओर इन 20 सालों में अब तक प्रशासन द्वारा कोई ठोस पहल नहीं की गयी जिसके कारण पहाड़ का किसान परेशान एवं चिंतित हैं, भीमताल वि.क्षे. के सामाजिक कार्यकर्ता पूरन चंद्र बृजवासी बताते हैं कि भीमताल विधानसभा में उप मंडी एवं बड़ा बाजार नहीं होने से ओखलकाण्डा, धारी, रामगढ एवं भीमताल के छोटे-बड़े किसानों को अपनी उत्पादित फसल-फल पट्टी का पूर्ण लाभ नहीं मिलता है उनकी अधिकांश फल-फसल सड़-गल जा रही है,

किसानों की लागत मूल्य का भी उन्हें सही-सही लाभ नहीं मिल पा रहा है जिससे पहाड़ के किसानों के लिए दैनीय स्थिति बनी पड़ी रहती है, बृजवासी ने पुनः शासन-प्रशासन से खेती किसानी को बढ़ावा एवं भीमताल विधानसभा के किसानों को समुचित बाजार लाभ दिलाने के लिए धारी एवं भीमताल में शीघ्र एक-एक उप मंडी बनाये जाने की मांग की है

By Sandeep Pandey

लेखक covid 19 को 8 मार्च से लगातार कवर कर रहा है और इसपर बारीकी से नज़र बनाये हुए है। इसके साथ ही क्षेत्र की विभिन्न सामाजिक, राजनीतिक और आपराधिक मामलों पर 2015 से लिख रहे है। इसके साथ ही पर्यावरण और उत्तराखंड में रोजगार के विषय पर 2007 से कार्य कर रहे है।

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