गुरु-शिष्य परम्परा भारतीय संस्कृति की आधारशिला है : आदेश चौहान…
संगीत, गायन और शास्त्रीय नृत्य की प्रस्तुतियों ने बांधा समां, विभिन्न विधाओं के 13 कलागुरु सम्मानित

हरिद्वार, 11 अगस्त।
संस्कार भारती हरिद्वार महानगर इकाई की ओर से खेल एवं सांस्कृतिक महासंघ के सहयोग से भेल सेक्टर-दो स्थित सरस्वती विद्या मंदिर के माधव विशाल सभागार में भव्य नटराज पूजन एवं कला गुरुजन सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। भारतीय संस्कृति, कला और गुरु-शिष्य परम्परा को समर्पित इस कार्यक्रम में संगीत, गायन और शास्त्रीय नृत्य की मनमोहक प्रस्तुतियों ने देर शाम तक दर्शकों को मंत्रमुग्ध किए रखा।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रानीपुर विधायक आदेश चौहान ने कहा कि गुरु-शिष्य परम्परा भारतीय संस्कृति की आधारशिला है। उन्होंने कहा कि देश की संस्कृति और परम्पराओं का संरक्षण, संवर्धन एवं सम्मान करना हम सभी का दायित्व है। हमारी पहचान आज भी हमारी संस्कृति, संस्कारों और परम्पराओं से होती है। ऐसे आयोजनों के माध्यम से नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य किया जा रहा है।

आदेश चौहान ने संस्कार भारती की हरिद्वार महानगर इकाई के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि संस्था पिछले चार-पांच वर्षों से संस्कृति, संस्कार, कला और साहित्य के क्षेत्र में लगातार उल्लेखनीय कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि समाज में कला और संस्कृति के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए ऐसे आयोजन बेहद आवश्यक हैं।

विशिष्ट अतिथि अध्यात्म चेतना संघ के संस्थापक एवं कथाव्यास आचार्य करुणेश मिश्र ने कहा कि आज के समय में केवल प्रगति ही नहीं, बल्कि सद्गति की भी आवश्यकता है। भारतीय परम्पराएं सदैव अपने से बड़ों के सम्मान, आदर और संस्कारों का संदेश देती रही हैं। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी को संस्कारों और भारतीय संस्कृति से जोड़ना समय की महत्वपूर्ण आवश्यकता है।

कार्यक्रम को भेल के पूर्व अपर महाप्रबंधक संजय पंवार एवं पराग गुप्ता ने भी संबोधित किया।

नटराज पूजन से हुआ सांस्कृतिक संध्या का शुभारंभ
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन, नटराज पूजन एवं डॉ. श्वेता सरन के ध्येय गीत से हुआ। इसके बाद विभिन्न कलाकारों ने अपनी शानदार प्रस्तुतियों से सभागार में भारतीय संस्कृति और देशभक्ति के रंग बिखेर दिए।
कवि अरुण कुमार पाठक ने संगीतमय गुरु वंदना प्रस्तुत की। शीना भटनागर ने ‘मेरे वतन के लोगों’, श्वेता सरन एवं निपुण जिंदल ने ‘संदेशे आते हैं’ तथा प्रियंवदा ने ‘ऐ वतन ऐ वतन आबाद रहे तू’ की प्रस्तुति देकर दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं।
वहीं सृष्टि बडोला की डांसिंग ग्रंथ एकेडमी के बाल कलाकारों ने गणेश वंदना ‘मंगलम् गणेशं’ और नटराज स्तुति ‘शंकर अति प्रचंड’ की मनमोहक प्रस्तुति दी। कथक नृत्यांगना देव श्री चक्रबर्ती ने शिव स्तुति ‘अंगिकं भुवनं’ तथा युवा कथक नृत्यांगना वंदिता ने ‘रुद्राष्टकम्’ पर शास्त्रीय नृत्य प्रस्तुत कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

विभिन्न विधाओं के कलागुरुओं का सम्मान
समारोह में कला और संस्कृति के क्षेत्र में विशिष्ट एवं उल्लेखनीय योगदान देने वाले कलागुरुओं को कला गुरु सम्मान से सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वालों में तेजिंदर सिंह कैंथ (योग), संगीता सक्सैना (गायन), स्वाति वर्मा (कथक), डॉ. मेनका त्रिपाठी (साहित्य), इंदू सिंह (कथक), सुनीता भाटी (चित्रकला), प्रकाश चंद्र पांडेय (नाट्य एवं साहित्य), विष्णु प्रिया शर्मा (शिल्प), वंदिता (कथक), करुणा चौहान (गायन), एस.पी. मौर्य (योग), मनीष शर्मा (लोक कला, पांडव लीला एवं संस्कृति) तथा हर्ष जोशी शामिल रहे।

सभी सम्मानित कलागुरुओं को मोती की माला एवं शाल पहनाकर, सम्मान पत्र और उपहार भेंट किए गए।
इसके अलावा शिक्षा एवं संस्कृति के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए पंत एजुकेशन सोसाइटी की संस्थापक सुमन पंत, खेलों के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय पावरलिफ्टर संगीता राणा तथा संगीत एवं खेलों को बढ़ावा देने के लिए खेल एवं सांस्कृतिक महासंघ के ललित जिंदल को संस्कृति सेवा सम्मान से सम्मानित किया गया। युवा कवयित्री वृंदा वाणी को विशेष सेवा सम्मान प्रदान किया गया।
मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथियों के साथ कार्यक्रम में शामिल सभी कलाकारों को भी सम्मान प्रतीक चिह्न देकर सम्मानित किया गया।

नई कार्यकारिणी की घोषणा
समारोह के दौरान संस्कार भारती के प्रांत मंत्री राकेश मालवीय ने हरिद्वार महानगर इकाई की नई कार्यकारिणी की घोषणा भी की। कार्यक्रम का कुशल संचालन श्रीजा त्रिपाठी एवं कवि अमित कुमार ‘मीत’ ने किया। इकाई मंत्री संतोष कुमार साहू ने सभी अतिथियों, कलाकारों एवं उपस्थित लोगों का आभार व्यक्त किया।

कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ के साथ हुआ।
इस अवसर पर विद्यालय के उप प्रधानाचार्य प्रवीण, रमेश उपाध्याय, डॉ. गौरव गुप्ता, डॉ. नीता नय्यर, संतोष मिश्रा, ज्योति भट्ट, रेखा सिंघल, राजकुमारी राजेश्वरी, आशा साहनी, डॉ. अजय पाठक, महेश चंद्र काला, सुभाष मलिक, देवेंद्र मिश्र, पराग गुप्ता, सुभाष हंस, वृंदा वाणी, प्रीति, निशा कश्यप, सुषमा साहू, मीनाक्षी चावला, पुष्प लता हंस, रीता अवस्थी, राकेश रोशन, पवन राठौर, आर.पी. यादव, कमल सिंह सैनी, रविंद्र सोनी, विमलेश गौड़, पूनम सैनी, हरीश साहू, नेपाल गुप्ता, कवयित्री कंचन प्रभा गौतम सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता एवं समाज के गणमान्य लोग मौजूद रहे।

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