अखाड़ा परिषद अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्रपुरी बोले— श्रद्धालुओं का विश्वास सर्वोपरि, दान में गड़बड़ी पर होगी सख्त कार्रवाई; श्रीकृष्ण जन्मभूमि कार सेवा को लेकर भी दिया बड़ा बयान

हरिद्वार, 16 जुलाई।
अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे को लेकर सामने आए विवाद के बाद हरिद्वार के विश्व प्रसिद्ध माँ मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट ने श्रद्धालुओं की आस्था और दान व्यवस्था में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एक अहम निर्णय लिया है। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद एवं मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष श्रीमहंत डॉ. रविंद्रपुरी महाराज ने मंदिर के सभी पुजारियों को बिना जेब वाले विशेष वस्त्र वितरित करते हुए मंदिर में “नो पॉकेट ड्रेस कोड” लागू करने की घोषणा की।

श्रीमहंत रविंद्रपुरी ने कहा कि मंदिरों में आने वाला दान और चढ़ावा श्रद्धालुओं की आस्था का प्रतीक होता है। यदि कहीं भी चढ़ावे में गड़बड़ी या चोरी जैसे आरोप लगते हैं तो उसका सीधा असर करोड़ों श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाओं पर पड़ता है। इसी कारण मंदिर ट्रस्ट ने यह व्यवस्था लागू की है ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार के विवाद या संदेह की कोई गुंजाइश न रहे।

उन्होंने बताया कि केवल बिना जेब वाले वस्त्र ही नहीं, बल्कि दान व्यवस्था की निगरानी के लिए पुजारियों की एक सुपरविजन समिति भी गठित की गई है। यह समिति मंदिर की व्यवस्थाओं और दान प्रक्रिया पर लगातार नजर रखेगी तथा हर स्तर पर पारदर्शिता सुनिश्चित करेगी।

श्रीमहंत रविंद्रपुरी ने स्पष्ट किया कि मंदिर में आने वाले प्रत्येक दान और चढ़ावे का विधिवत लेखा-जोखा रखा जाता है। यदि किसी भी व्यक्ति द्वारा दान राशि में अनियमितता या गड़बड़ी की जाती है तो उसके विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने श्रद्धालुओं से भी अपील की कि मंदिर में दान देने के बाद उसकी रसीद अवश्य प्राप्त करें, ताकि दान प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी बनी रहे।

उन्होंने यह भी कहा कि – कुछ लोग वर्ष 2023 का एक पुराना और भ्रामक वीडियो प्रसारित कर मंदिर ट्रस्ट की छवि धूमिल करने का प्रयास कर रहे हैं, जबकि ट्रस्ट लगातार पारदर्शी व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में कार्य कर रहा है।

श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर भी दिया बड़ा बयान
पत्रकारों से बातचीत के दौरान श्रीमहंत रविंद्रपुरी महाराज ने श्रीकृष्ण जन्मभूमि, मथुरा में प्रस्तावित कार सेवा को लेकर भी बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि संत समाज कार सेवा के लिए पूरी तरह तैयार है। केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार से आवश्यक अनुमति मिलने तथा कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद संविधान और कानून के दायरे में रहकर कार सेवा का कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि जिस प्रकार अयोध्या में भगवान श्रीराम का भव्य मंदिर बना है, उसी प्रकार मथुरा में भी भगवान श्रीकृष्ण का भव्य मंदिर बनने की संत समाज की लंबे समय से इच्छा है। उन्होंने यह भी कहा कि जब विधिवत कार सेवा का कार्यक्रम तय होगा, तब समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को भी कार सेवा में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया जाएगा।

कांवड़ मेले की तैयारियों का भी लिया जायजा
30 जुलाई से शुरू होने वाले कांवड़ मेले को देखते हुए श्रीमहंत रविंद्रपुरी महाराज ने माँ मनसा देवी मंदिर परिसर, पैदल मार्ग और श्रद्धालुओं के लिए की जा रही व्यवस्थाओं का निरीक्षण भी किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों और ट्रस्ट पदाधिकारियों को निर्देश दिए कि कांवड़ यात्रा के दौरान दर्शन के लिए आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो और सुरक्षा, स्वच्छता तथा व्यवस्थाओं का विशेष ध्यान रखा जाए।

भविष्य के लिए नई मिसाल
माँ मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट का यह निर्णय केवल एक प्रशासनिक बदलाव नहीं, बल्कि देश के अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों के लिए भी एक नई मिसाल माना जा रहा है। यदि यह व्यवस्था सफल रहती है तो भविष्य में अन्य मंदिरों में भी दान व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए इसी प्रकार के कदम उठाए जा सकते हैं। ट्रस्ट का मानना है कि श्रद्धालुओं का विश्वास ही किसी भी मंदिर की सबसे बड़ी पूंजी है और उसे बनाए रखने के लिए हर आवश्यक कदम उठाया जाएगा।

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