हरिद्वार, 1 जुलाई
उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) के युवा प्रकोष्ठ के केंद्रीय अध्यक्ष आशीष नेगी के कथित विवादित बयान को लेकर सिख समाज में रोष व्याप्त है। इसी क्रम में श्री गुरु नानक देव धर्म प्रचार (रजि.) समिति के नेतृत्व में सिख समाज के प्रतिनिधिमंडल ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) हरिद्वार को ज्ञापन सौंपकर मामले में निष्पक्ष जांच एवं कानूनी कार्रवाई की मांग की।
समिति द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया कि सिख समाज के सदस्य कानून का सम्मान करने वाले और शांतिप्रिय नागरिक हैं, लेकिन हाल ही में आशीष नेगी द्वारा सोशल मीडिया एवं सार्वजनिक मंचों पर सिख समुदाय के संबंध में कथित रूप से आपत्तिजनक और भड़काऊ टिप्पणियां किए जाने से समाज की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि नेगी ने कथित तौर पर यह बयान दिया कि “हम स्वर्ण मंदिर पर दोबारा भी हमला कर सकते हैं।” समिति का कहना है कि यदि जांच में यह कथन सत्य पाया जाता है तो यह सिख धर्म के सर्वोच्च तीर्थ स्थल श्री हरिमंदिर साहिब (स्वर्ण मंदिर) के प्रति अत्यंत अपमानजनक टिप्पणी मानी जाएगी।
समिति ने कहा कि इस प्रकार के कथनों से न केवल देश-विदेश में रहने वाले करोड़ों सिख श्रद्धालुओं की भावनाएं आहत होती हैं, बल्कि सामाजिक सौहार्द और धार्मिक सद्भाव को भी नुकसान पहुंचता है। ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया कि सिख समुदाय को बार-बार “खालिस्तानी” कहकर संबोधित किया गया, जिससे पूरे समुदाय की छवि धूमिल करने और सांप्रदायिक तनाव पैदा करने का प्रयास हुआ है।
प्रतिनिधिमंडल ने एसएसपी से मांग की कि मामले की निष्पक्ष एवं त्वरित जांच कर उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) तथा अन्य लागू कानूनी प्रावधानों के तहत आशीष नेगी के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर आवश्यक कार्रवाई की जाए। समिति का कहना है कि ऐसे मामलों में समय रहते कार्रवाई न होने पर सामाजिक तनाव और कानून-व्यवस्था की स्थिति प्रभावित हो सकती है।
ज्ञापन सौंपने के दौरान सूबा सिंह ढिल्लों, बाबा पंडत, गुरमेल बाजवा, गुरपेज सिंह, अनूप सिंह सिद्धू, बलविंदर सिंह, उज्जल सिंह, शेर सिंह, आकाश सचदेवा, हरमोहन सिंह, अनमोल सिंह, हरविंदर सिंह, गुरविंदर सिंह, कुलबीर सिंह सहित बड़ी संख्या में सिख समाज के सदस्य उपस्थित रहे।