शिवालिक नगर (रानीपुर), 29 जून।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ रानीपुर नगर, हरिद्वार द्वारा हिंदू साम्राज्य दिनोत्सव का भव्य आयोजन श्री शिव मंदिर शिवालिक नगर में श्रद्धा, उत्साह एवं राष्ट्रभक्ति के वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का आयोजन रविवार दिनांक 28 जून की शाम को छत्रपति शिवाजी महाराज के “राज्याभिषेक दिवस“ “की स्मृति में किया गया। ज्येष्ठ शुक्ल त्रयोदशी, विक्रमी संवत 1730 अर्थात 6 जून 1674 को रायगढ़ दुर्ग में हुए शिवाजी महाराज के राज्यारोहण को भारतीय इतिहास में हिंदवी स्वराज्य की स्थापना का स्वर्णिम अध्याय माना जाता है।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं गणेश वंदना के साथ हुआ। इस अवसर पर “मॉम्स प्राइड स्कूल” एवं “राइजिंग स्टार स्कूल” के विद्यार्थियों ने छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन से जुड़े प्रेरणादायक प्रसंगों की आकर्षक नाट्य प्रस्तुतियां देकर उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया। वीररस के कवि पालीवाल जी ने अपनी ओजस्वी कविता के माध्यम से राष्ट्रभक्ति एवं वीरता का संदेश दिया।



मुख्य वक्ता, उत्तराखंड प्रांत कार्यवाह दिनेश सेमवाल ने छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन चरित्र पर प्रकाश डालते हुए कहा कि शिवाजी महाराज केवल एक पराक्रमी योद्धा ही नहीं, बल्कि राष्ट्र चेतना के महान प्रेरणास्रोत थे। उन्होंने प्रतिकूल परिस्थितियों में हिंदवी स्वराज्य की स्थापना कर समाज को आत्मगौरव एवं आत्मविश्वास का मार्ग दिखाया। उन्होंने कहा कि माता जीजाबाई के संस्कार, दादोजी कोंडदेव का मार्गदर्शन तथा बाल्यकाल के मावले साथियों की निष्ठा ने शिवाजी महाराज के व्यक्तित्व को गढ़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।


उन्होंने कहा कि जब भारतवर्ष पर विदेशी आक्रमणों और अत्याचारों का दौर था, तब छत्रपति शिवाजी महाराज एक प्रकाश पुंज बनकर उभरे। उन्होंने समाज के विभिन्न वर्गों को संगठित कर राष्ट्र, धर्म और संस्कृति की रक्षा के लिए संघर्ष किया। उनका राज्याभिषेक केवल एक राजा का अभिषेक नहीं था, बल्कि भारतीय आत्मसम्मान, सांस्कृतिक पुनर्जागरण और हिंदवी स्वराज्य की उद्घोषणा थी।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे उद्योगपति एवं समाजसेवी ललित बत्रा ने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज का जीवन युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उनकी दूरदर्शिता, संगठन क्षमता, साहस, प्रशासनिक कुशलता और राष्ट्रनिष्ठा आज भी प्रासंगिक हैं। उन्होंने युवाओं से शिवाजी महाराज के आदर्शों को जीवन में आत्मसात करने का आह्वान किया।
वक्ताओं ने बताया कि – राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा हिंदू साम्राज्य दिवस को अपने छह प्रमुख उत्सवों में सम्मिलित किया गया है, क्योंकि शिवाजी महाराज ने समाज को आत्मगौरव का बोध कराया और हिंदू समाज को संगठित कर राष्ट्र निर्माण की दिशा में नई चेतना का संचार किया। संघ वर्तमान शताब्दी वर्ष में पंच परिवर्तन के माध्यम से सामाजिक समरसता, पारिवारिक मूल्यों, पर्यावरण संरक्षण, स्वदेशी भावना एवं नागरिक कर्तव्यों के प्रति जागरूकता बढ़ाने का कार्य कर रहा है।
कार्यक्रम में छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन के विभिन्न पहलुओं पर भी प्रकाश डाला गया। बताया गया कि 19 फरवरी 1630 को शिवनेरी दुर्ग में जन्मे शिवाजी महाराज ने किशोरावस्था में ही तोरणा किले पर विजय प्राप्त कर स्वराज्य की नींव रखी। अफजल खान वध, मुगलों के विरुद्ध संघर्ष, गनिमी कावा की युद्ध नीति, सुदृढ़ प्रशासनिक व्यवस्था, अष्टप्रधान मंडल का गठन तथा सशक्त नौसेना के निर्माण जैसे कार्यों ने उन्हें विश्व के महान शासकों की श्रेणी में स्थापित किया।
विशिष्ट अतिथि के रूप में योग धर्मार्थ चिकित्सालय के स्वामी धर्मानंद जी तथा महानिर्वाणी अखाड़ा के सचिव महंत बाबा दिगंबर विनोद गिरी जी महाराज उपस्थित रहे। कार्यक्रम में रानीपुर विधायक आदेश चौहान, आरएसएस नगर प्रचार प्रमुख दिवेश वशिष्ठ, विश्व हिन्दू परिषद दीपक तालियान, नरेंद्र चौधरी, जितेंद्र, भावेश पटेल, संजीव, प्रभात एवं प्रेमचंद सैनी सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का संचालन आर्यवीर जी ने किया, जबकि कार्यक्रम संयोजक चंद्रमुकुट तोमर जी रहे। अंत में संघ के नगर संघचालक वकील जी ने सभी अतिथियों, मंदिर समिति एवं उपस्थित नागरिकों का आभार व्यक्त किया। राष्ट्र प्रार्थना के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
हिंदू साम्राज्य दिनोत्सव के इस आयोजन ने उपस्थित जनसमूह में राष्ट्रभक्ति, सांस्कृतिक चेतना और हिंदवी स्वराज्य के आदर्शों के प्रति नई ऊर्जा एवं प्रेरणा का संचार किया।