नैनीताल, 04 जून।
उत्तराखण्ड उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति आशीष नैथानी को बुधवार दिनांक 3 जून सेवानिवृत्ति के अवसर पर फुल कोर्ट रेफरेंस के साथ भावभीनी विदाई दी गई। मुख्य न्यायाधीश हॉल में आयोजित इस समारोह में न्यायपालिका और अधिवक्ता समुदाय ने उनके विनम्र, सरल एवं सौहार्दपूर्ण व्यवहार को याद करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दीं।
फुल कोर्ट रेफरेंस कार्यक्रम में मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार गुप्ता, वरिष्ठ न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी सहित अन्य न्यायाधीश उपस्थित रहे। कार्यवाही का संचालन रजिस्ट्रार जनरल योगेश कुमार गुप्ता द्वारा किया गया।
इस अवसर पर मुख्य स्थायी अधिवक्ता पूरन सिंह बिष्ट तथा बार एसोसिएशन के अध्यक्ष डी.सी.एस. रावत ने न्यायमूर्ति नैथानी के न्यायिक जीवन पर प्रकाश डालते हुए बताया कि वर्ष 2011 में जिला जज बनने के बाद उन्होंने लगभग 13 वर्षों तक न्यायिक सेवाएं दीं। सेवानिवृत्ति के पश्चात 9 जनवरी 2025 को उन्हें उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में नियुक्त किया गया, जो अपने आप में एक विशेष उपलब्धि रही।
मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार गुप्ता ने कहा कि जौनसार क्षेत्र के हालसी गांव के निवासी आशीष नैथानी न्यायिक सेवा के ऐसे पहले अधिकारी बने, जिनका उच्च न्यायालय में न्यायाधीश के रूप में एलिवेशन सेवानिवृत्ति के बाद हुआ। उन्होंने कहा कि उनके निर्णयों ने न्यायपालिका की गरिमा और प्रतिष्ठा को बढ़ाने का कार्य किया। न्यायमूर्ति नैथानी ने अपने सहयोगी न्यायाधीशों, अधिवक्ताओं और न्यायालय कर्मियों के साथ सदैव समान और सम्मानजनक व्यवहार किया।
मुख्य न्यायाधीश ने कहा, “न्यायमूर्ति नैथानी केवल एक उत्कृष्ट न्यायाधीश ही नहीं, बल्कि एक कुशल फोटोग्राफर, चित्रकार और टेलीग्राफर भी हैं। वे न्यायालय से भले ही सेवानिवृत्त हो रहे हों, लेकिन अपने व्यवहार और व्यक्तित्व के कारण हमेशा हमारे दिलों में बने रहेंगे।”
विदाई समारोह में भावुक दिखे न्यायमूर्ति आशीष नैथानी ने अपने संबोधन में सबसे पहले अपनी माता को नमन करते हुए कहा कि उनके संस्कारों और मार्गदर्शन ने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया। उन्होंने अपनी पत्नी और पुत्र का भी हर परिस्थिति में साथ और सहयोग देने के लिए आभार व्यक्त किया। साथ ही पूर्व मुख्य न्यायाधीशों और वर्तमान मुख्य न्यायाधीश से मिले मार्गदर्शन को अपने न्यायिक जीवन की अमूल्य पूंजी बताया।
उन्होंने अपने निजी सचिव, कार्यालय स्टाफ, सुरक्षा कर्मियों, गृह कर्मचारियों और चालक का भी धन्यवाद करते हुए कहा कि न्यायालय में बने आत्मीय संबंध और मित्रता हमेशा कायम रहेंगे।
समारोह में वरिष्ठ अधिवक्ता एम.पी. सिंह, एम.सी. कांडपाल, डी.के. शर्मा, विजय भट्ट, बी.डी. उपाध्याय, अजय बिष्ट, संजय भट्ट, सतेंद्र सिंह डंगवाल, चंद्रशेखर सिंह रावत, सौरभ अधिकारी, वीरेंद्र सिंह अधिकारी, बासू एन. मौलेखी, डी.एस. मेहता, नवीन जोशी सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता एवं न्यायिक अधिकारी उपस्थित रहे।