सिडकुल, 8 मई 2026 ।
हरिद्वार के सिडकुल क्षेत्र में कैम्पस एक्टीवेवेअर लिमिटेड कंपनी के कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। करीब 500 कर्मचारियों ने श्रम कार्यालय पहुंचकर कंपनी प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की और न्यूनतम वेतन, बोनस तथा श्रम कानूनों के तहत मिलने वाली सुविधाएं लागू करने की मांग उठाई। कर्मचारियों का आरोप है कि कंपनी में लंबे समय से मजदूरों का शोषण किया जा रहा है और जो कर्मचारी अपने अधिकारों की आवाज उठाते हैं, उन्हें नौकरी से निकालने तक की कार्रवाई की जाती है।
प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों का कहना था कि बढ़ती महंगाई के बावजूद उनके वेतन में कोई उचित बढ़ोतरी नहीं की जा रही है। कर्मचारियों ने न्यूनतम वेतन, ओवरटाइम का दुगना भुगतान, बोनस, साप्ताहिक अवकाश और 26 दिन के आधार पर वेतन निर्धारण जैसी मांगों को प्रमुखता से उठाया। मजदूरों का कहना है कि यह समस्या केवल एक कंपनी तक सीमित नहीं है, बल्कि कई निजी संस्थानों में श्रमिकों को उनके अधिकारों से वंचित रखा जा रहा है।
भारतीय मजदूर संघ के प्रदेश महामंत्री सुमित सिंघल ने कहा कि मजदूरों का लगातार उत्पीड़न बढ़ रहा है और कंपनी प्रबंधन श्रम कानूनों का पालन नहीं कर रहा। उन्होंने बताया कि कर्मचारियों की जायज मांगों को लेकर यह प्रदर्शन किया गया है।
बाईट – सुमित सिंघल, प्रदेश महामंत्री, भारतीय मजदूर संघ
प्रदर्शन के बाद कर्मचारियों ने श्रम कार्यालय से कमिश्नर कार्यालय तक मार्च निकाला और प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन की मौजूदगी में अपर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई, जिसमें एसएचओ, सहायक श्रम आयुक्त, कंपनी प्रबंधन और कर्मचारी प्रतिनिधि शामिल हुए। बैठक में कंपनी प्रबंधन को श्रम कानूनों के अनुरूप सभी सुविधाएं तत्काल लागू करने के निर्देश दिए गए।
कर्मचारियों ने बोनस भुगतान को लेकर भी नाराजगी जताई। उनका कहना है कि कंपनी लाभ में होने के बावजूद मजदूरों को केवल न्यूनतम 8.33 प्रतिशत बोनस दिया जा रहा है। इस पर प्रशासन ने कंपनी प्रबंधन को एक सप्ताह का समय देते हुए चेतावनी दी है कि यदि कर्मचारियों की मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं हुई तो सख्त कदम उठाए जाएंगे।
बाईट – वरुण बालियान, कांग्रेस नेता
प्रशासन की ओर से कर्मचारियों को आश्वासन दिया गया कि आंदोलन में शामिल किसी भी मजदूर का वेतन नहीं काटा जाएगा और सभी कर्मचारियों को दोबारा काम पर लिया जाएगा। साथ ही पहले निकाले गए कर्मचारियों को भी पुनः कंपनी में शामिल करने के निर्देश दिए गए हैं।
सहायक श्रम आयुक्त प्रशांत कुमार ने कहा कि कर्मचारियों की समस्याओं को गंभीरता से लिया गया है और श्रम कानूनों का पालन सुनिश्चित कराया जाएगा।
बाईट – प्रशांत कुमार, सहायक श्रम आयुक्त, हरिद्वार