नैनीताल जिले के भवाली थाना क्षेत्र के खैरना चौकी इलाके से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां 40 वर्षीय युवक बालम सिंह की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। परिजनों ने पुलिस कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए हैं, जबकि पुलिस ने सभी आरोपों को निराधार बताया है।

जानकारी के अनुसार, लोहाली गांव निवासी बालम सिंह को मंगलवार शाम अल्मोड़ा-हल्द्वानी हाईवे स्थित चमड़ियां क्षेत्र में पुलिस ने कुछ अन्य युवकों के साथ रोका था। आरोप है कि उन्हें खैरना चौकी ले जाकर शांति भंग की आशंका में चालान किया गया।

परिजनों का कहना है कि इस कार्रवाई के बाद बालम सिंह मानसिक रूप से काफी परेशान हो गए थे। देर रात घर लौटने के बाद उनकी तबीयत बिगड़ी, जिसके बाद परिवार उन्हें अस्पताल लेकर पहुंचा, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

घटना की खबर मिलते ही अस्पताल में परिजनों और स्थानीय लोगों की भीड़ जुट गई। परिवार ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए नाराजगी जताई। बाद में पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए हल्द्वानी भेज दिया।

एसपी क्राइम जगदीश चंद्र:
एसपी क्राइम जगदीश चंद्र ने बताया कि बालम सिंह शराब के नशे में उत्पात मचा रहे थे, जिसके बाद पुलिस उन्हें थाने लाई। मेडिकल परीक्षण के बाद पुलिस एक्ट के तहत 250 रुपये का चालान कर उन्हें परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया था।

पुलिस का कहना है कि बाद में युवक ने घर जाकर यह कदम उठाया। वहीं सोशल मीडिया पर कुछ सीसीटीवी फुटेज भी वायरल हो रहे हैं, जिनमें बालम सिंह अपने परिचितों के साथ शराब की दुकान पर जाते और स्वयं पैसे देकर शराब खरीदते दिखाई दे रहे हैं।

पुलिस का दावा है कि फुटेज में युवक सामान्य व्यवहार करता नजर आ रहा है। हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।

फिलहाल पंचायतनामा, वीडियोग्राफी, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, मेडिकल रिपोर्ट और सीसीटीवी फुटेज सहित सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि चालानी कार्रवाई नियमित प्रक्रिया का हिस्सा है और इसका उद्देश्य कानून व्यवस्था बनाए रखना है। अब सभी की नजर जांच रिपोर्ट पर टिकी ।

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