
कोतवाली ज्वालापुर, 23 अप्रैल 2026 ।
आज शहर के कोतवाली ज्वालापुर पुलिस द्वारा बड़ी हत्या की घटना का खुलासा एसएसपी हरिद्वार नवनीत सिंह भुल्लर द्वारा प्रेस वार्ता में पुलिस कार्यालय रोशनाबाद के सभागार में किया गया।
हरिद्वार के ज्वालापुर क्षेत्र में रवि चौहान हत्याकांड का सनसनीखेज खुलासा करते हुए एसएसपी हरिद्वार नवीन सिंह भुल्लर ने पुलिस कार्यालय रोशनाबाद सभागार में प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि यह हत्या जमीनी विवाद और लालच के चलते कराई गई थी। मृतक के रिश्ते के दामाद ने अपने भतीजे के साथ मिलकर डेढ़ लाख रुपये की सुपारी देकर रवि चौहान की हत्या करवाई।
पुलिस जांच में सामने आया कि मृतक रवि चौहान को उसके भाई ने उपहार स्वरूप जमीन दी थी, जिससे भाई का दामाद लंबे समय से नाराज चल रहा था। विवाद लगातार बढ़ता गया और आरोपी ने अपने लालच को पूरा करने के लिए हिस्ट्रीशीटर नदीम और उसके साथी दानिश अली को सुपारी देकर हत्या की साजिश रच डाली।
17 अप्रैल को रवि चौहान की पत्नी ने ज्वालापुर कोतवाली में पति की गुमशुदगी दर्ज कराई थी। दो दिन बाद 19 अप्रैल को रवि का शव रानीपुर झाल से बरामद हुआ। शव की स्थिति देख पुलिस को हत्या की आशंका हुई, जिसके बाद जांच तेज की गई।
डिजिटल एविडेंस और मुखबिर तंत्र की मदद से पुलिस हिस्ट्रीशीटर नदीम तक पहुंची। पूछताछ में नदीम ने अपने साथी दानिश के साथ हत्या की बात कबूल कर ली। आरोपियों ने बताया कि पहले रवि को शराब पिलाई गई, फिर मारपीट कर गला घोंट दिया गया और शव को रानीपुर झाल के पास फेंक दिया गया।
पुलिस ने दोनों सुपारी किलरों को गिरफ्तार कर हत्या में प्रयुक्त हीरो स्प्लेंडर बाइक और सुपारी की रकम में से बची ₹61 हजार नकदी बरामद की है। वहीं हत्या की सुपारी देने वाले मामा-भांजे फिलहाल फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है।
गिरफ्तार आरोपी नदीम पर पहले से हत्या, लूट, गैंगस्टर और आर्म्स एक्ट समेत कई गंभीर मुकदमे दर्ज हैं।आरोपी नदीम का आपराधिक इतिहास पहले से ही रहा है
कप्तान नवीन सिंह भुल्लर के नेतृत्व में ज्वालापुर पुलिस और सीआईयू टीम की इस कार्रवाई को बड़ी सफलता माना जा रहा है।
इस कार्यवाही में कोतवाली ज्वालापुर की पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक चंद्रभान सिंह, व0उ0नि0 हर्ष अरोड़ा, उ0नि0 समीप पांडे, उ0नि0 अंशुल अग्रवाल, उ0नि0 मनीष भंडारी, अपर उ0नि0राकेश सिंह, हेड कांस्टेबल धर्मेंद्र, कांस्टेबल नवीन क्षेत्री, का0 संदीप व सीआईयू टीम से निरीक्षक नरेंद्र बिष्ट
व कांस्टेबल वसीम शामिल रहे।