सावक मंच ने सिटी मजिस्ट्रेट हरिगिरी को सौंपा ज्ञापन, सार्वजनिक धन के पारदर्शी एवं सदुपयोग की उठाई आवाज

हरिद्वार,19 सितम्बर 2026।
तीर्थनगरी हरिद्वार में बढ़ते नशे के अवैध कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाने तथा अर्धकुंभ मेले से जुड़े विकास एवं निर्माण कार्यों में जनता के कर से प्राप्त धन के पारदर्शी और उचित उपयोग की मांग को लेकर राष्ट्रीय सावक मंच के कार्यकर्ताओं ने मंच के संयोजक चंद्रमोहन कौशिक के नेतृत्व में सिटी मजिस्ट्रेट हरिगिरी को ज्ञापन सौंपा।

सिटी मजिस्ट्रेट हरिगिरी ने मंच के प्रतिनिधिमंडल से तीर्थनगरी से जुड़े इन महत्वपूर्ण विषयों पर सकारात्मक वार्ता की। उन्होंने ज्ञापन में उठाए गए बिंदुओं का संज्ञान लेते हुए आवश्यक कार्रवाई किए जाने का आश्वासन दिया।

नशे के बढ़ते कारोबार पर जताई चिंता
मंच के संयोजक चंद्रमोहन कौशिक ने कहा कि हरिद्वार केवल एक नगर नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था, सनातन संस्कृति और आध्यात्मिक चेतना से जुड़ी विश्वविख्यात तीर्थनगरी है। देश-विदेश से प्रतिवर्ष लाखों श्रद्धालु यहां गंगा दर्शन, धार्मिक अनुष्ठान और आध्यात्मिक यात्राओं के लिए पहुंचते हैं।

ऐसे में तीर्थनगरी में नशीले पदार्थों के कथित अवैध कारोबार का बढ़ना समाज और विशेषकर युवा पीढ़ी के भविष्य के लिए गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि नशे की प्रवृत्ति का प्रभाव केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इससे परिवार प्रभावित होते हैं और अपराध, आर्थिक शोषण तथा सामाजिक विघटन जैसी समस्याएं भी बढ़ सकती हैं।

उन्होंने प्रशासन से मांग की कि हरिद्वार को नशामुक्त और सुरक्षित तीर्थनगरी बनाने के लिए लगातार प्रभावी एवं परिणामोन्मुख अभियान चलाया जाए तथा नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार में संलिप्त पाए जाने वाले लोगों के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाए।

स्कूल-कॉलेज और युवा क्षेत्रों पर विशेष निगरानी की मांग
ज्ञापन में शैक्षणिक संस्थानों, विद्यालयों, महाविद्यालयों, छात्रावासों तथा युवाओं की अधिक आवाजाही वाले क्षेत्रों के आसपास नशीले पदार्थों की अवैध बिक्री पर विशेष निगरानी रखने की मांग की गई।

मंच ने संवेदनशील क्षेत्रों को चिह्नित कर वहां नियमित निगरानी और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया, ताकि युवा पीढ़ी को नशे के बढ़ते प्रभाव से बचाया जा सके।

अर्धकुंभ के कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग
सावक मंच ने अर्धकुंभ मेले के मद्देनजर चल रहे विकास, निर्माण, सौंदर्यीकरण, यातायात, स्वच्छता और आधारभूत सुविधाओं से संबंधित कार्यों को लेकर भी प्रशासन के समक्ष कई मांगें रखीं।

चंद्रमोहन कौशिक ने कहा कि इन परियोजनाओं में खर्च होने वाला धन प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष रूप से जनता के कर और सार्वजनिक राजस्व से आता है। इसलिए प्रत्येक सार्वजनिक परियोजना में पारदर्शिता, गुणवत्ता, वित्तीय अनुशासन और जवाबदेही सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता को यह जानने का अधिकार है कि सार्वजनिक धन किस परियोजना पर, कितनी राशि में और किस उद्देश्य से खर्च किया जा रहा है।

परियोजनाओं की लागत और कार्यदायी संस्था की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग
मंच ने मांग की कि अर्धकुंभ से संबंधित प्रमुख परियोजनाओं की स्वीकृत लागत, कार्यदायी संस्था, कार्य की समयसीमा और निर्धारित उद्देश्य जैसी मूलभूत जानकारियां सार्वजनिक की जाएं, ताकि आम जनता को विकास कार्यों की वास्तविक स्थिति की जानकारी मिल सके।

इसके साथ ही निर्माण एवं विकास कार्यों की गुणवत्ता की समय-समय पर सक्षम एवं स्वतंत्र तकनीकी एजेंसी से जांच कराने की मांग भी की गई।

अनावश्यक खर्च और अपव्यय रोकने पर जोर
ज्ञापन में सार्वजनिक धन के उपयोग में वित्तीय अनुशासन सुनिश्चित करने की मांग करते हुए कहा गया कि किसी भी परियोजना में अनावश्यक व्यय, कार्यों के दोहराव और संभावित अपव्यय को रोका जाना चाहिए।

मंच ने कहा कि सार्वजनिक धन जनता की अमानत है और उसके प्रत्येक रुपये का उपयोग पारदर्शिता, गुणवत्ता तथा जवाबदेही के सिद्धांतों के अनुरूप होना चाहिए।

“हरिद्वार की पवित्रता सामाजिक वातावरण से भी जुड़ी है”
चंद्रमोहन कौशिक ने कहा कि हरिद्वार की पवित्रता केवल गंगा तट और मंदिरों तक सीमित नहीं है, बल्कि यहां के सामाजिक वातावरण, युवाओं के सुरक्षित भविष्य और ईमानदार एवं पारदर्शी प्रशासन से भी जुड़ी है।

उन्होंने प्रशासन से उम्मीद जताई कि ज्ञापन में उठाए गए जनहित के सभी बिंदुओं पर गंभीरता से संज्ञान लेते हुए आवश्यक एवं प्रभावी कार्रवाई की जाएगी।

ये प्रमुख मांगें रखीं

  • हरिद्वार में नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार के विरुद्ध नियमित एवं प्रभावी अभियान चलाया जाए।
  • अवैध नशे के कारोबार में संलिप्त लोगों पर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाए।
  • संवेदनशील क्षेत्रों को चिह्नित कर विशेष निगरानी व्यवस्था लागू की जाए।
  • विद्यालयों, महाविद्यालयों, छात्रावासों और युवा-केंद्रित क्षेत्रों के आसपास विशेष निगरानी रखी जाए।
  • अर्धकुंभ की प्रमुख परियोजनाओं की स्वीकृत लागत, कार्यदायी संस्था और समयसीमा की जानकारी सार्वजनिक की जाए।
  • निर्माण एवं विकास कार्यों की गुणवत्ता की स्वतंत्र तकनीकी एजेंसी से समय-समय पर जांच कराई जाए।
  • सार्वजनिक धन से होने वाले कार्यों में अनावश्यक खर्च, दोहराव और अपव्यय पर रोक लगाई जाए।
  • सभी परियोजनाओं में पारदर्शिता, गुणवत्ता और जवाबदेही सुनिश्चित की जाए।

बड़ी संख्या में कार्यकर्ता रहे मौजूद
ज्ञापन सौंपने के दौरान सावक मंच के जिला अध्यक्ष कीर्तिकांत शर्मा, जिला उपाध्यक्ष शरद अग्रवाल, जिला महामंत्री विशाल यादव, युवा जिलाध्यक्ष शिवम कौशिक, पार्थ शांडिल्य, पीयूष कौशिक, नवीन शर्मा, आशीष पटवाल, गौरव भट्ट, साहिल बग्गा, रचित सिंघल, पंडित सुनील शर्मा, विकास राजपूत, नरेश शर्मा, जय बाली, दिनेश शर्मा, जितेंद्र यादव, मनोज गिरी, सनी भाटिया, विकास अरोड़ा, गोपाल तनेजा, मनोज जैन सहित मंच के अनेक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

मंच ने कहा कि तीर्थनगरी हरिद्वार की गरिमा, युवाओं के सुरक्षित भविष्य और सार्वजनिक संसाधनों के उचित उपयोग से जुड़े मुद्दों को लेकर वह आगे भी जनहित की आवाज उठाता रहेगा।

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