🔹श्रद्धा भक्ति आश्रम में महंत गोविन्द दास और शिष्य विशम्बर दास की हत्या के मामले में लंबे समय से चल रहा था फरार
🔹STF की कार्रवाई से फरार आरोपियों पर शिकंजा, पंजाब में छोटा हाथी वाहन से माल डिलीवरी का काम कर रहा था आरोपी

हरिद्वार, 12 अक्टूबर 2026।
उत्तराखंड स्पेशल टास्क फोर्स (STF) को हरिद्वार के बहुचर्चित डबल मर्डर मामले में बड़ी सफलता मिली है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक STF अजय सिंह के निर्देश पर चलाए जा रहे अभियान के तहत STF टीम ने थाना कनखल क्षेत्र में वर्ष 2024 में हुए महंत और उनके शिष्य की सनसनीखेज हत्या के मामले में फरार चल रहे ₹50,000 के इनामी अभियुक्त प्रदीप को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को चंडीगढ़ से गिरफ्तार किया गया। इस कार्रवाई को मामले में फरार आरोपियों के खिलाफ चल रही पुलिस की मुहिम में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।

आश्रम में हुई दो हत्याओं से दहल उठा था क्षेत्र
मामला वर्ष 2024 का है, जब हरिद्वार के श्रद्धा भक्ति आश्रम में महंत गोविन्द दास और उनके शिष्य विशम्बर दास की हत्या कर दी गई थी। दोहरे हत्याकांड की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और आरोपियों की तलाश में लगातार कार्रवाई की। इस प्रकरण में कुल छह आरोपियों के शामिल होने की बात सामने आई थी। इनमें से चार आरोपियों को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी थी, जबकि अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी थी।

इसी क्रम में सौरभ उर्फ नीटू को STF ने 20 सितंबर को बागपत से गिरफ्तार किया था। इसके बाद फरार चल रहे प्रदीप की गिरफ्तारी के लिए भी लगातार प्रयास किए जा रहे थे।

कुर्की के बाद भी पुलिस की पकड़ से दूर था आरोपी
पुलिस के मुताबिक, आरोपी प्रदीप पुत्र बृजपाल, निवासी ऊदपुर, झिंझाना, जनपद शामली (उत्तर प्रदेश), लंबे समय से गिरफ्तारी से बच रहा था। उसकी लगातार तलाश के बावजूद सफलता नहीं मिलने पर उसके खिलाफ ₹50,000 का इनाम घोषित किया गया था। आरोपी के घर की कुर्की की कार्रवाई भी की जा चुकी थी। इसके बावजूद वह अपनी पहचान और ठिकाने को छिपाकर फरारी काट रहा था।

पंजाब में बदल लिया था काम करने का तरीका
जांच के दौरान STF को जानकारी मिली कि आरोपी पंजाब में रहकर छोटे मालवाहक वाहन, जिसे आमतौर पर ‘छोटा हाथी’ कहा जाता है, के माध्यम से माल की डिलीवरी का काम कर रहा था। इसी गतिविधि के बीच STF ने उसकी तलाश तेज की और उसे चंडीगढ़ से गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की।

आरोपी की गिरफ्तारी से इस बहुचर्चित हत्याकांड में पुलिस की कार्रवाई को नई मजबूती मिली है। लंबे समय से फरार चल रहे इनामी अभियुक्त की गिरफ्तारी को STF की सतर्कता और लगातार प्रयासों का परिणाम माना जा रहा है।

STF की टीम ने निभाई अहम भूमिका
इस कार्रवाई में निरीक्षक अबुल कलाम, उपनिरीक्षक नरोत्तम सिंह बिष्ट, अपर उपनिरीक्षक हितेश कुमार, हेड कांस्टेबल संजय, वीरेंद्र नौटियाल, बृजेन्द्र चौहान तथा कांस्टेबल अनिल और मोहन असवाल शामिल रहे।

फरार आरोपियों के खिलाफ अभियान जारी
हरिद्वार के इस दोहरे हत्याकांड में एक और फरार आरोपी की गिरफ्तारी से मामले की जांच और आगे की कानूनी कार्रवाई को गति मिलने की उम्मीद है। STF की इस कार्रवाई ने स्पष्ट किया है कि गंभीर आपराधिक मामलों में फरार चल रहे आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस लगातार प्रयास कर रही है।

अब आगे की कार्रवाई में आरोपी से पूछताछ और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच महत्वपूर्ण होगी। पुलिस की कार्रवाई के साथ ही इस मामले में न्यायिक प्रक्रिया के आगे बढ़ने पर भी लोगों की निगाहें रहेंगी।

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