हरिद्वार, 27 सितंबर।
हहरिद्वार ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के मुस्तफाबाद गुज्जर बस्ती में युवा कांग्रेस की ओर से आयोजित स्वागत कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत और हरिद्वार ग्रामीण विधायक अनुपमा रावत पहुंचे। जहाँ उनके पहुंचने पर समर्थको में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला , साथ ही साथ समर्थको ने पटाखे जलाकर उनका स्वागत अभिनन्दन कर पूरा माहौल उत्साह और उमंग से भर दिया। वही हरीश रावत भी अपने समर्थक और कार्यकर्ताओ से गर्मजोशी से मिले तथा उनका हालचाल जाना।
कार्यक्रम के दौरान विधायक अनुपमा रावत ने प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला – उन्होंने दावा किया कि आगामी विधानसभा चुनाव में प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनेगी। साथ ही उन्होंने वोट चोरी समेत विभिन्न मुद्दों को लेकर सरकार को घेरते हुए जनता के बीच कांग्रेस की नीतियों और मुद्दों को मजबूती से उठाने की बात कही। साथ ही कार्यक्रम में कांग्रेस नेताओं ने स्थानीय मुद्दों के साथ-साथ आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर भी अपनी राजनीतिक सक्रियता का संकेत दिया।


वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने मुस्तफाबाद की गुज्जर बस्ती के लोगों के बीच पहुंचकर एक बड़ा राजनीतिक आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेस की सरकार बनती है तो सरकार बनने के तीन महीने के भीतर गुज्जर बस्ती के लोगों को भूमिधर अधिकार दिलाने की दिशा में काम किया जाएगा। उन्होंने बस्ती से जुड़ी अन्य समस्याओं के समाधान का भी आश्वासन दिया।
“एक बॉल उछाली है…” और गरमा गई 2027 की सियासत
कार्यक्रम के बाद जब हरीश रावत से 2027 का विधानसभा चुनाव हरिद्वार से लड़ने को लेकर सवाल किया गया तो उनका जवाब बेहद संक्षिप्त लेकिन सियासी चर्चाओं को हवा देने वाला रहा। हरीश रावत ने कहा—“एक बॉल उछाली है।”
बस, इसी एक वाक्य के बाद उत्तराखंड की सियासत में नई चर्चाओं ने जोर पकड़ लिया है। सवाल यह है कि आखिर हरीश रावत ने यह “बॉल” किस पाले में उछाली है?



क्या वह हरिद्वार ग्रामीण से एक बार फिर चुनावी मैदान में उतरने का संकेत दे रहे हैं? या फिर हरिद्वार की किसी दूसरी विधानसभा सीट को लेकर उनकी रणनीति तैयार हो रही है? फिलहाल उन्होंने अपने पत्ते पूरी तरह नहीं खोले हैं, लेकिन उनके बयान ने 2027 की चुनावी तैयारियों के बीच राजनीतिक हलचल जरूर बढ़ा दी है।



मुस्तफाबाद गुज्जर बस्ती में भूमिधर अधिकार का आश्वासन और उसके बाद 2027 को लेकर दिया गया “एक बॉल उछाली है” वाला बयान—दोनों को जोड़कर देखें तो हरिद्वार की राजनीति में हरीश रावत की सक्रियता आने वाले दिनों में चर्चा का बड़ा विषय बन सकती है।
अब निगाहें इस बात पर हैं कि हरीश रावत की यह सियासी बॉल किसके पाले में जाती है और 2027 के चुनावी मैदान में उनका अगला कदम क्या होता है?