मुख्य अतिथि पवन सैनी का अंगवस्त्र भेंट कर किया सम्मान, सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत से मुलाकात का मिला आश्वासन
हरिद्वार, 18 अक्टूबर 2026। पूर्व केंद्रीय सशस्त्र बल कार्मिक कल्याण संघ की मासिक संगोष्ठी रविवार को प्रातः 10 बजे CISF कैंप, बीएचईएल रानीपुर, हरिद्वार में आयोजित की गई। संगोष्ठी में पूर्व केंद्रीय सशस्त्र बल कार्मिकों के कल्याण, उनकी आवश्यकताओं तथा क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई।
कार्यक्रम की अध्यक्षता संघ के अध्यक्ष रूपचंद आजाद जी ने की, जबकि मंच का संचालन संघ के सचिव राजीव शर्मा जी ने किया। संगोष्ठी में सदस्यों ने आपसी विचार-विमर्श के माध्यम से कार्मिकों एवं उनके परिवारों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया।
अंगवस्त्र भेंट कर मुख्य अतिथि का किया सम्मान
कार्यक्रम में भाजपा व्यवसाय प्रकोष्ठ के प्रदेश सह-संयोजक श्री पवन सैनी जी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। संघ के अध्यक्ष रूपचंद आजाद जी ने मुख्य अतिथि श्री पवन सैनी जी को अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया। इस अवसर पर उपस्थित सदस्यों ने उनका स्वागत करते हुए संघ से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की।
हरिद्वार में CGHS डिस्पेंसरी खुलवाने पर जोर
संगोष्ठी का एक प्रमुख मुद्दा हरिद्वार में केंद्रीय सरकार स्वास्थ्य योजना (CGHS) की डिस्पेंसरी खुलवाने की आवश्यकता रहा। सदस्यों ने कहा कि केंद्रीय सशस्त्र बलों के सेवानिवृत्त कार्मिकों और पात्र लाभार्थियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए हरिद्वार में CGHS डिस्पेंसरी की स्थापना महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।
इस मांग को संबंधित स्तर तक पहुंचाने और इसके समाधान की दिशा में पहल करने पर विचार-विमर्श किया गया। मुख्य अतिथि श्री पवन सैनी जी ने इस विषय पर सांसद श्री त्रिवेंद्र सिंह रावत जी से मुलाकात कराने का आश्वासन दिया, ताकि डिस्पेंसरी खोलने की मांग को उनके समक्ष रखा जा सके।
कल्याणकारी मुद्दों को आगे बढ़ाने का संकल्प
संगोष्ठी के माध्यम से संघ ने पूर्व केंद्रीय सशस्त्र बल कार्मिकों के हितों से जुड़े मुद्दों को संगठित रूप से उठाने तथा उनके समाधान के लिए संबंधित जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों तक अपनी बात पहुंचाने की आवश्यकता पर बल दिया।
कार्यक्रम में सम्मान, संवाद और जनकल्याण से जुड़े विषय प्रमुख रहे। हरिद्वार में CGHS डिस्पेंसरी की स्थापना की दिशा में प्रस्तावित पहल से पूर्व केंद्रीय सशस्त्र बल कार्मिकों एवं पात्र लाभार्थियों को भविष्य में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलने की उम्मीद जताई गई।