करीब ढाई महीने बाद उत्तराखंड लौटेंगे हरीश रावत
20 सितंबर को रामपुर तिराहा से हरिद्वार तक दिखेगा सियासी असर
ED कार्रवाई पर राजेश वालिया के गंभीर आरोप
हरिद्वार/देहरादून, 19 सितम्बर 2026।
उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता हरीश रावत करीब ढाई महीने बाद 20 सितंबर को उत्तराखंड लौटने जा रहे हैं। उनके प्रस्तावित दौरे को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं में उत्साह है। इस दौरान हरीश रावत रामपुर तिराहा पहुंचकर उत्तराखंड आंदोलन के शहीदों को नमन करेंगे और इसके बाद रुड़की होते हुए हरिद्वार पहुंचेंगे, जहां मां गंगा को दूध अर्पित कर पूजा-अर्चना करेंगे। दौरे को आगामी विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस की राजनीतिक सक्रियता से जोड़कर देखा जा रहा है।
सुबह 9 बजे दिल्ली से रवाना होंगे रावत
प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार हरीश रावत 20 सितंबर को सुबह करीब 9 बजे दिल्ली से रवाना होंगे और लगभग साढ़े 11 :30 बजे रामपुर तिराहा पहुंचेंगे। यहां वे शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। इसके बाद उनका काफिला विभिन्न स्थानों से होते हुए रुड़की और हरिद्वार पहुंचेगा।
हरिद्वार में हरीश रावत मां गंगा को पूजा-अर्चना कर दुग्धाभिषेक करेंगे। इसके पश्चात् वे देहरादून के लिए रवाना होंगे और देहरादून पहुंचने पर हरिद्वार रोड स्थित मणिमाई मंदिर में माँ का आशीर्वाद लगे व प्रसाद वितरण करेंगे। तत्पश्चात शहीद स्मारक कचहरी में शहीदों को श्रद्वासुमन अर्पित करेंगे । अंत में वे देहरादून स्थित अपने डिफेंस कॉलोनी आवास पहुंचेंगे।
17 सितंबर को दिल्ली में हुई अहम मुलाकात
इसी कार्यक्रम को लेकर 17 सितंबर को कांग्रेस के प्रदेश महामंत्री वीरेंद्र पोखरियाल तथा प्रदेश सचिव एवं पूर्व राज्य मंत्री राजेश वालिया ने दिल्ली पहुंचकर हरीश रावत से मुलाकात की। बताया गया कि मुलाकात में हरीश रावत की उत्तराखंड वापसी के कार्यक्रम के साथ-साथ प्रदेश की संगठनात्मक और राजनीतिक गतिविधियों पर भी चर्चा हुई।
राजेश वालिया द्वारा बताया गया कि 20 सितंबर का कार्यक्रम स्वयं हरीश रावत के साथ चर्चा के बाद तय हुआ है। ऐसे में उनके उत्तराखंड आगमन को कांग्रेस के भीतर आगामी राजनीतिक गतिविधियों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
ED कार्रवाई पर राजेश वालिया का भाजपा पर निशाना
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के करीबी रहे चंदन सिंह जीना के परिसरों पर प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाई के बाद उत्तराखंड की सियासत में बयानबाजी तेज है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार ईडी की कार्रवाई में जीना के परिसर से 32 लाख रुपये नकद, करीब 200.5 ग्राम सोना और 12 लग्जरी घड़ियां बरामद होने की बात सामने आई है। कार्रवाई 2016 की UKSSSC ग्राम पंचायत विकास अधिकारी भर्ती परीक्षा में कथित अनियमितताओं से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग जांच के संदर्भ में हुई है।
इसी मुद्दे पर कांग्रेस प्रदेश सचिव एवं पूर्व राज्य मंत्री राजेश वालिया ने भाजपा पर राजनीतिक निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि 2027 के विधानसभा चुनाव को देखते हुए कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया जा रहा है। वालिया ने ईडी की कार्रवाई से जुड़े राजनीतिक आरोपों को गलत और निराधार बताया।
हालांकि, ईडी की जांच और उससे जुड़े आधिकारिक निष्कर्षों को लेकर अंतिम स्थिति जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
‘भाजपा ही नहीं, कांग्रेस के कुछ लोग भी हरीश रावत को पचा नहीं पा रहे’
राजेश वालिया ने अपने बयान में बेहद तीखी राजनीतिक भाषा का इस्तेमाल करते हुए कहा कि भाजपा हरीश रावत के नाम से परेशान है, खासकर आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए। उन्होंने कांग्रेस के भीतर भी कुछ नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि ऐसे लोग हैं जो हरीश रावत को स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं।
वालिया ने आरोप लगाया कि ईडी की कार्रवाई के पीछे भाजपा के साथ-साथ कांग्रेस के कुछ ऐसे नेताओं की भूमिका भी हो सकती है, जिन्हें उन्होंने ‘कांग्रेस के महिषासुर’ बताया। यह वालिया का राजनीतिक आरोप है, जिसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
‘हरीश रावत पूर्णतः स्वस्थ हैं’
राजेश वालिया ने यह भी कहा कि हरीश रावत पूर्णतः स्वस्थ हैं और जल्द ही उत्तराखंड पहुंचकर पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच सक्रिय होंगे।
उन्होंने कहा कि हरीश रावत के उत्तराखंड लौटने से कांग्रेस कार्यकर्ताओं में नई सक्रियता आएगी और पार्टी आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर संगठन को मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ेगी।
चंदन सिंह जीना के घर मिली नकदी को लेकर वालिया का बड़ा दावा
ईडी की कार्रवाई में सामने आई कथित नकदी को लेकर राजेश वालिया ने एक अलग दावा भी किया। उनके मुताबिक, चंदन सिंह जीना के पास मिली कथित नकदी कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा पार्टी हित में दिए गए चंदे से संबंधित थी।
सचिव वालिया का दावा है कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं की ओर से संगठनात्मक गतिविधियों के लिए यह धनराशि हरीश रावत को दी गई थी और पार्टी के कामकाज को सुचारू रूप से चलाने तथा धनराशि का हिसाब-किताब व्यवस्थित रखने के उद्देश्य से इसे जीना के घर पर रखा गया था।
वालिया ने इसे कांग्रेस कार्यकर्ताओं और संगठन के हित में जुटाई गई धनराशि बताया।
हरीश रावत के OSD रहे हैं चंदन जीना
चंदन सिंह जीना का हरीश रावत से पुराना जुड़ाव रहा है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार वे 2014 से 2017 के बीच हरीश रावत के मुख्यमंत्री कार्यकाल में OSD रहे और बाद में उनके निजी सहायक के रूप में भी जुड़े रहे।
ED कार्रवाई के बाद हरीश रावत ने कांग्रेस के दो संगठनात्मक पदों से हटने की पेशकश/निर्णय की बात कही थी, हालांकि उन्होंने कांग्रेस से अपने संबंध जारी रखने की बात भी स्पष्ट की।
2027 से पहले कांग्रेस की बढ़ती सक्रियता
राजेश वालिया ने दावा किया कि कांग्रेस आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर पूरी तरह सक्रिय है और कार्यकर्ताओं को संगठित कर चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी कर रही है। उन्होंने कहा कि आने वाले चुनाव में प्रदेश की राजनीतिक परिस्थितियों में बदलाव देखने को मिल सकता है।
ऐसे में 20 सितंबर को हरीश रावत की उत्तराखंड वापसी सिर्फ एक व्यक्तिगत दौरे तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि कांग्रेस संगठन और प्रदेश की राजनीति में इसकी चर्चा स्वाभाविक रूप से तेज होगी। रामपुर तिराहा पर शहीदों को नमन, रुड़की होते हुए हरिद्वार पहुंचना और मां गंगा की पूजा-अर्चना—इन सभी कार्यक्रमों के बीच हरीश रावत की सक्रियता पर राजनीतिक हलकों की नजर रहेगी।
रामपुर तिराहा से हरिद्वार तक हरीश रावत का यह दौरा ऐसे समय हो रहा है, जब ED कार्रवाई को लेकर कांग्रेस और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हैं और 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियां भी धीरे-धीरे गति पकड़ रही हैं।