17.29 करोड़ रुपये के कथित जाली नोटों के मामले में जांच का दायरा बढ़ा, बैंकिंग नेटवर्क से जुड़े संपर्कों की पड़ताल तेज
रुड़की,२० सितम्बर ।
उत्तर प्रदेश के सहारनपुर स्थित पंजाब नेशनल बैंक (PNB) करेंसी चेस्ट में मिले 17.29 करोड़ रुपये के कथित जाली नोटों के मामले की जांच अब उत्तराखंड तक पहुंच गई है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने शनिवार देर रात रुड़की के गणेशपुर सेक्टर रोड क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई करते हुए सहारनपुर निवासी एक युवक को हिरासत में लिया। स्थानीय पुलिस के सहयोग से हुई इस कार्रवाई की खबर फैलते ही इलाके में हड़कंप मच गया।
बताया जा रहा है कि हिरासत में लिया गया युवक रुड़की में अपने एक रिश्तेदार के घर आया हुआ था। देर रात NIA की टीम ने संबंधित मकान को घेर लिया। घर अंदर से बंद होने के बाद जांच टीम द्वारा आसपास की छतों के रास्ते घर में प्रवेश किए जाने की बात सामने आई है। इसके बाद युवक को पूछताछ के लिए अपने साथ ले जाया गया।
हालांकि, NIA की ओर से युवक की भूमिका को लेकर अभी कोई अंतिम जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। जांच एजेंसी उसके संपर्कों, गतिविधियों और इस मामले में पहले गिरफ्तार किए जा चुके लोगों के साथ उसके कथित संबंधों की पड़ताल कर रही है।
पहले दो आरोपियों की हो चुकी है गिरफ्तारी
सहारनपुर के PNB करेंसी चेस्ट से जुड़े इस मामले में NIA पहले ही अमित कुमार और संविदा चालक आदेश चौधरी को गिरफ्तार कर चुकी है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार अमित कुमार की गिरफ्तारी 7 सितंबर को, जबकि आदेश चौधरी की गिरफ्तारी 16 सितंबर को हुई थी।
अब जांच एजेंसी का फोकस इस बात पर है कि कथित जाली नोट बैंक की करेंसी चेस्ट तक किस तरह पहुंचे, उनकी आवाजाही किन माध्यमों से हुई और इस पूरी प्रक्रिया में कौन-कौन लोग कथित रूप से जुड़े हो सकते हैं।
29 अगस्त को सामने आया था मामला
मामले की शुरुआत 29 अगस्त को हुई, जब सहारनपुर स्थित PNB करेंसी चेस्ट में बड़ी मात्रा में कथित जाली भारतीय मुद्रा मिलने की जानकारी सामने आई। इसके बाद स्थानीय स्तर पर मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
प्रारंभिक जांच के दौरान बैंक के तीन कर्मचारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में आई और उन्हें निलंबित किए जाने की जानकारी सामने आई। मामले की गंभीरता को देखते हुए बाद में राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने 3 सितंबर को जांच अपने हाथ में ले ली।
NIA अब मामले की अलग-अलग कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। जांच के दौरान बैंकिंग रिकॉर्ड, करेंसी चेस्ट से संबंधित दस्तावेज, नकदी की आवाजाही और संबंधित लोगों के संपर्कों की पड़ताल किए जाने की बात सामने आ रही है।
सहारनपुर से रुड़की तक पहुंची जांच की आंच
इस मामले में रुड़की में हुई कार्रवाई ने जांच को नया मोड़ दिया है। अब यह सवाल भी महत्वपूर्ण हो गया है कि कथित जाली नोटों के मामले से जुड़े लोगों के संपर्क उत्तर प्रदेश से बाहर तक कितने फैले हुए हैं।
जांच एजेंसी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड से जुड़े संभावित संपर्कों तथा बैंकिंग व्यवस्था में नकदी की आवाजाही के रिकॉर्ड को खंगाल रही है। NIA यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कथित जाली नोटों का स्रोत क्या था और वे बैंकिंग व्यवस्था के भीतर तक किस तरह पहुंचे।
रुड़की में हुई कार्रवाई को इसी विस्तृत जांच की अगली कड़ी माना जा रहा है। हालांकि, हिरासत में लिए गए युवक पर अभी किसी अपराध का आरोप सिद्ध नहीं हुआ है। उसकी वास्तविक भूमिका NIA की पूछताछ और जांच के दौरान सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर ही स्पष्ट होगी।
जांच आगे बढ़ने के साथ खुल सकती हैं कई अहम कड़ियां
17.29 करोड़ रुपये की कथित जाली मुद्रा से जुड़ा यह मामला केवल एक बैंक या कुछ व्यक्तियों तक सीमित है या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क सक्रिय था—यह जांच का अहम पहलू बना हुआ है। रुड़की में हुई कार्रवाई से संकेत मिलता है कि एजेंसी मामले की कड़ियों को अलग-अलग स्थानों तक जोड़कर आगे बढ़ रही है।
अब निगाहें NIA की आगामी जांच और पूछताछ पर टिकी हैं। आने वाले दिनों में यदि नए नाम, नए संपर्क या अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य सामने आते हैं, तो इस मामले का दायरा और भी बढ़ सकता है।