हरिद्वार, 21 अप्रैल।
हरिद्वार: सेवा भारती उत्तराखंड (जिला हरिद्वार) का वार्षिक उत्सव मंगलवार को ऋषिकुल ऑडिटोरियम में श्रद्धा और उत्साह के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के उत्तराखंड प्रांत प्रचारक डॉ. शैलेन्द्र उपस्थित रहे, जबकि अध्यक्षता जिला अध्यक्ष एडवोकेट संजय जैन ने की।

दीप प्रज्वलन और भारत माता के चित्र पर माल्यार्पण के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। सेवा बस्तियों के बच्चों ने स्वागत गीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से माहौल भावपूर्ण बना दिया।
मुख्य वक्ता डॉ. शैलेन्द्र ने अपने संबोधन में “पंच परिवर्तन” का मंत्र देते हुए समाज और राष्ट्र निर्माण के लिए पांच संकल्पों पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सेवा भारती केवल एक संगठन नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और सनातन मूल्यों की जीवंत अभिव्यक्ति है।
उन्होंने जिन पांच बिंदुओं पर विशेष बल दिया, उनमें :-
1. स्वत्व का बोध: अपनी भाषा, संस्कृति और परंपराओं पर गर्व
2. सामाजिक समरसता: भेदभाव खत्म कर समाज के अंतिम व्यक्ति को जोड़ना
3. कुटुंब प्रबोधन: परिवार में संवाद और संस्कारों को मजबूत करना
4. पर्यावरण संरक्षण: पेड़ लगाना, प्लास्टिक से बचना और प्रकृति की रक्षा
5. नागरिक कर्तव्य: अनुशासन और जिम्मेदारी के साथ राष्ट्र निर्माण
उन्होंने आह्वान किया कि हर कार्यकर्ता इन संकल्पों को जीवन में उतारे और सेवा बस्तियों तक पहुंचाए।
जिला मंत्री सरिता सिंह ने वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए बताया कि हरिद्वार जिले में 34 बस्तियों में 38 सेवा प्रकल्प संचालित हो रहे हैं। इनमें संस्कार केंद्र, सिलाई व कंप्यूटर प्रशिक्षण, चिकित्सा सेवाएं और योग-आत्मरक्षा प्रशिक्षण शामिल हैं। पिछले वर्ष हजारों बच्चों, महिलाओं और जरूरतमंद परिवारों को शिक्षा, स्वास्थ्य और राहत सामग्री का लाभ पहुंचाया गया।
कार्यक्रम का संचालन अनमोल गर्ग और सरिता सिंह ने किया। अंत में सभी सहयोगियों और आयोजकों का आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम का समापन हुआ।
इस अवसर पर प्रांत व जिले के कई पदाधिकारी, कार्यकर्ता और सेवा केंद्रों से जुड़े बच्चे व अभिभावक बड़ी संख्या में मौजूद रहे।