हरिद्वार। सोमवार , 27 अप्रैल
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में सोमवार को जिला कार्यालय सभागार में जनसुनवाई कार्यक्रम आयोजित किया गया। जनपदवासियों की समस्याओं के त्वरित समाधान के उद्देश्य से आयोजित इस कार्यक्रम में विभिन्न विभागों से संबंधित 36 शिकायतें और ऑनलाइन माध्यम से 20 शिकायतें दर्ज की गईं। कुल 56 शिकायतों में से 26 का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया, जबकि शेष शिकायतों को संबंधित विभागों को त्वरित कार्रवाई के लिए भेजा गया।


जनसुनवाई में राजस्व, भूमि विवाद, बिजली, राशन, अतिक्रमण, जलभराव, पेयजल और पेंशन जैसी समस्याएं प्रमुख रूप से सामने आईं। शिकायतकर्ताओं ने जन्म प्रमाण पत्र बनवाने, नाले पर पाइप डालने, चकरोड खुलवाने, सरकारी संपत्ति से अवैध कब्जा हटाने, नए पानी के कनेक्शन और वृद्धजन उत्पीड़न जैसे मामलों को उठाया।


इसके अलावा जनपद की 25 ग्राम पंचायतों में बनाए गए मिनी सचिवालयों के माध्यम से भी ग्रामीणों की शिकायतें ऑनलाइन दर्ज कराई गईं। इनमें तालाब के पानी की निकासी, बिजली के पोल लगाने, पानी की टंकी की लीकेज ठीक कराने और ग्रामीणों को पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराने जैसी समस्याएं शामिल रहीं।
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनसुनवाई में दर्ज सभी शिकायतों का समयबद्ध और संवेदनशीलता के साथ निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। जिन मामलों में स्थलीय निरीक्षण आवश्यक है, वहां अधिकारी मौके पर जाकर समस्या का समाधान करें।
सीएम हेल्पलाइन में दर्ज शिकायतों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने 36 दिन से अधिक लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने के निर्देश दिए। वर्तमान में एल-1 स्तर पर 421 और एल-2 स्तर पर 110 शिकायतें लंबित हैं, जिन्हें शीघ्र निस्तारित करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए।