हरिद्वार, 20 अप्रैल 2026
जनपद वासियों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की पहल पर हरिद्वार में एक अभिनव व्यवस्था शुरू की गई है। इसके तहत ग्राम पंचायत स्तर पर बनाए गए “मिनी सचिवालयों” में अब ग्रामीणों की समस्याएं सुनी जाएंगी। इस व्यवस्था का शुभारंभ मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र ने वर्चुअल माध्यम से किया।

इस नई पहल के तहत प्रत्येक सोमवार को आयोजित होने वाली जनसुनवाई को अब मिनी सचिवालयों से भी जोड़ा जाएगा, जिससे ग्रामीणों को अपनी समस्याएं लेकर जिला मुख्यालय नहीं आना पड़ेगा। ग्राम प्रधानों के माध्यम से समस्याएं सुनी जाएंगी और संबंधित अधिकारियों से सीधे समाधान सुनिश्चित किया जाएगा।

मुख्य विकास अधिकारी ने बताया कि उत्तराखंड के रजत जयंती वर्ष के अवसर पर जीर्ण-शीर्ण पंचायत भवनों का पुनर्निर्माण कर उन्हें ‘मिनी सचिवालय’ के रूप में विकसित किया गया है। जनपद में कुल 25 मिनी सचिवालय तैयार किए गए हैं, जिनमें बहादराबाद (8), भगवानपुर (3), रुड़की (5), नारसन (5), लक्सर (3) और खानपुर (1) शामिल हैं।

उन्होंने कहा कि यह देश की पहली ऐसी पहल है, जहां ग्राम स्तर पर जनसुनवाई को वर्चुअल माध्यम से जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से जोड़ा गया है। साथ ही, जिला स्तर की शिकायतों के लिए व्हाट्सएप के माध्यम से भी आवेदन की सुविधा दी गई है।
जनसुनवाई में 42 शिकायतें दर्ज, 21 का मौके पर समाधान
जिला कार्यालय सभागार में आयोजित जनसुनवाई कार्यक्रम में विभिन्न विभागों से संबंधित कुल 42 शिकायतें दर्ज की गईं। इनमें से 21 का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया, जबकि शेष को संबंधित विभागों को भेजा गया।

शिकायतों में राजस्व, भूमि विवाद, विद्युत कनेक्शन, अतिक्रमण, एलपीजी गैस आदि से जुड़ी समस्याएं प्रमुख रहीं। विष्णु विहार कॉलोनी के निवासियों ने बिजली कनेक्शन की मांग उठाई, जबकि सोहलपुर निवासी मुनीश ने अपने लापता पिता की तलाश के लिए कार्रवाई की मांग की।
इसके अलावा दाबकी कला के ग्रामीणों ने लंबित चकबंदी प्रक्रिया पूरी कराने, कनखल निवासी अमित कुमार ने भूमि पैमाइश, तथा अतमलपुर, शांतरशाह व खेड़ली के किसानों ने फसलों को नुकसान और अतिक्रमण की शिकायत दर्ज कराई।

अधिकारियों को सख्त निर्देश
मुख्य विकास अधिकारी डॉ. मिश्र ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनसुनवाई में प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध और संवेदनशीलता के साथ निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। लापरवाही बरतने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई।
उन्होंने यह भी कहा कि जिन मामलों में स्थलीय निरीक्षण आवश्यक है, वहां विभागीय समन्वय के साथ तत्काल कार्रवाई की जाए ताकि लोगों को शीघ्र राहत मिल सके।

बैठक मे अपर जिलाधिकारी पी आर चौहान,जिला पंचायत राज अधिकारी अतुल प्रताप सिंह, परियोजना निदेशक नलिनीत घिल्डियाल, जिला अर्थ संख्या आधिकारी नलिनी ध्यानी,मुख्य शिक्षा अधिकारी नरेश कुमार हल्दियानी ,जिला शिक्षा अधिकारी (प्रा०शि०) अमित कुमार चन्द,जिला प्रोविजन अधिकारी अविनाश भदौरिया,अधिशासी अभियंता यूपीसीएल दीपक सैनी,जिला पूर्ति अधिकारी मुकेश पाल सहित जिला स्तरीय सम्बन्धित अधिकारी एवं विभिन्न क्षेत्रों से आए बड़ी संख्या में फरियादी उपस्थित रहे।

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