हरिद्वार,16 अगस्त 2026।
धर्मनगरी हरिद्वार में आगामी 23 अगस्त को 116वां श्री मुल्तान जोत महोत्सव श्रद्धा, आस्था और उल्लास के साथ मनाया जाएगा। इस अवसर पर हरकी पैड़ी पर देशभर से हजारों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। महोत्सव को लेकर मुल्तानी समाज में विशेष उत्साह देखा जा रहा है। आयोजन के दौरान मां गंगा को पावन जोत अर्पित करने के साथ विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
प्रेस क्लब हरिद्वार में आयोजित पत्रकार वार्ता में अखिल भारतीय मुल्तान युवा संगठन के अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक डॉ. महेंद्र नागपाल ने महोत्सव की तैयारियों और ऐतिहासिक परंपरा की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस वर्ष के आयोजन में देश की कई जानी-मानी राजनीतिक और फिल्मी हस्तियां भी शामिल होंगी।
दिग्गज हस्तियां रहेंगी मौजूद
डॉ. महेंद्र नागपाल के अनुसार महोत्सव में असम के पूर्व राज्यपाल प्रो. जगदीश मुखी, भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री एवं राज्यसभा सांसद तरुण चुघ, वीरेंद्र सचदेवा, सांसद बांसुरी स्वराज, उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक, संजय तलवार सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहेंगे।
इसके अलावा टीवी एवं फिल्म जगत से जुड़े कलाकार अमर वाल्मीकि तथा ‘धुरंधर’ फिल्म से जुड़े कलाकार शेख रईस करीम भी कार्यक्रम में शिरकत करेंगे। इन प्रमुख हस्तियों की मौजूदगी से आयोजन को और भव्य स्वरूप मिलने की उम्मीद है।
1911 से चली आ रही है जोत अर्पित करने की परंपरा
डॉ. महेंद्र नागपाल ने बताया कि श्री मुल्तान जोत महोत्सव की परंपरा वर्ष 1911 से चली आ रही है। उन्होंने कहा कि भक्त रूपचंद जी ने समाज में शांति, भाईचारे और सद्भाव की कामना को लेकर तत्कालीन मुल्तान से हरिद्वार तक पदयात्रा की थी। हरिद्वार पहुंचकर उन्होंने सबसे पहले मां गंगा को जोत अर्पित की थी।
विभाजन के बाद मुल्तान पाकिस्तान का हिस्सा बन गया, लेकिन भक्त रूपचंद द्वारा शुरू की गई यह धार्मिक एवं सामाजिक परंपरा आज भी निरंतर जारी है। देशभर में रहने वाले मुल्तानी समाज के लोग हर वर्ष कांवड़ यात्रा के समापन के बाद हरिद्वार पहुंचकर मां गंगा को जोत अर्पित करते हैं।
हरकी पैड़ी पर होगा भव्य आयोजन
23 अगस्त को हजारों श्रद्धालु हरकी पैड़ी पहुंचेंगे। यहां श्रद्धालुओं द्वारा मां गंगा के साथ दूध की होली खेलने के साथ श्रद्धा और आस्था के साथ जोत अर्पित की जाएगी। इस दौरान वातावरण धार्मिक जयघोष और भक्ति के रंग में रंगा नजर आएगा।
महोत्सव के तहत भव्य शोभायात्रा, सुंदरकांड पाठ, धार्मिक अनुष्ठान एवं अन्य आध्यात्मिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाएगा। आयोजकों ने श्रद्धालुओं से महोत्सव में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर इस ऐतिहासिक परंपरा का हिस्सा बनने का आह्वान किया है।
सामाजिक एकता और भाईचारे का संदेश
मुल्तान जोत महोत्सव केवल धार्मिक आयोजन ही नहीं, बल्कि सामाजिक एकता, भाईचारे और सद्भाव का भी प्रतीक माना जाता है। 116 वर्षों से चली आ रही यह परंपरा देश के विभिन्न हिस्सों में बसे मुल्तानी समाज को हरिद्वार और मां गंगा के प्रति अपनी आस्था से जोड़ती है।
पत्रकार वार्ता में संगठन के उपाध्यक्ष सुरेंद्र आहूजा, कोषाध्यक्ष सतपाल अरोड़ा सहित संगठन के कई पदाधिकारी मौजूद रहे। पदाधिकारियों ने बताया कि महोत्सव को भव्य एवं व्यवस्थित रूप से संपन्न कराने के लिए तैयारियां तेज कर दी गई हैं।