चमोली, 23 अप्रैल 2026 ।
चारधाम यात्रा 2026 के पांचवें दिन आज गुरूवार चमोली स्थित बद्रीनाथ धाम के कपाट विधिवत रूप से श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। सुबह 6 बजकर 15 मिनट पर मंदिर के द्वार खुलते ही भगवान बद्रीविशाल के दर्शन शुरू हो गए। सबसे पहले मंदिर में रावल ने प्रवेश कर पूजा-अर्चना संपन्न कराई। इस पावन अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी मौजूद रहे।

कड़ाके की ठंड और – 4°C तापमान के बीच पहले दिन करीब 7 हजार श्रद्धालुओं के दर्शन करने का अनुमान है। कपाट खुलने के साथ ही मंदिर परिसर में भक्ति और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। वहीं, सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए पुलिस, प्रशासन और जवानों की विशेष तैनाती की गई। आईटीबीपी, पुलिस और अन्य सुरक्षा बलों के जवान पूरी सतर्कता के साथ श्रद्धालुओं की सुरक्षा और यात्रा व्यवस्था संभालते नजर आए।

कपाट खुलने के बाद सबसे पहले मंदिर के भीतर बीते छह महीनों से जल रही अखंड ज्योति के दर्शन किए गए। कपाट बंद होने के समय भगवान बद्रीविशाल पर चढ़ाया गया घृत कंबल भी हटाया गया। बद्रीनाथ धाम के पूर्व धर्माधिकारी आचार्य भुवन चंद्र उनियाल ने बताया कि इस वर्ष कंबल घी में लबालब मिला है, जो पूरे साल मौसम अनुकूल रहने का संकेत माना जा रहा है।

बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलने के साथ ही अब श्रद्धालु उत्तराखंड के चारों धामों – गंगोत्री, यमुनोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ – के दर्शन कर सकेंगे। इससे पहले 19 अप्रैल को अक्षय तृतीया के अवसर पर गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुले थे, जबकि 22 अप्रैल को बाबा केदारनाथ के कपाट खोले गए थे।

राज्य सरकार का दावा है कि इस बार यात्रा को पहले से अधिक सुगम, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाया गया है। वर्ष 2025 में करीब 51,06,346 श्रद्धालुओं ने चारों धामों के दर्शन किए थे, जो 2024 की तुलना में लगभग 4.35 लाख अधिक थे। वहीं इस वर्ष अब तक 21 लाख से ज्यादा श्रद्धालु यात्रा के लिए पंजीकरण करा चुके हैं।

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