हरिद्वार, 01 अगस्त।
श्रावण कांवड़ यात्रा के दूसरे दिन हरिद्वार में एक हृदयविदारक हादसे ने पूरे माहौल को गमगीन कर दिया। ज्वालापुर कोतवाली क्षेत्र स्थित जटवाड़ा पुल के पास गंगनहर में डूबने से चंडीगढ़ से आए चार कांवड़ियों की दर्दनाक मौत हो गई। सबसे मार्मिक पहलू यह रहा कि एक साथी को बचाने के प्रयास में तीन अन्य युवक भी नहर में कूद पड़े और तेज बहाव की चपेट में आकर अपनी जान गंवा बैठे। इस हादसे के बाद मृतकों के परिजनों और साथियों का रो-रोकर बुरा हाल है।
एक साथी को बचाने की कोशिश बनी मौत की वजह
जानकारी के अनुसार, चंडीगढ़ से लगभग 20 कांवड़ियों का एक दल हरिद्वार गंगाजल लेने आया था। सभी श्रद्धालु हरकी पैड़ी से गंगाजल भरकर वापस लौट रहे थे। दोपहर करीब 3:30 बजे जटवाड़ा पुल के पास कुछ युवक विश्राम के लिए रुके। इसी दौरान एक किशोर गंगनहर में नहाने उतर गया, लेकिन कुछ ही देर में वह गहरे पानी और तेज बहाव में फंस गया।
साथी को डूबता देख तीन अन्य युवक बिना अपनी जान की परवाह किए उसे बचाने के लिए नहर में कूद पड़े। लेकिन नहर का तेज बहाव और नीचे मौजूद दलदली मिट्टी उनके लिए जानलेवा साबित हुई। देखते ही देखते चारों युवक पानी में समा गए।
रेस्क्यू टीम ने चलाया सर्च ऑपरेशन, लेकिन नहीं बच सकी जान
घटना की सूचना मिलते ही जल पुलिस, एसडीआरएफ और स्थानीय पुलिस की टीम तत्काल मौके पर पहुंची। गोताखोरों ने कई घंटे तक सर्च ऑपरेशन चलाकर चारों युवकों को बाहर निकाला, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
चारों मृतक चंडीगढ़ के रहने वाले
पुलिस ने मृतकों की पहचान शिवांशु (16), नीतीश, भरत और रोहित के रूप में की है। पुलिस के अनुसार चारों नाबालिग थे। हादसे की सूचना मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया और उनके साथ आए कांवड़ियों का भी रो-रोकर बुरा हाल हो गया।
साथी ने सुनाई हादसे की दर्दनाक कहानी
जिला अस्पताल पहुंचे कांवड़िया साहिल ने बताया कि उसने किसी तरह एक साथी को बचा लिया, लेकिन अपने भाई समेत चार युवकों को नहीं बचा सका। उसने कहा कि सब कुछ कुछ ही पलों में हो गया और कोई भी उन्हें तेज बहाव से बाहर नहीं निकाल पाया।
प्रतिबंधित स्थान पर नहाना पड़ा भारी
पुलिस के अनुसार जिस स्थान पर यह हादसा हुआ, वह अधिकृत स्नान घाट नहीं है। वहां स्नान करना प्रतिबंधित है और लोगों को सावधान करने के लिए चेतावनी बोर्ड भी लगाए गए हैं। इसके बावजूद युवक नहर में उतर गए। अधिकारियों का कहना है कि इस हिस्से में पानी का बहाव अत्यंत तेज रहता है और नीचे दलदली मिट्टी होने के कारण यहां हादसों का खतरा हमेशा बना रहता है।
प्रशासन ने श्रद्धालुओं से की अपील
एसपी सिटी अभय प्रताप सिंह ने सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि गंगा और गंगनहर में केवल प्रशासन द्वारा अधिकृत एवं सुरक्षित घोषित घाटों पर ही स्नान करें। प्रतिबंधित और चेतावनी वाले स्थानों पर पानी में उतरने से बचें तथा पुलिस और प्रशासन द्वारा जारी सुरक्षा निर्देशों का पूरी तरह पालन करें।
लापरवाही ने छीनी चार जिंदगियां
यह हादसा एक बार फिर इस बात की याद दिलाता है कि कांवड़ यात्रा के दौरान प्रशासन की चेतावनियों की अनदेखी कितनी भारी पड़ सकती है। एक साथी को बचाने की मानवीय कोशिश ने चार परिवारों के चिराग बुझा दिए। अब यह दुखद घटना सभी श्रद्धालुओं के लिए एक बड़ी सीख है कि आस्था के साथ-साथ सुरक्षा नियमों का पालन भी उतना ही आवश्यक है।