हरिद्वार,19 जुलाई।
हरिद्वार पुलिस ने ICICI बैंक से जुड़े करीब 50 लाख रुपये के हाई-प्रोफाइल बैंक फ्रॉड का खुलासा करते हुए एक महिला समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने फर्जी आधार कार्ड और फोन बैंकिंग का इस्तेमाल कर खाताधारक के नाम पर नया डेबिट कार्ड बनवाया और उसके जरिए नकदी निकाली, महंगी ज्वेलरी खरीदी, प्लॉट खरीदा तथा स्कूटी भी खरीदी। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 13 लाख रुपये नकद, 12 लाख रुपये की प्लॉट रजिस्ट्री, एक स्कूटी, कई मोबाइल फोन, फर्जी आधार कार्ड और डेबिट कार्ड बरामद किए हैं।

एसएसपी नवनीत सिंह के निर्देशन में कोतवाली नगर पुलिस और सीआईयू टीम ने इस पूरे मामले का खुलासा किया। पुलिस के अनुसार आईसीआईसीआई बैंक, पुराना रानीपुर मोड़ शाखा के मैनेजर अपूर्व दुबे ने शिकायत दर्ज कराई थी कि बैंक के एक खाते से लगभग 50 लाख रुपये के संदिग्ध ट्रांजैक्शन हुए हैं। बाद में खाताधारक ने बैंक की बेंगलुरु शाखा में शिकायत कर बताया कि उसके खाते से बिना जानकारी के रकम निकाली गई है। इस शिकायत पर कोतवाली नगर में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई।

लोकेशन ट्रेस कर दबोचे गए आरोपी
जांच के दौरान पुलिस को कुछ संदिग्ध मोबाइल नंबर मिले। उनकी लोकेशन ट्रेस करते हुए पुलिस ने भगवानपुर और मंडावर क्षेत्र में लगातार दबिश दी। आखिरकार खेडी शिकोहरपुर के पास हाईवे से करीब 150 मीटर अंदर खेत के किनारे खड़ी एक नीली स्कूटी के पास तीन संदिग्ध दिखाई दिए। पुलिस को देखते ही तीनों भागने लगे, लेकिन टीम ने पीछा कर उन्हें मौके पर ही पकड़ लिया।
पूछताछ में खुला पूरा खेल
गिरफ्तार महिला संगीता देवी ने बताया कि उसके साथ मौजूद रीनू कुमार उर्फ सोनू और उपेंद्र कुमार सहगल ने उसे खाताधारक आकाश सिन्हा के नाम का डेबिट कार्ड दिया था। तलाशी में संगीता से 3 लाख रुपये नकद, दो आधार कार्ड, आकाश सिन्हा के नाम का डेबिट कार्ड, डेबिट कार्ड आवेदन पत्र और दो मोबाइल फोन बरामद हुए। उपेंद्र कुमार सहगल के कब्जे से 4 लाख रुपये नकद और मोबाइल फोन, जबकि रीनू उर्फ सोनू से 6 लाख रुपये नकद, मोबाइल फोन और आधार कार्ड बरामद किया गया।
ज्वेलरी, प्लॉट और स्कूटी में लगाया चोरी का पैसा
पूछताछ में संगीता ने बताया कि जुलाई-अगस्त 2025 के दौरान उसने देहरादून, रुड़की और दिल्ली से करीब 35 लाख रुपये की ज्वेलरी खरीदी, जिसे बाद में सोनू को सौंप दिया। भगवानपुर के एटीएम से कई बार नकदी निकालकर आपस में बांट ली गई। पहला डेबिट कार्ड बंद होने के बाद आरोपियों ने फोन बैंकिंग के जरिए खाताधारक के नाम पर नया एटीएम कार्ड भी जारी करा लिया।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि ज्वेलरी बेचकर मिले 12 लाख रुपये से संगीता के नाम एक प्लॉट खरीदा गया, जिसकी रजिस्ट्री स्कूटी की डिग्गी से बरामद हुई।
ऐसे करते थे बैंक फ्रॉड
पुलिस के अनुसार गिरोह बड़ी कंपनियों के बैंक खातों की जानकारी जुटाता था। इसके बाद बैंक की प्रणाली की कमियों का फायदा उठाकर फोन बैंकिंग और कस्टमर केयर के जरिए खाताधारक की ईमेल बदलवाते थे। फिर फर्जी आधार कार्ड के माध्यम से नया डेबिट कार्ड हासिल कर खाते से नकदी निकालते और महंगी खरीदारी करते थे।
इन कंपनियों के खाते भी थे निशाने पर
जांच में खुलासा हुआ है कि गिरोह की नजर कई बड़ी कंपनियों के खातों पर भी थी, जिनमें कीपसे इंडस्ट्री प्राइवेट लिमिटेड, गैलेक्सी इलेक्ट्रिकल वर्क्स प्राइवेट लिमिटेड, बजाज इलेक्ट्रिकल लिमिटेड, होंडा केयर इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और ऑटोमेटिक मैन्युफैक्चरर प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं।
पकड़े गए आरोपियो की पहचान –
1- संगीता देवी पत्नी बिकास कुमार निवासी हाल ग्राम सिसौना थाना भगवानपुर जनपद हरिद्वार मूल निवासी ग्राम पो0 – संकर सरैया मुंशी इनार, संकार सरैया, शंकर शरया ,बिहार
2- अपेन्दर कुमार सहगल (उम्र – 35 वर्ष) पुत्र पाल सिंह निवासी म0न0- 39 जन्ता रोड , गोविन्द विहार थाना जनकपुरी जिला सहारनपुर उत्तर प्रदेश
3- रीनू कुमार उर्फ सोनू कुमार (उम्र 36 वर्ष) पुत्र हुकुम चन्द निवासी म0न0- 90 गाँव मेगछापर थाना कुतुबशेर जिला सहारनपुर उत्तर प्रदेश
पुराना आपराधिक रिकॉर्ड भी आया सामने
पुलिस के अनुसार आरोपी उपेंद्र कुमार और रीनू उर्फ सोनू वर्ष 2022 में बेहट थाना क्षेत्र में एटीएम फ्रॉड के मामले में जेल जा चुके हैं। वहीं सोनू वर्ष 2013 में सहसपुर थाना क्षेत्र के चर्चित हत्याकांड में भी जेल जा चुका है।
बरामदगी
13 लाख रुपये नकद, फर्जी आधार कार्ड, खाताधारक के नाम का डेबिट कार्ड एवं आवेदन पत्र, तीन मोबाइल फोन, एक नीली स्कूटी, 12 लाख रुपये के प्लॉट की रजिस्ट्री
कार्यवाही करने वाली पुलिस टीम में –
प्रभारी निरीक्षक कुंदन राणा, उ0नि0 ऋषिकांत पटवाल, उ0नि0 प्रदीप कुमार, है0का0 संजीव राणा, का0 आंनद तोमर, म0का0 शोभा तथा का0 वसीम किउ शामिल रहे।
आगे की कार्रवाई
पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमे में बढ़ोतरी करते हुए उन्हें न्यायालय में पेश करने की तैयारी शुरू कर दी है। साथ ही इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश भी तेज कर दी गई है।