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हल्द्वानी_ऑनलाइन_2011

कोरोना महामारी को अगर गौर से देखा जाए तो हम पाएंगे कि योद्धाओं की अग्रणी श्रंखला चिकित्सकों की है , फिर चाहे वो देश के किसी भी हिस्से में क्यों न हो । इसके बावजूद #चिकित्सकीययोद्धाओं के बारे में कम ही सुनने को मिला है । आखिर ऐसा क्यों ? आज पैनल हल्द्वानी ऑनलाइन 2011 ऐसी ही शख्सियत से आपको रूबरू कराने जा रहा है जो कि हमारे ही शहर में कोरोना के चक्रव्यूह संरचना से लड़ रही हैं, देश के लिए, अपने नागरिकों के लिए । सन. 2004 बैच , किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी जो दशकों से देश की चिकित्सकीय शिक्षा की रीढ़ रहा है, में MBBS करी हुई डॉ अनामिका जी । डॉ अनामिका पूर्व में भारत तिब्बत बॉर्डर पुलिस, व सुशीला तिवारी चिकित्सालय में अपनी सेवा भी दे चुकी हैं । ITBP में अपने कार्यकाल के बाद जयपुर से उन्होंने पोस्ट ग्रेजुएशन किया और तत्पश्चात हल्द्वानी स्थित महिला राजकीय चिकित्सालय में बतौर पैथोलोजिस्ट अपनी सेवाएं दे रही हैं और साथ में बेस अस्पताल हल्द्वानी में भी कोविद सैम्पल्स टेस्टिंग में अपनी सेवाएं दे रही हैं । इस संक्रमण के माहौल में डॉ अनामिका का जज़्बा काबिले तारीफ तब हो जाता है जब वह चेहरे पर मुस्कुराहट के साथ मरीज का सामना करती हैं । डॉ अनामिका समाज के लिए मिसाल हैं और कोरोना चक्रव्यूह का सामना कर रहे चिकित्सकों का आईना हैं जो इस समय देश के लिए इस महामारी का सामना कर रहे हैं । #पैनलहल्द्वानीऑनलाइन_2011 #डॉअनामिका सहित समस्त चिकित्सकों को इस पोस्ट के मार्फ़त सलाम करता है ।

By Sandeep Pandey

लेखक covid 19 को 8 मार्च से लगातार कवर कर रहा है और इसपर बारीकी से नज़र बनाये हुए है। इसके साथ ही क्षेत्र की विभिन्न सामाजिक, राजनीतिक और आपराधिक मामलों पर 2015 से लिख रहे है। इसके साथ ही पर्यावरण और उत्तराखंड में रोजगार के विषय पर 2007 से कार्य कर रहे है।

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