सहारनपुर स्थित आवास से गिरफ्तारी के बाद 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजी गईं उर्मिला सनावर, पुलिस ने दोनों मामलों को अलग-अलग बताया
हरिद्वार, 27अक्टूबर ।
उर्मिला सनावर की गिरफ्तारी और अंकिता भंडारी हत्याकांड में प्रस्तावित नार्को टेस्ट को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाओं के बीच हरिद्वार पुलिस ने आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी किया है। पुलिस ने गिरफ्तारी और नार्को टेस्ट के बीच संबंध होने के दावों को भ्रामक बताते हुए स्पष्ट किया है कि दोनों मामलों का आपस में कोई संबंध नहीं है।
हरिद्वार पुलिस के आधिकारिक सोशल मीडिया पेज से प्राप्त जानकारी के अनुसार, 24 अक्टूबर 2026 को हरिद्वार पुलिस ने उर्मिला सनावर को सहारनपुर स्थित उनके आवास से गिरफ्तार किया था। यह गिरफ्तारी कोतवाली रानीपुर में दर्ज मुकदमा अपराध संख्या 387/26 के संबंध में की गई। पुलिस के मुताबिक, संबंधित मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं तथा स्त्री अशिष्ट रूपण अधिनियम, 1986 की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज है।
गिरफ्तारी के बाद उर्मिला सनावर को हरिद्वार के माननीय जिला एवं सत्र न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
नार्को टेस्ट को लेकर पुलिस ने क्या कहा?
हरिद्वार पुलिस के अनुसार, कुछ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर यह दावा किया जा रहा है कि अंकिता भंडारी प्रकरण में नार्को टेस्ट से बचाने के उद्देश्य से उर्मिला सनावर की गिरफ्तारी की गई। पुलिस ने इन चर्चाओं को भ्रामक बताते हुए कहा है कि गिरफ्तारी का उक्त प्रकरण से किसी प्रकार का संबंध नहीं है।
सीबीआई जांच में नार्को टेस्ट पर भी स्थिति स्पष्ट
अंकिता भंडारी प्रकरण की प्रचलित सीबीआई जांच का उल्लेख करते हुए हरिद्वार पुलिस ने स्पष्ट किया कि संबंधित जांच एजेंसी उर्मिला सनावर का नार्को टेस्ट कराने के लिए माननीय न्यायालय से विधिवत अनुमति प्राप्त कर सकती है। पुलिस के बयान के मुताबिक, आवश्यक न्यायिक अनुमति लेकर जांच एजेंसी नियमानुसार इस संबंध में कार्रवाई करने के लिए स्वतंत्र है।
सोशल मीडिया पर फैल रही चर्चाओं के बीच पुलिस की अपील
उर्मिला सनावर की गिरफ्तारी और अंकिता भंडारी प्रकरण में नार्को टेस्ट को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच पुलिस के इस स्पष्टीकरण को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पुलिस के आधिकारिक बयान का उद्देश्य दोनों मामलों को लेकर फैल रही कथित भ्रामक सूचनाओं पर स्थिति स्पष्ट करना है।
नोट: यह समाचार हरिद्वार पुलिस द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी पर आधारित है। नार्को टेस्ट के संबंध में किसी अंतिम न्यायिक आदेश या कार्रवाई की पुष्टि के लिए संबंधित आधिकारिक रिकॉर्ड देखना आवश्यक होगा।