35 दिन, 150 स्टॉल और हजारों रंग—हरिद्वार में तीसरी बार सजेगा भागीरथ मेला,
गरबा से लेकर जलपरी शो तक होंगे खास आकर्षण”…
एक महीने तक चलेगा महोत्सव, 13 से 19 अक्टूबर तक गरबा की धूम; बच्चों के लिए जलपरी शो और रोमांचक झूलों की भरमार, 150 स्टॉल व सीसीटीवी निगरानी रहेगी खास आकर्षण…
हरिद्वार, 07 अक्टूबर 2026।
नवरात्रि, दशहरा और सांस्कृतिक उत्सवों के रंग में हरिद्वार एक बार फिर सराबोर होने जा रहा है। भागीरथ जन कल्याण सेवा समिति की ओर से भेल फाउंड्री गेट के सामने धीरवाली में तीसरी बार भागीरथ मेला महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। मंगलवार को मेले का शुभारंभ किया गया। एक महीने तक चलने वाले इस महोत्सव में धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक, सांस्कृतिक, पारिवारिक और मनोरंजन से जुड़े कार्यक्रमों की विशेष प्रस्तुति देखने को मिलेगी।
समिति के अध्यक्ष मनोज यादव ने प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता में मेले की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि पिछले दो वर्षों में मिले हरिद्वारवासियों के स्नेह और आशीर्वाद से प्रेरित होकर इस बार भी 35 दिनों का भव्य मेला आयोजित किया जा रहा है। मेले में प्रवेश पूरी तरह निःशुल्क रखा गया है।
13 से 19 अक्टूबर तक गरबा की धूम
मेले का प्रमुख आकर्षण 13 से 19 अक्टूबर तक आयोजित होने वाला गरबा महोत्सव रहेगा। गरबा में प्रतिभाग करने के इच्छुक लोगों के लिए पंजीकरण की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा पूरे आयोजन के दौरान विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे, जिनमें बड़ी संख्या में स्थानीय प्रतिभाओं को मंच प्रदान किया जाएगा।
समिति के अनुसार सांस्कृतिक कार्यक्रमों में प्रतिभाग करने वाले एक हजार बच्चों को पुरस्कृत किया जाएगा, जिससे बच्चों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के साथ प्रोत्साहन भी मिलेगा।
बच्चों से लेकर परिवार तक के लिए मनोरंजन की पूरी व्यवस्था
भागीरथ मेला महोत्सव में बच्चों और परिवारों के मनोरंजन के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। जलपरी शो के साथ आधुनिक और रोमांचक झूलों की लंबी श्रृंखला मेले का खास आकर्षण रहेगी। इनमें रेंजर झूला, जायंट व्हील, बड़ी नाव, ब्रेक डांस, सलंबो, स्विंग चेयर, चांद-तारा, टोरा-टोरा, मेरी राउंड, डायनासोर, ऑक्टोपस, एरोप्लेन, मिनी ट्रेन, ड्रैगन, चाइना बाउंसी, वाटर बोट और जंपिंग चकरी सहित विभिन्न प्रकार के झूले शामिल हैं।
भव्य धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन
मेले में मां दुर्गा के भव्य दर्शन, आकर्षक झांकियां, भव्य सांस्कृतिक मंच और विशेष धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। नवरात्रि और दशहरा के अवसर पर होने वाले कार्यक्रमों के माध्यम से धार्मिक आस्था के साथ भारतीय संस्कृति और परंपराओं को भी मंच दिया जाएगा।
150 स्टॉल बनेंगे खरीदारी और खान-पान का केंद्र
मेला परिसर में करीब 150 दुकानों और विभिन्न प्रकार के स्टॉल लगाए गए हैं। यहां प्रॉपर्टी, ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, टेलीकॉम, फर्नीचर, हैंडीक्राफ्ट, हैंडलूम, स्वादिष्ट व्यंजन, बैंकिंग एवं इंश्योरेंस, आर्ट गैलरी, इंटीरियर डिजाइन, महिलाओं की सौंदर्य सामग्री, खादी-क्रॉकरी, कपड़े तथा मनोरंजन से जुड़े स्टॉल लोगों को आकर्षित करेंगे।
मेले में सेल्फी जोन भी बनाया गया है, जहां लोग यादगार पलों को कैमरे में कैद कर सकेंगे। वहीं उत्तराखंड सरकार की जनहितैषी योजनाओं की प्रदर्शनी भी मेले के प्रमुख आकर्षणों में शामिल होगी।
सुरक्षा पर भी रहेगा विशेष फोकस
मेले में आने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर भी व्यापक इंतजाम किए जा रहे हैं। पूरे मेला परिसर और पार्किंग स्थल पर सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जाएगी। समिति की ओर से आयोजन को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने की बात कही गई है।
भागीरथ जन कल्याण सेवा समिति का कहना है कि मेले का उद्देश्य केवल मनोरंजन उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि सामाजिक, सांस्कृतिक, धार्मिक और व्यापारिक गतिविधियों को एक साझा मंच प्रदान करना भी है। यही वजह है कि बच्चों, युवाओं, महिलाओं, परिवारों, व्यापारियों और स्थानीय कलाकारों के लिए अलग-अलग आकर्षण तैयार किए गए हैं।
पत्रकार वार्ता में तरुण शुक्ला, विजय चौबे, रामचंद्र सहित समिति के अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
मुख्य आकर्षण एक नजर में
🔹35 दिनों तक चलेगा भागीरथ मेला महोत्सव
🔹प्रवेश पूरी तरह निःशुल्क
🔹13 से 19 अक्टूबर तक गरबा महोत्सव
🔹बच्चों और परिवारों के लिए जलपरी शो
🔹विभिन्न प्रकार के रोमांचक झूले
🔹मां दुर्गा के भव्य दर्शन और झांकियां
🔹भव्य सांस्कृतिक मंच
🔹करीब 150 विभिन्न स्टॉल
🔹आकर्षक सेल्फी जोन
🔹पूरे परिसर और पार्किंग में CCTV निगरानी
🔹सांस्कृतिक कार्यक्रमों में प्रतिभाग करने वाले 1,000 बच्चों को पुरस्कार
🔹उत्तराखंड सरकार की जनहितैषी योजनाओं की प्रदर्शनी