स्वामी कैलाशानंद गिरी की विशेष शिव साधना में शामिल हुए निषाद पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक, बोले—सावन में शिव आराधना कभी निष्फल नहीं जाती

हरिद्वार, 19 अगस्त 2026।
सिद्धपीठ श्री दक्षिण काली मंदिर में निरंजन पीठाधीश्वर एवं आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरी महाराज की विशेष शिव साधना और आराधना अनवरत रूप से जारी है। श्रावण मास में चल रही इस विशेष साधना में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचकर भगवान शिव का जलाभिषेक, रुद्राभिषेक और पूजा-अर्चना कर रहे हैं। मंदिर परिसर में सुबह से ही भक्तिमय वातावरण बना हुआ है।

बुधवार को निषाद पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक एवं पूर्व सांसद प्रवीण निषाद भी श्री दक्षिण काली मंदिर पहुंचे। उन्होंने आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरी महाराज के सान्निध्य में विधिवत रुद्राभिषेक एवं पूजा-अर्चना की और भगवान शिव तथा मां दक्षिण काली से देश और समाज की सुख-समृद्धि एवं कल्याण की कामना की। पूजा के बाद उन्होंने स्वामी कैलाशानंद गिरी महाराज से आशीर्वाद भी प्राप्त किया।

18 घंटे की कठिन साधना में जुटे हैं स्वामी कैलाशानंद गिरी
इस अवसर पर प्रवीण निषाद ने स्वामी कैलाशानंद गिरी महाराज की साधना की सराहना करते हुए कहा कि श्रावण मास में वह भगवान शिव की कठिन उपासना कर रहे हैं। लगातार कई घंटे जलाभिषेक और तपस्या के माध्यम से स्वामी कैलाशानंद गिरी सनातन संस्कृति की पताका को देश-दुनिया में प्रचारित और प्रसारित करने का कार्य कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि ऐसे संतों की साधना और आध्यात्मिक गतिविधियां सनातन परंपराओं को मजबूत करने के साथ समाज में आध्यात्मिक चेतना का संचार करती हैं।

‘सावन में की गई शिव आराधना कभी निष्फल नहीं जाती’
आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरी महाराज ने कहा कि भगवान शिव और मां श्री दक्षिण काली की कृपा से सभी का कल्याण होगा। उन्होंने कहा कि सावन के पवित्र महीने में की गई भगवान शिव की आराधना और साधना कभी निष्फल नहीं जाती।

उन्होंने कहा कि श्रद्धा और विश्वास के साथ जो व्यक्ति जिस मनोकामना से भगवान शिव की आराधना करता है, भगवान शिव उसकी मनोकामना अवश्य पूर्ण करते हैं। उन्होंने श्रद्धालुओं से सनातन परंपराओं के अनुरूप भगवान शिव की आराधना करने और समाज एवं राष्ट्र के कल्याण की भावना के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया।

प्रवीण निषाद ने कहा—संत के सान्निध्य में रुद्राभिषेक सौभाग्य की बात
प्रवीण निषाद ने आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरी महाराज को विद्वान संत और परम शिवभक्त बताते हुए कहा कि उनके सान्निध्य में भगवान शिव का रुद्राभिषेक करने का अवसर मिलना उनके लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने कहा कि स्वामी कैलाशानंद गिरी महाराज की साधना में आध्यात्मिक चेतना के साथ सनातन संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन का संदेश भी निहित है।

जल्द लागू होगा ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’: प्रवीण निषाद
पत्रकारों से बातचीत में प्रवीण निषाद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ के संकल्प का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि देश में बार-बार होने वाले चुनावों में बड़ी मात्रा में बजट खर्च होता है। चुनाव के दौरान सरकार और प्रशासन को व्यापक स्तर पर व्यवस्थाएं करनी पड़ती हैं, जिससे विकास कार्य भी प्रभावित होते हैं।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चाहते हैं कि बार-बार होने वाले चुनावों पर खर्च होने वाला धन देशहित और विकास कार्यों में लगाया जाए। उन्होंने कहा कि एनडीए सरकार जल्द ही ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ को लागू करने की दिशा में आगे बढ़ेगी।

2022 में 15 सीटों पर चुनाव लड़ी, 11 पर मिली जीत
निषाद पार्टी के राजनीतिक सफर का उल्लेख करते हुए प्रवीण निषाद ने कहा कि वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में पार्टी ने 15 सीटों पर चुनाव लड़ा था, जिसमें 11 सीटों पर पार्टी को जीत मिली। उन्होंने कहा कि भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने निषाद पार्टी को राजनीतिक सेवा का अवसर दिया है।

उन्होंने कहा कि निषाद समाज की गौरवशाली परंपराओं के संरक्षण और संवर्धन के लिए केंद्र एवं राज्य सरकारों की ओर से कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। निषाद राज पार्क, ऑडिटोरियम और विश्रामगृह आदि के निर्माण के माध्यम से समाज की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत को सम्मान के साथ सामने लाने का कार्य किया गया है।

निषाद समाज को मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास जारी
प्रवीण निषाद ने कहा कि निषाद समाज के उत्थान में केंद्र और राज्य सरकार ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। समाज को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए लगातार योजनाएं और प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि समाज की गौरवशाली परंपराओं और पहचान को सम्मान दिलाने के साथ युवाओं को आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराना भी जरूरी है।

श्रावण पूर्णिमा तक जारी रहेगी विशेष साधना
स्वामी कैलाशानंद गिरी महाराज के शिष्य स्वामी अमृतानंद ब्रह्मचारी ने बताया कि गुरुदेव की विशेष शिव साधना श्रावण पूर्णिमा तक अनवरत जारी रहेगी। इस दौरान देश के विभिन्न क्षेत्रों से संतों, श्रद्धालुओं और कई गणमान्य लोगों के साधना में शामिल होने का क्रम जारी रहेगा।
उन्होंने बताया कि प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु श्री दक्षिण काली मंदिर पहुंचकर साधना में सम्मिलित हो रहे हैं और भगवान शिव का जलाभिषेक एवं रुद्राभिषेक कर रहे हैं।

इस अवसर पर स्वामी बाल मुकुंदानंद, ब्रह्मचारी स्वामी कृष्णानंद ब्रह्मचारी सहित अनेक संत-महात्मा, मंदिर के संत-महंत और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। श्री दक्षिण काली मंदिर में चल रही विशेष शिव साधना के कारण पूरा मंदिर परिसर लगातार भक्ति, आस्था और आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर नजर आ रहा है।

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