हरिद्वार, 12 जुलाई।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) नवनीत सिंह के नेतृत्व में हरिद्वार पुलिस ने नकली नोटों के बड़े गिरोह का पर्दाफाश करते हुए एक और महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। कस्टडी रिमांड के दौरान मिली अहम जानकारी के आधार पर हरिद्वार पुलिस की टीम ने पंजाब में दबिश देकर गिरोह के मुख्य सरगना समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों के कब्जे से कुल 1 लाख 10 हजार रुपये के नकली नोट, नकली नोट छापने में इस्तेमाल होने वाला प्रिंटर और एक वरना कार बरामद की गई है।

पुलिस के अनुसार, बीती 6 जुलाई को कोतवाली नगर हरिद्वार पुलिस ने सरजीत सिंह, टिंकू, सुमित कुमार और संजीव कुमार को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 84,500 रुपये के नकली नोट बरामद किए थे। इस मामले में मुकदमा दर्ज कर चारों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जिला कारागार भेज दिया गया था।
कस्टडी रिमांड से खुली गिरोह की परतें
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने 10 जुलाई को न्यायिक अभिरक्षा में बंद टिंकू और सुमित कुमार को पुलिस कस्टडी रिमांड पर लेकर गहन पूछताछ की। पूछताछ के दौरान मिले सुरागों के आधार पर हरिद्वार पुलिस की टीम पंजाब पहुंची और वहां सुनियोजित कार्रवाई करते हुए दो और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने पठानकोट हाईवे स्थित “बापू दा ढाबा” के पास से पवन कुमार को 5 हजार रुपये के नकली नोटों के साथ गिरफ्तार किया। इसके बाद सुखबीर सिंह को 1 लाख रुपये के नकली नोट, नकली करेंसी छापने में इस्तेमाल होने वाले प्रिंटर और वरना कार सहित दबोच लिया।
ढाबे और कपड़ों के कारोबार की आड़ में चल रहा था खेल
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी पवन कुमार ढाबा संचालक है और ढाबे की आड़ में नकली नोटों का कारोबार करता था, जबकि सुखबीर सिंह कपड़ों के व्यवसाय की आड़ में इस अवैध धंधे को संचालित कर रहा था। दोनों मिलकर 50 हजार रुपये असली लेकर उसके बदले 1 लाख रुपये के नकली नोट उपलब्ध कराते थे और इसी तरीके से मोटा मुनाफा कमाते थे।
जेल में हुई दोस्ती, फिर बनाया फेक करेंसी का नेटवर्क
पुलिस जांच में यह भी खुलासा हुआ कि सुखबीर सिंह वर्ष 2020 में बैंक फ्रॉड और 2024 में जाली करेंसी रखने के मामले में पंजाब की बटाला पुलिस द्वारा जेल भेजा जा चुका है। वहीं पवन कुमार भी वर्ष 2022 में एनडीपीएस एक्ट के मामले में जेल गया था। जेल में ही दोनों की मुलाकात हुई और वहीं से नकली नोट तैयार कर उन्हें बाजार में खपाने की योजना बनाई गई।
पुलिस अब दोनों आरोपियों के अन्य आपराधिक रिकॉर्ड और गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है। गिरफ्तार आरोपियों को नियमानुसार न्यायालय में पेश किया जाएगा।
गिरफ्तार आरोपी
पवन कुमार (उम्र 32 वर्ष) पुत्र मोहिंद्र कुमार, निवासी ग्राम शिखर, तहसील डेरा बाबा नानक, थाना कोटली सूरत मल्ली, जिला गुरदासपुर (पंजाब) ।
सुखबीर सिंह (उम्र 52 वर्ष) पुत्र तारा सिंह, निवासी भटिक्के, थाना तरसिक्का, जिला अमृतसर (पंजाब) ।
कार्रवाई करने वाली पुलिस टीम
इस सफल कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक कुन्दन सिंह राणा, उपनिरीक्षक ऋषिकांत पटवाल, हेड कांस्टेबल संजय पाल, हेड कांस्टेबल सतीश नौटियाल, कांस्टेबल सुनील चौहान तथा कांस्टेबल अजीत तोमर की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
हरिद्वार पुलिस की इस कार्रवाई को नकली करेंसी के संगठित नेटवर्क पर बड़ी चोट माना जा रहा है। पुलिस का कहना है कि गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ भी जल्द कार्रवाई की जाएगी।