पीड़ित पक्ष ने अदालत में ऑडियो साक्ष्य पेश करने की बात कही, चैंपियन बोले– झूठा फंसाया गया, वायरल वीडियो मेरा नहीं…
हरिद्वार/नैनीताल, 2 जुलाई।
खानपुर के पूर्व विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन के खिलाफ लक्सर कोतवाली में एससी/एसटी एक्ट समेत विभिन्न धाराओं में दर्ज मुकदमे को निरस्त कराने तथा गिरफ्तारी पर रोक लगाने की मांग को लेकर दायर याचिका पर गुरुवार को उत्तराखंड उच्च न्यायालय में सुनवाई हुई। मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति आलोक महरा की एकलपीठ में हुई।
सुनवाई के दौरान चैंपियन की ओर से दाखिल याचिका बिना किसी न्यायिक आदेश के वापस ले ली गई। ऐसे में अदालत की ओर से गिरफ्तारी पर रोक या मुकदमे को निरस्त करने संबंधी कोई राहत नहीं दी गई।
सुनवाई के दौरान पीड़ित पक्ष की ओर से अदालत को बताया गया कि पूर्व विधायक ने फोन पर जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए गाली-गलौज की तथा जान से मारने की धमकी दी थी। पीड़ित पक्ष ने यह भी कहा कि बातचीत का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था और उसकी ऑडियो प्रति उनके पास पेन ड्राइव में सुरक्षित है, जिसे वे न्यायालय के समक्ष साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत करना चाहते हैं। साथ ही यह भी दलील दी गई कि पूर्व विधायक के खिलाफ पहले से 16 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं।
वहीं, चैंपियन की ओर से अदालत में कहा गया कि उन्हें राजनीतिक और व्यक्तिगत कारणों से झूठा फंसाया गया है। उनका कहना था कि उन्होंने किसी के खिलाफ जातिसूचक शब्दों का प्रयोग नहीं किया और न ही जिस वीडियो की चर्चा की जा रही है, वह उनका है।
क्या है पूरा मामला
बहादराबाद क्षेत्र के शांतरशाह निवासी जोगेंद्र कुमार ने लक्सर कोतवाली में दी गई तहरीर में बताया था कि 22 जून को वह अपने बहनोई संजीव कुमार के साथ एक शादी समारोह से लौट रहे थे। आरोप है कि जेके टायर फैक्ट्री के सामने एक वाहन ने उनकी कार को ओवरटेक करते हुए टक्कर मार दी। बाद में उन्हें जानकारी मिली कि वह वाहन पूर्व विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन का था।
शिकायतकर्ता के अनुसार, अगले दिन उनके बहनोई के पास कोतवाली से फोन आया। इसी दौरान एक परिचित के मोबाइल फोन से पूर्व विधायक से बातचीत हुई। आरोप है कि बातचीत के दौरान पूर्व विधायक ने गाली-गलौज की, जातिसूचक शब्द कहे तथा जान से मारने के अलावा महिलाओं के साथ दुष्कर्म कराने की धमकी भी दी।
पीड़ित ने पूर्व विधायक पर दबंगई और गुंडागर्दी का आरोप लगाते हुए पुलिस से कार्रवाई की मांग की थी। तहरीर के आधार पर लक्सर कोतवाली पुलिस ने एससी/एसटी एक्ट सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। इसी मुकदमे को निरस्त कराने और गिरफ्तारी पर रोक की मांग को लेकर पूर्व विधायक ने उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था, लेकिन सुनवाई के दौरान उनकी ओर से याचिका वापस ले ली गई।
(नोट: मामले की जांच और न्यायिक प्रक्रिया जारी है। आरोप एवं बचाव पक्ष के दावे संबंधित पक्षों के न्यायालय में रखे गए कथनों पर आधारित हैं।)