10 साल से संविदा पर कार्यरत सफाई कर्मचारियों को नियमित करने के निर्देश
कम वेतन देने वाले ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट करने के आदेश, मृतक आश्रितों की 15 दिन में नियुक्ति होगी
राज्य सफाई कर्मचारी आयोग के उपाध्यक्ष भगवत प्रसाद मकवाना ने अधिकारियों को दी सख्त चेतावनी
हरिद्वार, 04 जून।
राज्य सफाई कर्मचारी आयोग के उपाध्यक्ष भगवत प्रसाद मकवाना ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सफाई कर्मचारियों का किसी भी स्तर पर उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने नगर निगम, नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि सफाई कर्मचारियों को समय पर वेतन, सरकारी योजनाओं का लाभ और आवश्यक सुविधाएं हर हाल में उपलब्ध कराई जाएं।

बुधवार सीसीआर सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान मकवाना ने विशेष रूप से उन सफाई कर्मचारियों के मुद्दे उठाए जो पिछले 10 वर्षों से संविदा और आउटसोर्स व्यवस्था के तहत कार्य कर रहे हैं। उन्होंने ऐसे कर्मचारियों को नियमित किए जाने की प्रक्रिया तत्काल शुरू करने के निर्देश दिए।
बैठक में स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत कार्यरत सफाई कर्मचारियों के वेतन भुगतान में गंभीर अनियमितता का मामला सामने आया। समीक्षा में पाया गया कि शासन द्वारा निर्धारित 13,058 रुपये मासिक वेतन के बजाय ठेकेदार कर्मचारियों को मात्र 7,300 से 8,800 रुपये तक का भुगतान कर रहा है। इस पर कड़ी नाराजगी जताते हुए उपाध्यक्ष ने संबंधित ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई कर उसे ब्लैकलिस्ट करने तथा नई टेंडर प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए।
मकवाना ने मृतक सफाई कर्मचारियों के आश्रितों को 15 दिनों के भीतर नियुक्ति देने, सभी कर्मचारियों को वर्दी एवं सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराने तथा आयुष्मान और गोल्डन कार्ड से वंचित कर्मचारियों के लिए विशेष शिविर लगाने के आदेश भी दिए। उन्होंने नियमित स्वास्थ्य परीक्षण और साप्ताहिक अवकाश की व्यवस्था सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।
उपाध्यक्ष ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि “नमस्ते योजना” के अंतर्गत पंजीकृत सभी सफाई कर्मचारियों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाया जाए। इसके लिए पुनः सर्वेक्षण कराने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में अपर जिलाधिकारी जितेंद्र कुमार ने उपाध्यक्ष को आश्वस्त किया कि आयोग द्वारा दिए गए सभी निर्देशों का कड़ाई से पालन कराया जाएगा।
बैठक में जिला समाज कल्याण अधिकारी सुबोध शर्मा, सीओ सिटी शिशुपाल सिंह नेगी, नोडल स्वजल चंद्रकांत मणि त्रिपाठी, सहायक नगर आयुक्त श्याम सुंदर, विभिन्न नगर निकायों के अधिशासी अधिकारी, सफाई कर्मचारी यूनियन के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में सफाई कर्मचारी उपस्थित रहे।