उत्तराखंड, 20 मई 2026
हरिद्वार। धर्मनगरी हरिद्वार इन दिनों श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिकता के अद्भुत संगम का साक्षी बन रही है। पुरुषोत्तम मास के पावन अवसर पर हर की पैड़ी स्थित मालवीय घाट पर मां गंगा के तट पर आयोजित श्रीमद्भागवत कथा महापुराण के दूसरे दिन भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। श्रीगंगा सभा के तत्वावधान में आयोजित कथा में मन्माध्व गौड़ेश्वर वैष्णवाचार्य पुण्डरीक गोस्वामी महाराज ने श्रद्धालुओं को कथा अमृत का रसपान कराया।

कथा के दूसरे दिन जूना पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि भी कथा स्थल पहुंचे। श्रीगंगा सभा के महामंत्री तन्मय वशिष्ठ एवं अन्य पदाधिकारियों ने उनका स्वागत कर आशीर्वाद प्राप्त किया।

गंगा आरती के पश्चात जैसे ही कथा प्रारंभ हुई, पूरा हर की पैड़ी क्षेत्र भक्ति रस में सराबोर हो गया। श्रद्धालु “राधे-राधे” और “हरे कृष्ण” के जयकारों के साथ भजन-कीर्तन में झूमते नजर आए। कथा व्यास पूजन श्रीगंगा सभा के पदाधिकारियों के साथ अमृतसर के अग्रवाल परिवार द्वारा किया गया।

इस अवसर पर तन्मय वशिष्ठ ने कहा कि भागवत कथा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति, प्रेम, सद्भाव और संस्कारों को जन-जन तक पहुंचाने का माध्यम है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं एवं अग्रवाल परिवार के लिए मां गंगा से मंगलकामना की।

कथा वाचक पुण्डरीक गोस्वामी महाराज ने श्रीमद्भागवत महापुराण की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि भागवत कथा जीवन को सही दिशा देने वाला दिव्य मार्गदर्शक है। उन्होंने कहा कि कलियुग में भगवान के नाम का स्मरण और कथा श्रवण ही मनुष्य को दुखों से मुक्ति दिला सकता है। साथ ही उन्होंने सभी से जीवन का प्रत्येक क्षण अच्छे कर्मों और प्रभु भक्ति में लगाने का संदेश दिया।

कार्यक्रम में श्रीगंगा सभा के उपाध्यक्ष हनुमंत झा, स्वागत मंत्री सिद्धार्थ चक्रपाणि, समाज कल्याण मंत्री विकास प्रधान, प्रचार मंत्री गोपाल प्रधान सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोग मौजूद रहे। दूर-दूर से आए श्रद्धालुओं ने गंगा तट पर कथा का आनंद लिया और पूरा घाट भक्तिमय वातावरण में रंगा नजर आया।

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