हरिद्वार,18 मई 2026
सहायक श्रम आयुक्त प्रशांत कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि हरिद्वार जनपद के सिडकुल औद्योगिक क्षेत्र में संविदा श्रमिकों के बीच वेतन वृद्धि को लेकर भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो गई थी। लगभग 25 औद्योगिक प्रतिष्ठानों के श्रमिक वेतन बढ़ोतरी और अन्य मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन कर रहे थे।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देश पर वरिष्ठ अधिकारियों को सिडकुल क्षेत्र के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया तथा श्रम विभाग को श्रमिक समस्याओं के तत्काल समाधान के निर्देश दिए गए। इसके बाद उप श्रम आयुक्त और सहायक श्रम आयुक्त हरिद्वार द्वारा दोनों पक्षों के बीच सौहार्दपूर्ण वातावरण में वार्ता कर सभी समस्याओं का सफलतापूर्वक समाधान कराया गया।
सहायक श्रम आयुक्त ने बताया कि श्रमिकों में वेतन वृद्धि और महंगाई भत्ते को लेकर फैली अफवाहों को दूर करते हुए राज्य सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम वेतन और परिवर्तनीय महंगाई भत्ते की वास्तविक स्थिति स्पष्ट की गई। साथ ही इंजीनियरिंग उद्योगों में 1 अप्रैल 2026 से लागू पुनरीक्षित न्यूनतम वेतन की जानकारी भी श्रमिकों को दी गई।
उन्होंने कहा कि श्रमिक किसी के बहकावे में न आएं और किसी प्रकार के भ्रम में न पड़ें। विभाग द्वारा लगातार श्रमिकों से संवाद स्थापित कर जागरूकता अभियान चलाया गया तथा प्रेस नोट और वीडियो फुटेज जारी कर सही जानकारी उपलब्ध कराई गई।
प्रशांत कुमार ने बताया कि यदि किसी श्रमिक को वेतन या अन्य किसी प्रकार की समस्या हो तो वह सीधे श्रम विभाग के संज्ञान में मामला लाए, ताकि समयबद्ध तरीके से उसका समाधान किया जा सके।
वर्तमान में सिडकुल क्षेत्र में सभी समस्याओं का समाधान हो चुका है। कहीं कोई धरना-प्रदर्शन नहीं चल रहा है तथा सभी औद्योगिक प्रतिष्ठानों में उत्पादन प्रक्रिया सुचारू रूप से जारी है। क्षेत्र में औद्योगिक शांति बनी हुई है।