हरिद्वार, 19 अप्रैल 2026:
अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने श्री अखण्ड परमधाम गंगा घाट के लोकार्पण समारोह में प्रतिभाग किया। यह आयोजन स्वामी परमानन्द गिरि जी महाराज की 71वीं संन्यास जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया, जिसमें देशभर से संत-महात्मा एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया और उपस्थित संतों व श्रद्धालुओं का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि यह आयोजन केवल एक घाट के उद्घाटन तक सीमित नहीं है, बल्कि सनातन संस्कृति, आस्था और आध्यात्मिक चेतना के सतत प्रवाह का प्रतीक है। उन्होंने स्वामी परमानन्द गिरि जी महाराज के जीवन को तप, त्याग और साधना का आदर्श उदाहरण बताया।

इस अवसर पर साध्वी ऋतम्भरा के योगदान का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका जीवन राष्ट्र और संस्कृति के प्रति समर्पण का प्रेरणास्रोत है। उन्होंने संतों के सानिध्य को समाज के लिए मार्गदर्शक बताया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत की सांस्कृतिक पहचान को वैश्विक स्तर पर नई पहचान मिली है। उन्होंने श्रीराम मंदिर, केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम के पुनर्निर्माण, काशी विश्वनाथ कॉरिडोर और महाकाल लोक जैसे परियोजनाओं का उल्लेख किया।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड को विश्व की आध्यात्मिक राजधानी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। इस दिशा में विभिन्न कॉरिडोर, मंदिर क्षेत्रों के विकास और दून विश्वविद्यालय में सेंटर फॉर हिन्दू स्टडीज की स्थापना जैसे कदम उठाए गए हैं। साथ ही समान नागरिक संहिता, धर्मांतरण विरोधी कानून और अवैध अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई का भी जिक्र किया।

मुख्यमंत्री ने बताया कि अक्षय तृतीया के अवसर पर चारधाम यात्रा का भी शुभारंभ हो गया है और मां गंगा व मां यमुना के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए हैं। उन्होंने आश्वस्त किया कि तीर्थयात्रियों की सुविधा, सुरक्षा और सुगम यात्रा सुनिश्चित करने के लिए सभी व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं।

इस कार्यक्रम में योग गुरु स्वामी रामदेव सहित अनेक संत-महात्मा, जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।

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