हरिद्वार में बैसाखी स्नान और सद्दभावना सम्मेलन को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए पुलिस और प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। आज 12 अप्रैल को जिला अधिकारी मयूर दीक्षित और एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने ऋषिकुल ऑडिटोरियम में मेला ड्यूटी में तैनात पुलिस बल और अधिकारियों को विस्तृत ब्रीफिंग दी।

मेला क्षेत्र को 10 जोन और 35 सेक्टर में बांटा गया
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए पूरे मेला क्षेत्र को 10 जोन और 35 सेक्टरों में विभाजित किया गया है। प्रत्येक जोन और सेक्टर में अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की गई है, ताकि व्यवस्थाएं सुचारू बनी रहें।
सीसीटीवी और सुरक्षा एजेंसियों की कड़ी निगरानी
पूरे मेले की निगरानी सीसीटीवी कैमरों के जरिए की जाएगी। साथ ही बम निरोधक दस्ता (BDS) और स्वान दल को 24 घंटे एंटी-सबोटाज चेकिंग के निर्देश दिए गए हैं, जिससे किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।
इंटेलिजेंस और समन्वय पर विशेष जोर
स्थानीय अभिसूचना इकाइयों (इंटेलिजेंस) को मेले में लगातार सक्रिय रहने और महत्वपूर्ण सूचनाएं तुरंत उच्च अधिकारियों तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं। जोनल अधिकारियों को जनप्रतिनिधियों और संभ्रांत व्यक्तियों के साथ समन्वय बनाकर व्यवस्था को मजबूत रखने को कहा गया है।
रेलवे से आने वाले यात्रियों पर भी नजर
जीआरपी और आरपीएफ के साथ समन्वय स्थापित कर रेलवे से आने वाले यात्रियों की संख्या पर नजर रखी जाएगी। इसके आधार पर स्नान व्यवस्था और भीड़ नियंत्रण के लिए समयबद्ध प्लान तैयार किया जाएगा।


अधिकारियों को सतर्कता और संयम के निर्देश
एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को सतर्कता, संयम और मुस्तैदी के साथ ड्यूटी निभाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता है।
एसएसपी द्वारा दिए गए प्रमुख दिशा-निर्देश-
- भीड़ बढ़ने की स्थिति में वैकल्पिक मार्गों का उपयोग कर दबाव नियंत्रित किया जाए।
- प्रत्येक पुलिसकर्मी अपने ड्यूटी पॉइंट पर पूरी जिम्मेदारी से कार्य करे।
- मनसा देवी मंदिर एवं चंडी देवी मंदिर में कतार व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
- महिला घाटों पर विशेष सतर्कता रखते हुए भीड़ का सुचारू संचालन किया जाए।
- जल पुलिस द्वारा घाटों पर लगातार निगरानी रखी जाए, ताकि डूबने जैसी घटनाओं को रोका जा सके।
- हर की पैड़ी क्षेत्र से भिखारियों को हटाकर आवागमन सुगम बनाया जाए।
- रेलवे स्टेशन, बस अड्डा व अन्य संवेदनशील स्थानों पर लगातार चेकिंग अभियान चलाया जाए।
- भीड़ नियंत्रण हेतु घुड़सवार पुलिस की तैनाती रहेगी।
- राष्ट्रीय राजमार्गों पर यातायात व्यवस्था सुचारू बनाए रखने हेतु विशेष प्लान लागू रहेगा।
- पर्व अवधि तक भारी वाहनों का प्रवेश पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा।
- ड्यूटी के दौरान मोबाइल का अनावश्यक उपयोग व नशा पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा।
- श्रद्धालुओं के साथ शिष्ट एवं सौम्य व्यवहार सुनिश्चित किया जाए।
- सभी अधिकारी/कर्मचारी अनुशासन व स्वच्छ वर्दी में ड्यूटी करें।
वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
इस दौरान एसपी क्राइम/यातायात, एसपी देहात, एसपी संचार सहित पुलिस और प्रशासन के सभी राजपत्रित अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
जोन में प्रभारी पुलिस उपाधीक्षक/निरीक्षक स्तर एवं सेक्टर प्रभारी व०उ०नि०/ उ०नि०/अ०उ०नि० स्तर के अधिकारियों को नियुक्त किया गया है।
- पुलिस उपाधीक्षक- 06
- निरीक्षक / थानाध्यक्ष / व० उ०नि०-19
- उ०नि० / अ०उ०नि०- 42
- महिला उ०नि०- 08
- मुख्य आरक्षी / आरक्षी-181
- महिला आरक्षी- 63
- टी.आई.- 02
- टी.एस.आई.-13
- हे०कां०टी.पी. / कां०टी.पी.- 24
- अभिसूचना ईकाई- 09 कर्म० गण
- बी.डी.एस. टीम/डॉग स्कवॉड- 01 टीम
- फायर सर्विस- 04 युनिट मय उपकरण
- जल पुलिस-13 कर्म० गण
- टियर गैस स्क्वाड- 01
- प्रिजन वैन- 04
- सादे वस्त्रों में – 14
निष्कर्ष: हरिद्वार में बैसाखी स्नान और सद्भावना सम्मेलन को लेकर सुरक्षा और व्यवस्थाओं के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। प्रशासन का लक्ष्य है कि लाखों श्रद्धालु सुरक्षित और सुगमता के साथ स्नान कर सकें और कार्यक्रम शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो।