मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और अमेरिका इज़रायल की ईरान से युद्ध के चलते भारत में गैस आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हुई है इस वैश्विक संकट के मद्देनजर केंद्र सरकार ने कमर कस ली है उत्तराखंड में पुष्कर धामी सरकार ने भी आपातकालीन कदम उठाते हुए व्यावसायिक प्रतिस्थतानो के लिए फायरवुड उपलब्ध कराने की तैयारी शुरू कर दी है वन मंत्री सुबोध उनियाल का कहना है की संकट जैसे हालात है लेकिन चिंता की बात नहीं अगर एलपीजी की कमी हुई तो सरकार जलाने के लिए लकड़ी देगी
दरअसल मिडिल ईस्ट देशों में जारी संकट की वजह से भारत को होने वाली गैस सप्लाई 30 फीसदी तक घट गई है भारत हर दिन करीब 191 मिलियन क्यूबिक मीटर गैस की खपत करता है इसमें से आधी गैस दूसरे देशों से मंगाई जाती है लेकिन होमुर्ज जलडमरुमध्य से होकर गुजरने वाले टैंकर अब नहीं आ पा रहे है जिसमे करीब 60 मिलियन क्यूबिक मीटर गैस की सप्लाई पूरी तरह बंद हो गई है
अब जब उघोगों धंधो को गैस कम मिलेगी तो उनका काम कैसे चलेगा इसी टेंशन को देखते हुए उत्तराखंड सरकार ने आपातकालीन तैयारी शुरू कर दी है वन मंत्री सुबोध उनियाल ने बताया की सरकार ने वन विकास निगम को निर्देश दिया है की वह भरपूर मात्रा में लकड़ी का इंतज़ाम करके रखे अगर गैस की कमी और बढी तो यह लकड़ी व्यापारियों और उघोगों को ईंधन के तौर पर दी जाएगी ताकि उनका काम बंद न हो
मंत्री ने कहा मिडिल ईस्ट में जंग जैसे हालात है ऐसे में गैस की कमी हो सकती है हम हर स्थिति से निपटने के लिए तैयार है सीधी सादी भाषा में समझे तो घर की रसोई और गाड़िया तो चलती रहेगी लेकिन होटल रेस्ट्रोरेंट और फैक्ट्रियो को परेशानी हो सकती है उनके लिए चूल्हे की लकड़ी का विकल्प रखा जा रहा है