
उत्तराखंड : नैनीताल जिले के न्यायालय परिसरों को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया। माननीय जिला न्यायाधीश, नैनीताल के आधिकारिक ईमेल आईडी पर आए एक धमकी भरे संदेश के बाद जिला एवं सत्र न्यायालय नैनीताल, रामनगर कोर्ट और हल्द्वानी स्थित जजी कोर्ट को एहतियातन खाली करा लिया गया।
धमकी की सूचना मिलते ही नैनीताल पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सभी न्यायालय परिसरों में सघन चेकिंग अभियान शुरू कर दिया। बम निरोधक दस्ते (BDS) और डॉग स्क्वॉड की टीमों ने पूरे परिसर की गहन तलाशी ली।
एसएसपी नैनीताल डॉ. मंजूनाथ टी.सी. के निर्देशन में एसपी नैनीताल डॉ. जगदीश चंद्र और एसपी हल्द्वानी मनोज कुमार कत्याल सहित वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद रहे और सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी करते रहे। पुलिस द्वारा मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के तहत फ्रिस्किंग और सर्च ऑपरेशन चलाया गया।
बार एसोसिएशन हल्द्वानी के अध्यक्ष के.के. पंत के अनुसार, धमकी भरा ईमेल सुबह 8:41 बजे जिला जज नैनीताल के आधिकारिक मेल पर प्राप्त हुआ। मेल में दावा किया गया कि न्यायाधीश के चैंबर में आरडीएक्स आधारित आईईडी लगाए गए हैं और दोपहर 12:15 बजे तक परिसर खाली करने की चेतावनी दी गई। कथित ईमेल में एलटीटीई और पाकिस्तान आईएसआई का भी उल्लेख किया गया है।
सूचना मिलते ही दोपहर तक सभी न्यायालय परिसरों को खाली करा लिया गया। दोपहर 1:30 बजे तक तलाशी अभियान जारी रहा। हल्द्वानी कोर्ट परिसर में कोतवाल विजय मेहता और एसपी क्राइम मनोज कुमार कत्याल ने सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।
फिलहाल किसी भी संदिग्ध वस्तु के मिलने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस प्रशासन ने आम जनता और अधिवक्ताओं से धैर्य बनाए रखने की अपील की है। साथ ही आश्वासन दिया गया है कि धमकी भरे संदेश की गहन जांच कर विधिक कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और सभी न्यायालय परिसरों में निगरानी बढ़ा दी गई है।
पब्लिक सुरक्षा राम भरोसे _गौर करने वाली बात यहां ये है कि,हल्द्वानी जजी कोर्ट में बम की धमकी पर पुलिस के अधिकारी खाली हाथ आए थे, क्योंकि बम और डॉग स्क्वाड नैनीताल जिला एवं सत्र न्यायालय गया था। अगर हल्द्वानी में बम मिल जाता तो उसे डिफ्यूज कैसे करते। वैसे, धमकी में दिए समय के बाद वो कोर्ट पहुंचे।