भाजपा सरकार पर लगाए गंभीर आरोप, सीबीआई जांच और एसआईआर प्रक्रिया पर भी उठाए सवाल
हरिद्वार,22 अक्टूबर ।
कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता रागिनी नायक ने बुधवार को हरिद्वार के देवपुरा स्थित प्रेस क्लब में प्रेस वार्ता कर अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की बेटी अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने के लिए कांग्रेस सड़क से लेकर संसद तक आंदोलन करेगी। जब तक पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिलता, तब तक पार्टी का विरोध जारी रहेगा।
भाजपा सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
रागिनी नायक ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने के बजाय मामले से जुड़े लोगों को बचाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने सरकार पर संवेदनहीनता का आरोप लगाते हुए कहा कि मामले से जुड़े कथित वीआईपी को संवैधानिक पद पर बैठाए जाने के पीछे जांच के दायरे से बचाने की मंशा हो सकती है।
उन्होंने कहा कि अंकिता भंडारी मामले में न्याय सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है और कांग्रेस इस लड़ाई को अंत तक जारी रखेगी।
सीबीआई जांच को लेकर भी उठाए सवाल
कांग्रेस प्रवक्ता ने मामले की सीबीआई जांच पर सवाल उठाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सीबीआई जांच की संस्तुति की है, लेकिन जांच में कथित वीआईपी की पहचान स्पष्ट करने के बजाय अज्ञात वीआईपी के पहलू पर जांच किए जाने को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह संबंधित व्यक्ति जांच के दायरे से बाहर रह सकता है।
रागिनी नायक ने बताया कि राहुल गांधी ने भी इस मामले में राष्ट्रपति को पत्र लिखकर न्याय सुनिश्चित करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में अंकिता भंडारी के माता-पिता के धरने के दौरान राहुल गांधी के साथ वह स्वयं भी मौजूद थीं। उनके अनुसार, उस दौरान कांग्रेस नेताओं को हिरासत में लिया गया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस इस मुद्दे पर अपना संघर्ष जारी रखेगी।
एसआईआर प्रक्रिया पर चुनाव आयोग को घेरा
प्रेस वार्ता के दौरान रागिनी नायक ने एसआईआर यानी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए। उन्होंने भाजपा और चुनाव आयोग पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि इस प्रक्रिया के नाम पर लोगों के मताधिकार को प्रभावित किया जा रहा है। उन्होंने एसआईआर प्रक्रिया को निरस्त करने की मांग करते हुए कहा कि मामला न्यायालय में विचाराधीन है और कांग्रेस इस मुद्दे पर जनता को जागरूक करेगी।
उन्होंने दावा किया कि एसआईआर के तीसरे चरण में 13 करोड़ लोगों के नाम मतदाता सूची से काट दिए गए हैं। साथ ही आरोप लगाया कि भाजपा के कार्यकर्ता बूथ लेवल अधिकारियों के साथ बैठकर लोगों के नाम मतदाता सूची से हटवाने का काम कर रहे हैं। इन आरोपों के संबंध में उन्होंने चुनाव आयोग और भाजपा की भूमिका पर सवाल उठाए।
मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग
रागिनी नायक ने कहा कि चुनाव आयोग पर सवाल उठने पर भाजपा के प्रवक्ता प्रेस वार्ता करने पहुंच जाते हैं। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी की। उनका कहना था कि मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा करना लोकतंत्र के लिए आवश्यक है और इस मुद्दे पर कांग्रेस अपनी आवाज बुलंद करती रहेगी।
प्रेस वार्ता के अंत में रागिनी नायक ने उत्तराखंड में राजनीतिक बदलाव की संभावना जताते हुए दावा किया कि प्रदेश में बदलाव की सुनामी आने वाली है। उन्होंने दोहराया कि अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने और मताधिकार की रक्षा के मुद्दे पर कांग्रेस अपना आंदोलन जारी रखेगी।