हरिद्वार, 16 सितंबर।
हरिद्वार नगर निगम के *वार्ड नंबर-2 भूपतवाला* की गंगोत्री विहार कॉलोनी में जलभराव की समस्या अब जानलेवा बनती जा रही है। इसी समस्या को लेकर आज वार्ड के पार्षद *विदित शर्मा* के नेतृत्व में एक प्रतिनिधि मंडल ने हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण (HRDA) के अधिशासी अभियंता और नगर आयुक्त को ज्ञापन सौंपा।
*25 साल पुरानी है समस्या, 4-5 फीट तक भर जाता है पानी*
पार्षद विदित शर्मा ने बताया कि गंगोत्री विहार कॉलोनी HRDA द्वारा अप्रूव्ड कॉलोनी है, लेकिन पिछले 20-25 सालों से यहां जल निकासी की कोई व्यवस्था नहीं है। हल्की सी बारिश में भी पूरी कॉलोनी में 4 से 5 फीट तक पानी भर जाता है।

घरों में पानी घुसने से लोगों का घर से निकलना मुश्किल हो जाता है। रुके हुए गंदे पानी के कारण कॉलोनी में डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया और आंखों के संक्रमण जैसी बीमारियां तेजी से फैल रही हैं, लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है।

*HRDA और नगर निगम के बीच फंसे लोग*
कॉलोनी वासियों का आरोप है कि वे फुटबॉल बन गए हैं। जब वे HRDA के पास जाते हैं तो अधिकारी कहते हैं कि यह अब नगर निगम की संपत्ति है। जब नगर निगम में जाते हैं तो वहां कहा जाता है कि कॉलोनी अभी तक निगम को हैंडओवर ही नहीं हुई है।
पार्षद विदित शर्मा ने कहा, “ये बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। अप्रूव्ड कॉलोनी होने के बाद भी लोग मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं। सरकार भाजपा की है, हम सब भाजपा परिवार से हैं, फिर भी अधिकारी हमारी नहीं सुन रहे। अगर छोटी-छोटी समस्याओं के लिए हमें मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जी के पास जाना पड़ेगा, तो ऐसे अधिकारियों को कुर्सी छोड़ देनी चाहिए।”

*प्रशासन को 2 दिन का अल्टीमेटम*
प्रतिनिधि मंडल ने प्रशासन को 2 दिन का अल्टीमेटम दिया है। पार्षद ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि दो दिनों के भीतर जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया तो वे HRDA कार्यालय के बाहर धरना देंगे, पुतला फूंकेंगे और बड़ा आंदोलन करेंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि इस जलभराव के कारण किसी बच्चे या बुजुर्ग के साथ कोई अप्रिय घटना होती है, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। इसके लिए जरूरत पड़ी तो हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक भी जाया जाएगा।