पूर्व मुख्यमंत्री के तत्कालीन OSD चंदन सिंह जीना के आवास पर ED कार्रवाई के बाद बढ़ी राजनीतिक हलचल, कांग्रेस नेता ने लगाए साजिश के आरोप…
देहरादून/हरिद्वार, 14 सितम्बर ।
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के तत्कालीन OSD चंदन सिंह जीना के आवास पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई के बाद उत्तराखंड के राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। ED की कार्रवाई के बाद पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत द्वारा कांग्रेस के दो महत्वपूर्ण संगठनात्मक पदों से इस्तीफा देने की इच्छा जाहिर किए जाने से इस पूरे घटनाक्रम ने सियासी चर्चाओं को और हवा दे दी।
मामले को लेकर जहां राजनीतिक दल और नेता अपने-अपने नजरिए से घटनाक्रम को देख रहे हैं, वहीं इन तमाम सवालों के बीच वरिष्ठ कांग्रेस नेता महेश प्रताप सिंह राणा ने MH7 न्यूज़ से खास बातचीत में पूरे मामले पर कांग्रेस का पक्ष रखा।
“आरोप निराधार, हरीश रावत कर्मठ और निष्ठावान नेता”
महेश प्रताप सिंह राणा ने बातचीत के दौरान हरीश रावत पर लगाए जा रहे आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने कहा कि हरीश रावत लंबे समय से राजनीति में सक्रिय रहे हैं और उन्होंने प्रदेश की जनता के लिए एक कर्मठ, ईमानदार और निष्ठावान नेता के तौर पर काम किया है।
उन्होंने कहा कि किसी भी कार्रवाई या आरोप के आधार पर राजनीतिक निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी। उनका कहना था कि पूरे मामले को तथ्यों और जांच के अंतिम निष्कर्ष के आधार पर ही देखा जाना चाहिए।
2027 के विधानसभा चुनाव से पहले सियासी तापमान बढ़ा
ED की कार्रवाई और उसके बाद हरीश रावत के संगठनात्मक पदों से इस्तीफे की इच्छा ने ऐसे समय में राजनीतिक तापमान बढ़ाया है, जब उत्तराखंड में 2027 के विधानसभा चुनावों को लेकर राजनीतिक दल अपनी रणनीतियां तैयार करने में जुटे हैं।
महेश प्रताप सिंह राणा ने बातचीत में वर्तमान सरकार (भाजपा) पर भी निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि 2027 के विधानसभा चुनाव में हरिद्वार की राजनीतिक तस्वीर बदल सकती है और भाजपा का सियासी समीकरण प्रभावित हो सकता है।
“हरिद्वार में इस बार भाजपा का सियासी आसन हिल रहा है”
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि हरिद्वार में कांग्रेस की राजनीतिक स्थिति मजबूत होने की वजह से भाजपा दबाव महसूस कर रही है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस को रोकने के लिए राजनीतिक स्तर पर तरह-तरह के प्रयास किए जा रहे हैं और मौजूदा घटनाक्रम को भी इसी राजनीतिक परिप्रेक्ष्य में देखा जाना चाहिए।
हालांकि, ED की कार्रवाई और जांच से जुड़े आरोपों पर अंतिम स्थिति जांच पूरी होने और आधिकारिक निष्कर्ष सामने आने के बाद ही स्पष्ट होगी। भाजपा की ओर से इन राजनीतिक आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया सामने आती है, यह भी आने वाले दिनों में महत्वपूर्ण रहेगा।
हरीश रावत प्रकरण पर कांग्रेस का क्या रुख होगा?
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि ED की कार्रवाई के बाद हरीश रावत का अगला राजनीतिक कदम क्या होगा और कांग्रेस संगठन इस पूरे घटनाक्रम को किस तरह संभालता है।
दूसरी ओर, 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले हरिद्वार की राजनीति में कांग्रेस और भाजपा के बीच बढ़ती बयानबाजी आने वाले समय में और तेज होने की संभावना है।
MH7 न्यूज़ से खास बातचीत में महेश प्रताप सिंह राणा के बयान ने इस पूरे मामले को एक नया राजनीतिक एंगल जरूर दे दिया है। अब निगाहें जांच की आगे की कार्रवाई, भाजपा की प्रतिक्रिया और कांग्रेस की आगामी रणनीति पर टिकी हैं।