हरिद्वार, 26 अगस्त 2026।
उत्तराखंड पुलिस मुख्यालय देहरादून की ओर से साइबर अपराध के हॉटस्पॉट और संभावित हॉटस्पॉट चिन्हित कर उनके विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत हरिद्वार पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। कोतवाली श्यामपुर पुलिस ने संगठित साइबर फ्रॉड नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक प्रारंभिक जांच में आरोपियों से जुड़े बैंक खातों में ₹2.75 करोड़ से अधिक के संदिग्ध डिजिटल लेन-देन के सुराग सामने आए हैं।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 35 ATM/डेबिट कार्ड, 14 बैंक पासबुक, 17 SIM कार्ड, 18 मोबाइल फोन, 2 लैपटॉप, एक लैपटॉप चार्जर, 10 ATM कवर, PAN कार्ड और ₹37,500 की नकदी बरामद की है। बरामदगी के बाद पुलिस को इस नेटवर्क के कई राज्यों और विभिन्न बैंकों से जुड़े होने के महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं।
रात में संदिग्ध Swift कार की चेकिंग से खुला राज
पुलिस के अनुसार 25/26 अगस्त 2026 की रात को कोतवाली श्यामपुर पुलिस क्षेत्र में शांति व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और संदिग्ध व्यक्तियों एवं वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान सज्जनपुर पीली क्षेत्र में मुखबिर से सूचना मिली कि एक सफेद रंग की Swift कार में साइबर फ्रॉड से जुड़े कुछ व्यक्ति मौजूद हैं।
सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने रसियाबड़ सिंगल लाइन प्वाइंट पर चेकिंग शुरू की। कुछ देर बाद चिड़ियापुर की ओर से आती Swift कार संख्या UK-08AF-0560 को रोककर तलाशी ली गई। कार में सवार पांच व्यक्तियों और वाहन की तलाशी के दौरान एक पिठ्ठू बैग से बड़ी मात्रा में बैंकिंग और डिजिटल सामग्री बरामद हुई।
एक बैग में मिला साइबर फ्रॉड का पूरा सेटअप
पुलिस की बरामदगी में 35 ATM/डेबिट कार्ड, 14 बैंक पासबुक, 17 मोबाइल SIM, 18 मोबाइल फोन और दो लैपटॉप शामिल हैं। इसके अलावा ₹37,500 नकद, 10 ATM कवर, PAN कार्ड और लैपटॉप चार्जर भी बरामद किया गया।
बरामद पासबुकों में Central Bank of India, Indian Overseas Bank, SBI, UCO Bank, Bank of Maharashtra, Indian Bank और The Nainital Bank Ltd. समेत कई बैंकों के खाते मिले हैं। इन खातों की जानकारी ऋषिकेश, हरिद्वार, कनखल, देहरादून और आसपास के क्षेत्रों से जुड़ी बताई गई है।
वहीं ATM/डेबिट कार्डों में Union Bank, Bank of Maharashtra, Indian Overseas Bank, Uttarakhand Gramin Bank, Nainital Bank, Canara Bank, Punjab National Bank, Central Bank of India, Indian Bank, UCO Bank, Bank of Baroda, City Union Bank और HDFC Bank समेत कई बैंकों के कार्ड पाए गए हैं।
WhatsApp चैट से मिले मनी ट्रेल के अहम सुराग
पुलिस के मुताबिक बरामद मोबाइल फोन के प्रारंभिक परीक्षण में WhatsApp चैट, बैंक खाता नंबर, खाताधारकों के नाम, QR Code और लेन-देन से संबंधित बातचीत के महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं। मोबाइल की गैलरी में विभिन्न बैंक पासबुक और खातों से जुड़े दस्तावेजों की तस्वीरें भी मिली हैं।
प्रारंभिक बैंकिंग एवं डिजिटल विश्लेषण में ₹2.75 करोड़ से अधिक के संदिग्ध डिजिटल लेन-देन के सुराग सामने आए हैं। पुलिस अब संबंधित बैंक खातों की स्टेटमेंट, KYC, ट्रांजैक्शन हिस्ट्री और डिजिटल साक्ष्यों का विस्तृत विश्लेषण कर रही है। जांच पूरी होने के बाद वास्तविक साइबर अपराध राशि और पूरी मनी ट्रेल स्पष्ट होने की उम्मीद है।
म्यूल खातों से ATM तक पहुंचती थी साइबर ठगी की रकम
पूछताछ में पुलिस को पता चला कि आरोपी कथित तौर पर स्थानीय लोगों से बैंक खाते, पासबुक, ATM कार्ड और SIM प्राप्त करते थे। इन खातों के ATM PIN और UPI ID का एक्सेस अपने पास रखने के बाद साइबर अपराध से प्राप्त रकम को अलग-अलग खातों में ट्रांसफर किया जाता था।
पुलिस के अनुसार रकम को म्यूल अकाउंट → UPI ट्रांसफर → दूसरे खाते → ATM/CDM → नकदी के जरिए निकालकर नेटवर्क में शामिल लोगों के बीच कमीशन के रूप में बांटा जाता था।
इससे संकेत मिलता है कि नेटवर्क में बैंक खाते उपलब्ध कराने वालों से लेकर रकम निकालने और आगे पहुंचाने वालों तक अलग-अलग स्तर पर लोग जुड़े हुए थे।
नालंदा-नवादा से हरिद्वार तक फैले नेटवर्क की जांच
गिरफ्तार आरोपियों में अधिकांश बिहार के नालंदा और नवादा जिले के रहने वाले हैं। पुलिस पूछताछ में बिहार क्षेत्र से जुड़े अन्य लोगों द्वारा बैंक खाते उपलब्ध कराने और साइबर फ्रॉड की रकम से संबंधित जानकारी सामने आने की बात कही गई है।
पुलिस अब ऐसे सभी संदिग्ध व्यक्तियों की भूमिका की जांच कर रही है। साथ ही यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि इस नेटवर्क के पीछे मुख्य संचालक कौन हैं और इससे कितने म्यूल बैंक खाते जुड़े हुए हैं।
गिरफ्तार पांच आरोपी की पहचान
- कृष्णा पाण्डे, उम्र 24 वर्ष, नालंदा, बिहार
- निरंजन कुमार, उम्र 24 वर्ष, नवादा, बिहार
- सन्नी, उम्र 21 वर्ष, हरिद्वार
- चन्द्रमणि कुमार, उम्र 24 वर्ष, नवादा, बिहार
- चन्दन पाण्डे, उम्र 20 वर्ष, हरिद्वार
BNS और IT Act की धाराओं में कार्रवाई
पुलिस ने आरोपियों के विरुद्ध धारा 318(4), 317(2), 3(5) BNS एवं धारा 66C, 66D IT Act के तहत वैधानिक कार्रवाई की है। बरामद मोबाइल फोन और लैपटॉप का विस्तृत डिजिटल परीक्षण न्यायालय की अनुमति के बाद किया जाएगा।
पुलिस बैंक खातों और डिजिटल साक्ष्यों का विश्लेषण कर अन्य साइबर अपराधियों, म्यूल अकाउंट धारकों और नेटवर्क के मुख्य संचालकों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।
एसएसपी का स्पष्ट संदेश
हरिद्वार पुलिस के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने कहा कि साइबर अपराधी कहीं भी छिपे हों, पुलिस उनके नेटवर्क तक पहुंचकर उन्हें कानून के शिकंजे में लाएगी। उन्होंने बताया कि साइबर अपराध के नेटवर्क को तोड़ने के लिए पुलिस की बड़ी टीम लगातार काम कर रही है।
कार्रवाई में शामिल पुलिस टीम
इस कार्रवाई में SP City अभय सिंह, CO City शिशुपाल नेगी, CO साइबर क्राइम/भगवानपुर सुमित पाण्डे, थानाध्यक्ष नितेश शर्मा, SSI मनोज रावत, SI देवेंद्र तोमर, SI मोहन कठैत, SI गगन मैठाणी, ASI रविन्द्र गौड़, ASI देवेंद्र यादव, हेड कांस्टेबल नरेंद्र सिंह नेगी सहित कोतवाली श्यामपुर, SOG हरिद्वार और होमगार्ड के जवान शामिल रहे।
हरिद्वार पुलिस की कार्रवाई ने एक बार फिर यह संकेत दिया है कि साइबर अपराध का नेटवर्क चाहे कितनी भी परतों में क्यों न छिपा हो, बैंकिंग रिकॉर्ड, डिजिटल साक्ष्य और तकनीकी जांच के जरिए उसकी कड़ियों तक पहुंचा जा सकता है।