गुरुकुल कांगड़ी सम विश्वविद्यालय में छात्रों का अनिश्चितकालीन अनशन,सामने आया विश्वविद्यालय प्रशासन का पक्ष…
छात्रों के आरोपों, प्रशासन के पक्ष और इस पूरे विवाद की वास्तविक स्थिति को समझने के लिए देखिए यह पूरी रिपोर्ट।
हरिद्वार, 13 अक्टूबर 2026।
गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय में अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठे छात्रों का मामला MH7 न्यूज़ द्वारा प्रमुखता से उठाए जाने के बाद अब विश्वविद्यालय प्रशासन का पक्ष भी सामने आया है।
पिछली खबर में अनशनकारी छात्रों ने अपनी मांगें और समस्याएं रखी थीं। उस दौरान कुलपति और कुलसचिव से बातचीत नहीं हो सकी थी, जिससे विश्वविद्यालय का पक्ष सामने नहीं आ पाया था। इस स्थिति से पत्रकारों में भी नाराजगी थी।
सोमवार को Ganga News24 और MH7 न्यूज़ ने विश्वविद्यालय प्रशासन से संपर्क कर उसका पक्ष जानने की कोशिश की। कुलपति (प्रो.प्रतिभा मेहता लूथरा) के नेतृत्व में कुलसचिव डॉ सत्यदेव निगमालंकार ने मीडिया के सामने अपनी बात रखी और मामले पर प्रशासन का रुख स्पष्ट किया।

कुलसचिव ने बताया कि छात्रों की कुल 21 मांगों में से 18 मांगें विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा मान ली गई हैं। वहीं, तीन मांगें ऐसी हैं जो भारत सरकार के अधीन आती हैं और जिन पर निर्णय लेने का अधिकार विश्वविद्यालय प्रशासन के पास नहीं है। प्रशासन का कहना है कि इन मांगों को संबंधित स्तर पर भेजने और समाधान के लिए आवश्यक प्रयास किए जा रहे हैं।
हालांकि, इन 18 मांगों के माने जाने और तीन मांगों के भारत सरकार के अधीन होने की जानकारी सामने आने के बावजूद छात्र अनशन समाप्त करने के लिए तैयार नहीं हैं। छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी सभी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। ऐसे में प्रशासन के प्रयासों और छात्रों के रुख के बीच गतिरोध बना हुआ है।
लेकिन अब सबसे अहम सवाल यह है – जब छात्रों की 21 में से 18 मांगें मान ली गई हैं और शेष तीन मांगें भारत सरकार के अधीन हैं, तो क्या बातचीत के जरिए इस गतिरोध का समाधान निकलेगा? क्या छात्र प्रशासन के आश्वासन पर अनशन समाप्त करेंगे, या अनिश्चितकालीन अनशन आगे भी जारी रहेगा?