समयसीमा में गुणवत्तापूर्ण निर्माण पूरा करने के निर्देश, रात्रिकालीन शिफ्ट और संसाधनों की उपलब्धता पर भी रहेगी पैनी नजर…
घाटों, पुलों, सड़कों, चौराहों और पैदल मार्गों को व्यवस्थित बनाने पर जोर; श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुगम आवागमन और शहर के सौंदर्यीकरण को प्राथमिकता…
हरिद्वार, 15 अक्टूबर 2026।
विश्व प्रसिद्ध कुंभ मेला-2027 के भव्य, सुव्यवस्थित और सफल आयोजन की तैयारियों को गति देने के लिए हरिद्वार में अवस्थापना विकास से जुड़े निर्माण कार्यों की निगरानी तेज कर दी गई है। कुंभ मेले में देश-विदेश से आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं की संभावित आवाजाही, यातायात के बढ़ते दबाव और जन-सुविधाओं की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए मेला प्रशासन निर्माण कार्यों को निर्धारित समयसीमा में पूरा कराने के लिए सक्रिय हो गया है। इसी क्रम में मेलाधिकारी श्रीमती सोनिका ने बुधवार को नगर के विभिन्न प्रमुख क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण कर निर्माण कार्यों की प्रगति, गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी कार्य तय समयसीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरे किए जाएं और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त न की जाए।
कुंभ मेला-2027 को लेकर हरिद्वार में सड़कों के सुधार, चौराहों के विकास, घाटों एवं पुलों के निर्माण, फुटपाथ और पैदल मार्गों के सुदृढ़ीकरण, शहर के सौंदर्यीकरण तथा श्रद्धालुओं की सुविधाओं के विस्तार से संबंधित विभिन्न कार्य किए जा रहे हैं। इन कार्यों का उद्देश्य केवल शहर की आधारभूत सुविधाओं को बेहतर बनाना ही नहीं, बल्कि कुंभ के दौरान श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित आवागमन उपलब्ध कराना भी है। इसी आवश्यकता को देखते हुए मेला प्रशासन ने निर्माण कार्यों की नियमित समीक्षा और बहुस्तरीय निगरानी व्यवस्था को और प्रभावी बनाने पर जोर दिया है।
शंकराचार्य चौक से मालवीय चौक तक विकास कार्यों का निरीक्षण
मेलाधिकारी श्रीमती सोनिका ने अपने निरीक्षण की शुरुआत शंकराचार्य चौक से मालवीय चौक तक चल रहे निर्माण एवं सुधार कार्यों से की। इस क्षेत्र में सड़क सुधार, चौराहों के विकास, फुटपाथ निर्माण, मीडियन के व्यवस्थित निर्माण, सौंदर्यीकरण और जन-सुविधाओं के विस्तार से जुड़े कार्यों की प्रगति का जायजा लिया गया।
निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त श्री नंदन कुमार, एचआरडीए के सचिव श्री प्रत्यूष सिंह और लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता श्री डीपी सिंह सहित संबंधित अधिकारियों के साथ कार्यों की वर्तमान स्थिति तथा आगामी कार्ययोजना पर चर्चा की गई। मेलाधिकारी ने मौके पर अधिकारियों से निर्माण की प्रगति और स्थलीय निरीक्षण की स्थिति की जानकारी लेते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
उन्होंने सड़कों के बीच अथवा अन्य स्थानों पर बेतरतीब खड़े और क्षतिग्रस्त पोलों को हटाने के निर्देश दिए, ताकि यातायात व्यवस्था में बाधा न आए और सड़कें अधिक व्यवस्थित दिखाई दें। इसके साथ ही जन-सुविधाओं को सुव्यवस्थित एवं सुदृढ़ बनाने और पैदल चलने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर भी विशेष जोर दिया गया।
माया देवी मंदिर से गुजरांवाला चौक तक व्यवस्थाओं की समीक्षा
इसके बाद मेलाधिकारी ने जिलाधिकारी श्री मयूर दीक्षित के साथ माया देवी मंदिर क्षेत्र से वाल्मीकि चौक होते हुए गुजरांवाला चौक तक भ्रमण किया। इस दौरान सड़क सुधार, स्वच्छता और कुंभ मेले के दृष्टिगत आवश्यक व्यवस्थाओं की मौके पर समीक्षा की गई।
अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि संबंधित क्षेत्रों में आवश्यक सुधार कार्य समय से पूरे किए जाएं, ताकि कुंभ के दौरान बढ़ने वाली श्रद्धालुओं की आवाजाही को ध्यान में रखते हुए व्यवस्थाएं पहले से दुरुस्त रहें। मेला प्रशासन का जोर है कि प्रमुख धार्मिक स्थलों और उनसे जुड़ने वाले मार्गों पर स्वच्छता, आवागमन और बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाया जाए।
मेलाधिकारी ने गुजरांवाला धर्मशाला से शिवमूर्ति चौक तक की आंतरिक गलियों का भी निरीक्षण किया। यहां आवश्यक सुधार और जन-सुविधाओं से संबंधित व्यवस्थाओं पर अधिकारियों के साथ विचार-विमर्श किया गया। शिवमूर्ति चौक क्षेत्र में चल रहे सड़क सुधार, फुटपाथ निर्माण और सौंदर्यीकरण के कार्यों की समीक्षा करते हुए उन्होंने सभी कार्य अविलंब पूरा करने के निर्देश दिए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्माण कार्य केवल औपचारिकता पूरी करने के लिए नहीं, बल्कि शहर की वास्तविक आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर किए जाने चाहिए। सड़कों और फुटपाथों पर अतिक्रमण रोकने के लिए संबंधित विभागों को निरंतर प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए, ताकि पैदल यात्रियों को निर्बाध रास्ता मिल सके और यातायात व्यवस्था सुचारु बनी रहे।
मनसा देवी मार्ग पर श्रद्धालुओं की सुविधा को प्राथमिकता
निरीक्षण के अगले चरण में मेलाधिकारी ने भगत सिंह चौक और बिल्केश्वर क्षेत्र से मनसा देवी मार्ग तक चल रहे फुटपाथ निर्माण कार्यों का जायजा लिया। इसके साथ ही मनसा देवी पैदल मार्ग के सुदृढ़ीकरण से जुड़े कार्यों का भी स्थलीय निरीक्षण किया गया।
मनसा देवी मंदिर मार्ग पर श्रद्धालुओं की आवाजाही को देखते हुए पैदल मार्गों का सुरक्षित और सुगम होना महत्वपूर्ण है। इसी उद्देश्य से अधिकारियों को निर्माण कार्य निर्धारित समयसीमा में पूरा करने और गुणवत्ता के मानकों का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए गए।
प्रशासन की प्राथमिकता है कि कुंभ के दौरान श्रद्धालुओं को आवागमन में अनावश्यक कठिनाइयों का सामना न करना पड़े। इसके लिए पैदल मार्गों, फुटपाथों और प्रमुख संपर्क मार्गों को व्यवस्थित बनाने के साथ-साथ निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर रहेगी पैनी नजर
मेलाधिकारी श्रीमती सोनिका ने निरीक्षण के दौरान निर्माण कार्यों की निगरानी के लिए निर्धारित बहुस्तरीय व्यवस्था के अनुपालन की भी पड़ताल की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक निर्माण कार्य की प्रगति और गुणवत्ता पर निरंतर नजर रखी जाए तथा निरीक्षण से संबंधित रिपोर्ट नियमित रूप से उपलब्ध कराई जाए।
उन्होंने कार्यदायी संस्थाओं द्वारा कार्यस्थलों पर पर्याप्त श्रमिकों, मशीनों और अन्य आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया। इसके साथ ही रात्रिकालीन शिफ्ट में संचालित किए जा रहे निर्माण कार्यों की स्थिति की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए गए।
मेलाधिकारी ने कहा कि निर्माण कार्यों की गति बढ़ाने के लिए उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग आवश्यक है। कार्यस्थलों पर संसाधनों की कमी के कारण काम प्रभावित न हो और निर्धारित समयसीमा का पालन सुनिश्चित किया जाए। रात्रिकालीन कार्यों की प्रगति, निर्माण की गुणवत्ता और कार्यदायी संस्थाओं की तैयारियों की नियमित निगरानी कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने को भी कहा गया।
इस व्यवस्था का उद्देश्य निर्माण कार्यों में होने वाली देरी की समय रहते पहचान करना, आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाना और सभी संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करना है।
कुंभ नगरी की गरिमा के अनुरूप विकसित हों सड़कें और जन-सुविधाएं
मेलाधिकारी ने निर्देश दिए कि हरिद्वार में चल रहे सभी निर्माण कार्य गुणवत्तापूर्ण होने के साथ-साथ आकर्षक और कुंभ नगरी की गरिमा एवं आवश्यकताओं के अनुरूप होने चाहिए। सड़कें, चौराहे, फुटपाथ और पैदल मार्ग इस प्रकार विकसित किए जाएं कि श्रद्धालुओं को सुविधा मिले और शहर की यातायात व्यवस्था भी बेहतर हो।
कुंभ जैसे विशाल धार्मिक आयोजन में आधारभूत सुविधाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में समय पर निर्माण पूरा होने के साथ उसकी गुणवत्ता, उपयोगिता और सुव्यवस्थित रखरखाव भी जरूरी है। मेला प्रशासन की ओर से निर्माण कार्यों की नियमित समीक्षा और स्थलीय निरीक्षण को इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
निरीक्षण के दौरान पीआईयू के अधिशासी अभियंता श्री प्रवीण कुश, लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता श्री योगेश कुमार सहित संबंधित विभागों के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
अपर मेलाधिकारी ने खड़खड़ी क्षेत्र में निर्माण कार्यों का लिया जायजा
कुंभ मेला-2027 की तैयारियों के अंतर्गत अपर मेलाधिकारी श्री दयानंद सरस्वती ने भी बुधवार को खड़खड़ी क्षेत्र में निर्माणाधीन पुल तथा पुराने दिल्ली-नीति पास मार्ग पर चल रहे सड़क सुधार और फुटपाथ निर्माण कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया।
उन्होंने संबंधित कार्यदायी संस्थाओं के अधिकारियों से निर्माण कार्यों की वर्तमान प्रगति की जानकारी लेते हुए सभी कार्य निर्धारित समयसीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए। निरीक्षण का उद्देश्य निर्माण कार्यों की वास्तविक स्थिति का आकलन करना और समयबद्ध तरीके से आवश्यक सुधार सुनिश्चित करना रहा।
समयबद्ध तैयारियों से बेहतर व्यवस्थाओं की उम्मीद
कुंभ मेला-2027 के आयोजन को सफल बनाने के लिए हरिद्वार में विभिन्न विभागों के स्तर पर विकास एवं निर्माण कार्यों को गति दी जा रही है। मेलाधिकारी और अपर मेलाधिकारी के स्थलीय निरीक्षण से स्पष्ट है कि प्रशासन निर्माण कार्यों की प्रगति, गुणवत्ता, संसाधनों की उपलब्धता और निगरानी व्यवस्था पर विशेष ध्यान दे रहा है।
अब इन निर्देशों के प्रभावी क्रियान्वयन और निर्धारित समयसीमा के भीतर कार्यों को पूरा करना संबंधित विभागों एवं कार्यदायी संस्थाओं के लिए महत्वपूर्ण होगा। यदि निर्माण कार्य तय समय पर गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरे होते हैं, तो कुंभ के दौरान श्रद्धालुओं के आवागमन, यातायात प्रबंधन और जन-सुविधाओं को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। साथ ही इन विकास कार्यों से हरिद्वार के नागरिकों को भी लंबे समय तक बेहतर आधारभूत सुविधाओं का लाभ मिलने की उम्मीद है।